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हिरहायशी इलाके में घुसे तेंदुए ने छह लोगों को किया घायल

Thu, 19 Apr 2018 12:06 AM IST
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:06 AM IST
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हिरहायशी इलाके में घुसे तेंदुए ने छह लोगों को किया घायल
तेंदुए के हमले में रेंजर और वन दरोगा समेत छह जख्मी
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गोंडा। टिकरी जंगल से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित हरिहरपुर में बुधवार को घुसे एक तेंदुए ने रेंजर और वन दारोगा सहित छह लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। दो लोगों को फैजाबाद अस्पताल में भेजा गया जिसमें से एक व्यक्ति को गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया।

मौके पर डीएफओ टी. रंगाराजू के साथ वन रेंज पंडरीकृपाल, सादुल्लानगर व तरबगंज के वनकर्मी लगातार तेंदुए की कांबिंग में जुटे हैं। तेेंदुए को पकड़ने के लिए एक जाल भी लगाया गया है। वन विभाग की टीम ने 12 राउंड फायरिंग भी की, लेकिन देरशाम समाचार भेजे जाने तक वन विभाग के हाथ नहीं आ सका।
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बुधवार की सुबह हरिहरपुर गांव में रहने वाले नवमीराम (15) अपना परवल का खेत देखने गए थे। यह जैसे ही खेत के पास पहुंचे कि घात लगाकर बैठे लकड़बग्घे ने उनके ऊपर हमला बोल दिया। जिसमें उनके सिर व हाथ में गंभीर चोट आने पर इलाज के लिए फैजाबाद में भर्ती कराया गया है।
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नवमीराम पर हुए हमले के बाद हरिहरपुर गांव से दर्जनों की संख्या में लोग उनके खेत के पास पहुंचे। जिसके बाद तेंदुआ झाड़ियों में छुपकर बैठ गया और बारी-बारी से देवा (15) व राजकिशोर (25) पर पीछे से हमला बोल दिया। जिसमें दोनों लहूलुहान हो गए।

देर शाम को जैसे ही थोड़ा अंधेरा हुआ तो तेंदुए की तलाश में कांबिंग कर रहे अफसर थोडे़ से गफलत में आ गए। इसी बीच तेंदुए ने खेतों से निकलकर वनकर्मियों पर हमला कर दिया। तेंदुए ने एसडीओ जगदीश राय, वनदरोगा आज्ञाराम मौर्या व एक अन्य कर्मचारी को पंजा मारकर घायल कर दिया और खेतों में जाकर छिप गया।

तेंदुए के हमले से बचने के लिए वनकर्मियों ने 12 राउंड फायरिंग की मगर तेंदुआ उनकी अंाखों से ओझल हो गया। तेंदुआ अब भी खेत में छिपा हुआ है और वन विभाग की टीम के साथ पुलिस की टीम भी कांबिंग में डटी हुई है। घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना पर मंत्री रमापति शास्त्री ने प्रमुख सचिव वन से बात कर लखनऊ से टीम भेजने को कहा। उन्होंने तत्काल टीम भेज कर तेंदुए के आतंक से मुक्ति दिलाने को कहा है।

हरिहरपुर गांव में नवमीराम पर हमला किए जाने के बाद गांव के सारे लोग लाठी, डंडा भाले के साथ उस आदमखोर की तलाश कर रहे थे तभी उसने पीछे से आकर देवा (15) पर हमला बोल दिया। देवा पलटा ही था कि उसने अपने हाथ के दोनों नाखून देवा के पेट में गड़ा दिए।

यह देखने वाले कुछ लोगों ने उसे पहले तेंदुआ बताया तो बाद में बाघ। लेकिन ठीक से जानकारी करने पर पता चला है कि वह कुत्ते से कुछ बड़े आकार वाला काला चित्तीदार जानवर है। सुबह जब ग्रामीणों ने उसे तेंदुुआ बताया तो वन विभाग ने बात को नकार दिया और उसे लकड़बग्घा बताते रहे।

बुधवार की शाम को तेंदुए की तलाश में जुटी टीम के साथ डीएफओ टी रंगाराजू भी हरिहरपुर गांव में मौजूद थे। मगर शाम को जैसे ही तेंदुआ खेत से निकला और वन विभाग के कर्मचारियों की तरफ लपका वैसे ही डीएफओ अपने कर्मचारियों का साथ छोड़कर भाग खडे़ हुए और जाकर अपनी गाड़ी में छिप गए।


मैं खुद अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर हूं, मेरी बात अभी वाइल्ड लाइफ के लोगों से हुई है, जरूरत पड़ने पर उनकी पूरी मदद ली जाएगी। जानकारी के हिसाब से वह तेंदुआ नहीं बल्कि लकड़बग्घा है। उसे पकड़ने के लिए जाल लगा दिया गया है। तीन रेंजों के वनकर्मी कांबिंग कर रहे हैं।
-टी.रंगाराजू, डीएफओ
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