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कार लूटने के लिए इरफान को मार डाला
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फोटो-7-गोंडा के नगर कोतवाली में हत्यारोपियों के बारे में जानकारी देते एएसपी शिवराज। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। उत्तराखंड के बदमाशों ने कार लूटने के इरादे से चालक इरफान की हत्या की थी। वारदात के बाद नवाबगंज में दुल्लापुर गांव की सीमा पर नकहापुल के नीचे नाले में शव फेंककर बदमाश भाग गए थे। मगर कार में तेल खत्म होने के कारण गोंडा रेलवे स्टेशन के पुराने साइकिल स्टैंड के पास खड़ी करके भाग गए थे। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से वारदात का खुलासा कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।
महराजगंज जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र के कोल्हुई गांव निवासी इरफान अपने गांव के ही वीरेंद्र सिंह की कार चलाता था। वह 26 सितंबर की देर शाम गोरखपुर से नौ हजार रुपये भाड़े पर सवारियां लेकर लखनऊ रवाना हुआ था। तभी से वह लापता हो गया था। 27 सितंबर की शाम गोंडा रेलवे स्टेशन के पुराने साइकिल स्टैंड के पास वीरेंद्र की कार लावारिस खड़ी मिली थी। पुलिस ने छानबीन की तो कार में खून के धब्बे और एक की-पैड मोबाइल फोन व नेपाल का भनसार मिला था। मामले में नजीर अहमद ने नगर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
30 सितंबर को नवाबगंज थाना क्षेत्र में दुल्लापुर गांव के पास नकहा पुल के नीचे नाले में एक युवक का शव उतराता मिला था। नगर कोतवाली पुलिस की सूचना पर नजीर अहमद ने शव की पहचान कपड़ों व चेहरे पर निशान से अपने भाई इरफान के रूप में की थी। एएसपी शिवराज ने बताया कि सर्विलांस टीम की मदद से कवल सिंह निवासी रोशनपुर पोस्ट गुलाभोज, थाना गदरपुर, जनपद उधम सिंह नगर उत्तराखंड व टोनी शेरगिल उर्फ श्रवण सिंह निवासी वार्ड नंबर तीन दिनेशपुर थाना दिनेशपुर, उधम सिंह नगर को जाफराबाद उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। दोनों बदमाशों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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एएसपी के मुताबिक कार चालक इरफान के मोबाइल फोन में पैसा खत्म हो गया था। उसने कवल सिंह से फोन मांगकर अपने साथी चालक अमजद को फोन कर बताया था कि वह सवारी लेकर लखनऊ जा रहा है, उसके घरवालों को बता दे। एएसपी के मुताबिक पकड़े गए कवल सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह अपने दो साथियों संग गोरखपुर आया था। यहां पैसे खत्म होने पर कार लूटने के इरादे से इरफान की कार नौ हजार रुपये भाड़े पर लखनऊ के लिए बुक कराई थी। बस्ती जनपद पार करने के बाद गोंडा की सीमा में पहुंचने पर गला घोंटकर इरफान की हत्या कर दी और शव सरयू नदी में फेंकने के इरादे से अयोध्या पहुंच गए। मगर वहां भीड़ होने के कारण वापस लौटकर नवाबगंज में दुल्लापुर के पास नकहा पुल के नाले में शव फेंककर रेलवे स्टेशन पहुंचे। मगर तेल खत्म हो जाने के कारण कार वहीं छोड़कर भाग गए थे। एएसपी ने बताया कि कवल सिंह समेत तीनों बदमाश भागकर टोनी के घर में ही ठहरे थे। टोनी ही साथी बदमाशों को मोबाइल पर लीड कर रहा था। मामले में फरार दो अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।
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महराजगंज जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र के कोल्हुई गांव निवासी इरफान अपने गांव के ही वीरेंद्र सिंह की कार चलाता था। वह 26 सितंबर की देर शाम गोरखपुर से नौ हजार रुपये भाड़े पर सवारियां लेकर लखनऊ रवाना हुआ था। तभी से वह लापता हो गया था। 27 सितंबर की शाम गोंडा रेलवे स्टेशन के पुराने साइकिल स्टैंड के पास वीरेंद्र की कार लावारिस खड़ी मिली थी। पुलिस ने छानबीन की तो कार में खून के धब्बे और एक की-पैड मोबाइल फोन व नेपाल का भनसार मिला था। मामले में नजीर अहमद ने नगर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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30 सितंबर को नवाबगंज थाना क्षेत्र में दुल्लापुर गांव के पास नकहा पुल के नीचे नाले में एक युवक का शव उतराता मिला था। नगर कोतवाली पुलिस की सूचना पर नजीर अहमद ने शव की पहचान कपड़ों व चेहरे पर निशान से अपने भाई इरफान के रूप में की थी। एएसपी शिवराज ने बताया कि सर्विलांस टीम की मदद से कवल सिंह निवासी रोशनपुर पोस्ट गुलाभोज, थाना गदरपुर, जनपद उधम सिंह नगर उत्तराखंड व टोनी शेरगिल उर्फ श्रवण सिंह निवासी वार्ड नंबर तीन दिनेशपुर थाना दिनेशपुर, उधम सिंह नगर को जाफराबाद उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। दोनों बदमाशों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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एएसपी के मुताबिक कार चालक इरफान के मोबाइल फोन में पैसा खत्म हो गया था। उसने कवल सिंह से फोन मांगकर अपने साथी चालक अमजद को फोन कर बताया था कि वह सवारी लेकर लखनऊ जा रहा है, उसके घरवालों को बता दे। एएसपी के मुताबिक पकड़े गए कवल सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह अपने दो साथियों संग गोरखपुर आया था। यहां पैसे खत्म होने पर कार लूटने के इरादे से इरफान की कार नौ हजार रुपये भाड़े पर लखनऊ के लिए बुक कराई थी। बस्ती जनपद पार करने के बाद गोंडा की सीमा में पहुंचने पर गला घोंटकर इरफान की हत्या कर दी और शव सरयू नदी में फेंकने के इरादे से अयोध्या पहुंच गए। मगर वहां भीड़ होने के कारण वापस लौटकर नवाबगंज में दुल्लापुर के पास नकहा पुल के नाले में शव फेंककर रेलवे स्टेशन पहुंचे। मगर तेल खत्म हो जाने के कारण कार वहीं छोड़कर भाग गए थे। एएसपी ने बताया कि कवल सिंह समेत तीनों बदमाश भागकर टोनी के घर में ही ठहरे थे। टोनी ही साथी बदमाशों को मोबाइल पर लीड कर रहा था। मामले में फरार दो अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।