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राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 41626 मामले
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फोटो-20-गोंडा के दीवानी न्यायालय परिसर में दीप जलाकर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करते जिला जज। -
- फोटो : GONDA
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गोंडा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ जिला जज ने किया। इसमें 41,626 मामलों का निस्तारण कर 19 लाख 22 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विश्वजीत सिंह ने बताया कि लोक अदालत के दौरान जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने 21, द्वितीय अपर जिला जज राजेश कुमार तृतीय ने पांच, चतुर्थ अपर जिला जज डॉ. अनामिका चौहान ने 28, अपर जिला जज एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ ने पांच, अपर जिला जज एफटीसी नवीन जितेंद्र गुप्ता ने एक वाद का निस्तारण किया। इसी प्रकार मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण की पीठासीन अधिकारी डॉ. अनुपमा गोपाल ने 46 मामलों का निस्तारण कर दो करोड़ 40 लाख 94 हजार 151 रुपये का प्रतिकर निर्धारित किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रीता गुप्ता ने 51, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अफ्शां ने 20 वादों का निस्तारण किया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिरकुमारित्वा ने 1702 वादों का निस्तारण कर आठ लाख 98 हजार 210 रुपये अर्थदंड, सिविल जज सीनियर डिवीजन अनुपम शौर्य ने 17 वाद निस्तारित कर एक करोड़ 81 लाख 20 हजार 164 का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। लोक अदालत के दौरान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुषमा ने 924, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय कृष्ण प्रताप सिंह ने 106 मामलों का निस्तारण किया। जबकि सिविल जज जूनियर डिवीजन अर्चना ने 14 मामलों का निस्तारण कर 23 लाख 13 हजार 513 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया।
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इसके अतिरिक्त जनपद के सभी विभागों के कुल 36,532 प्रीलिटीगेशन मामलों का निस्तारण करते हुए सात करोड़ 33 लाख 74 हजार 273 रुपये की समझौता राशि तय की गई। इसके अलावा अन्य न्यायिक अदालतों पर भी मामलों का निस्तारण करके अर्थदंड वसूले गए। इस मौके पर जनपद न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम समेत न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता व हजारों वादकारी उपस्थित रहे। (संवाद)
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विश्वजीत सिंह ने बताया कि लोक अदालत के दौरान जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने 21, द्वितीय अपर जिला जज राजेश कुमार तृतीय ने पांच, चतुर्थ अपर जिला जज डॉ. अनामिका चौहान ने 28, अपर जिला जज एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ ने पांच, अपर जिला जज एफटीसी नवीन जितेंद्र गुप्ता ने एक वाद का निस्तारण किया। इसी प्रकार मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण की पीठासीन अधिकारी डॉ. अनुपमा गोपाल ने 46 मामलों का निस्तारण कर दो करोड़ 40 लाख 94 हजार 151 रुपये का प्रतिकर निर्धारित किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रीता गुप्ता ने 51, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अफ्शां ने 20 वादों का निस्तारण किया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिरकुमारित्वा ने 1702 वादों का निस्तारण कर आठ लाख 98 हजार 210 रुपये अर्थदंड, सिविल जज सीनियर डिवीजन अनुपम शौर्य ने 17 वाद निस्तारित कर एक करोड़ 81 लाख 20 हजार 164 का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। लोक अदालत के दौरान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुषमा ने 924, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय कृष्ण प्रताप सिंह ने 106 मामलों का निस्तारण किया। जबकि सिविल जज जूनियर डिवीजन अर्चना ने 14 मामलों का निस्तारण कर 23 लाख 13 हजार 513 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया।
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इसके अतिरिक्त जनपद के सभी विभागों के कुल 36,532 प्रीलिटीगेशन मामलों का निस्तारण करते हुए सात करोड़ 33 लाख 74 हजार 273 रुपये की समझौता राशि तय की गई। इसके अलावा अन्य न्यायिक अदालतों पर भी मामलों का निस्तारण करके अर्थदंड वसूले गए। इस मौके पर जनपद न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम समेत न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता व हजारों वादकारी उपस्थित रहे। (संवाद)