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हत्यारोपी तीन गैंगस्टरों को 10 साल का कारावास
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गोंडा। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट डॉ. अनामिका चौहान ने चोरी के दौरान हत्या व गैंगस्टर एक्ट में आरोपी तीन अभियुक्तों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट उदय प्रताप वर्मा और दान बहादुर सिंह ने बताया कि प्रागदत्त उर्फ कन्नू निवासी गोसेंद्रपुर कोल्हुवा बंसवरिया ने इटियाथोक थाने में तहरीर देकर कहा कि 14 नवंबर 2009 की रात करीब 11.45 बजे कन्ने, चंपी निवासी ग्राम गोसेंद्रपुर कोल्हुवा थाना इटियाथोक व एक अन्य व्यक्ति उसके घर में चोरी करने के लिए घुसे। उसकी मां की नाक की कील व पायल निकाल लिया। मां के शोर पर आए बड़े पिता नानमून आरोपियों को पकड़ने लगे तो उनके सिर पर कुल्हाड़ी से मार दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने केस दर्जकर विवेचना की और रामकरन उर्फ कन्ने, चंपी व फेरे के खिलाफ पुलिस ने चोरी के दौरान हत्या, मारपीट, चोरी का समान बरामदगी और अपराध का संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य होने का साक्ष्य मिलने पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पुख्ता सबूत मिलने पर न्यायालय ने तीनों को दोषसिद्ध किया। विशेष न्यायाधीश तीनों को हत्या व गैंगस्टर अधिनियम में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट उदय प्रताप वर्मा और दान बहादुर सिंह ने बताया कि प्रागदत्त उर्फ कन्नू निवासी गोसेंद्रपुर कोल्हुवा बंसवरिया ने इटियाथोक थाने में तहरीर देकर कहा कि 14 नवंबर 2009 की रात करीब 11.45 बजे कन्ने, चंपी निवासी ग्राम गोसेंद्रपुर कोल्हुवा थाना इटियाथोक व एक अन्य व्यक्ति उसके घर में चोरी करने के लिए घुसे। उसकी मां की नाक की कील व पायल निकाल लिया। मां के शोर पर आए बड़े पिता नानमून आरोपियों को पकड़ने लगे तो उनके सिर पर कुल्हाड़ी से मार दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने केस दर्जकर विवेचना की और रामकरन उर्फ कन्ने, चंपी व फेरे के खिलाफ पुलिस ने चोरी के दौरान हत्या, मारपीट, चोरी का समान बरामदगी और अपराध का संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य होने का साक्ष्य मिलने पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पुख्ता सबूत मिलने पर न्यायालय ने तीनों को दोषसिद्ध किया। विशेष न्यायाधीश तीनों को हत्या व गैंगस्टर अधिनियम में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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