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Gonda News: संविदा कर्मियों की छंटनी पर साथी लामबंद

Mon, 03 Feb 2025 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 03 Feb 2025 11:01 PM IST
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Colleagues mobilized on retrenchment of contract workers
गोंडा। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी के आदेश पर देवीपाटन जोन में 55 साल की उम्र पार कर चुके संविदाकर्मियों की छंटनी शुरू हो गई है। मुख्य अभियंता ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को ऐसे कर्मियों की सूची बनाकर देने का निर्देश दिया है। हालांकि, अभी तक कर्मियों की सूची नहीं बन पाई है। उधर, वरिष्ठ साथियों के निकाले जाने की खबर पाकर संविदा साथी एकत्र हो गए। मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए कहा कि इस निर्णय का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र भेजा गया।
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी ने गत दिनों एक आदेश जारी किया है। इसमें 55 साल की उम्र पार कर चुके कुशल व अकुशल संविदा कर्मियों से बिजली लाइनों पर कार्य न कराए जाने की बात कही गई है। इस आदेश का अनुपालन शुरू कर दिया गया है। मुख्य अभियंता एमपी सिंह ने बताया कि एमडी का निर्देश मिला है। जोन के तीनों सर्किल से सूची मंगवाई जा रही है। हालांकि, सोमवार शाम तक सूची व संविदाकर्मियों की संख्या अधिकारी नहीं बता पाए।
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा व संविदा कर्मचारी संघ के मध्यांचल अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि निगम तानाशाही कर रहा है। 15-20 वर्षों से विभाग की सेवा में जुटे लोगों को किनारे करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इसका विरोध किया जाएगा। उन लोगों ने मुख्य अभियंता बिजली कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। जोन अध्यक्ष अतुल सिंह ने कहा कि मानक से कम कर्मचारियों को तैनात करके कार्य कराया जा रहा है। कुल संख्या के सापेक्ष करीब 40 प्रतिशत छंटनी की जा रही है। पूर्व में हुए समझौते का पालन भी नहीं किया जा रहा।
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इन मांगों पर भी नहीं हो रहा विचार
- आठ घंटे और 26 दिन के स्थान पर 12 घंटे और 30 दिन काम लिया रहा है।
- कार्य के दौरान करंट की चपेट में आने वाले कर्मियों को कैशलेस उपचार की सुविधा नहीं दी जा रही है।
- इलाज के अभाव में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की मृत्यु हो जाती है।
- दुर्घटना के शिकार कर्मचारियों की ओर से इलाज में खर्च की गई राशि को संविदाकारों की धनराशि से काटकर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
- ईपीएफ घोटाले की भी जांच नहीं कराई जा रही है।


संविदाकर्मियों को दिया समर्थन
उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन का यह फैसला गलत है। निजीकरण के विरोध में हम सभी खड़े हैं। अब 55 साल की उम्र वाले संविदाकर्मियों को हटाने का निर्देश दिया गया है। यह किसी भी दशा में उचित नहीं है। संयुक्त संघर्ष समिति में बात रखी गई है। मांगें नहीं मानी गईं तो जल्द ही आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
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