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Gonda News: रोली-चंदन का टीका लगा कल स्कूलों में होगा बच्चों का स्वागत
Sun, 30 Mar 2025 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 30 Mar 2025 11:09 PM IST
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गोंडा। एक अप्रैल को नए सत्र के पहले दिन बच्चों को रोली चंदन व टीका लगाकर परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का स्वागत होगा। जिले के सभी परिषदीय विद्यालय फूल-पत्तियों व गुब्बारों से सजाए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन के लिए अभियान चलाया जाएगा। प्रभात फेरी व रैली निकालकर बच्चों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए बीएसए की ओर से सभी एआरपी, एसआरजी व बीईओ को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एक अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। ऐसे में स्कूल चलो अभियान के तहत नामांकन के साथ ही प्रवेश प्रक्रिया पर जोर दिया जाएगा। दो चरणों में एक से 15 अप्रैल तक अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ ही स्कूलों में शानदार तरीके से बच्चों के स्वागत व प्रवेश की तैयारी है।
जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने बताया कि सत्र के पहले दिन विद्यालयों को फूल, पत्तियों, रंगोली से सजाया जाएगा। साथ ही विद्यालय आने जाने वाले बच्चों का रोली चंदन टीका लगाकर पुष्प देकर माला पहनाकर स्वागत किया जाएगा। मध्याह्न भोजन में रुचिकर भोजन हलुआ और खीर बनाया जाएगा।
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प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ ही खंड शिक्षाधिकारी, एसआरजी, एआरपी और संकुल शिक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही एक और दो अप्रैल को जनपद, ब्लॉक और विद्यालय स्तर पर रैली व प्रभातफेरी निकाली जाएगी। तीन अप्रैल को प्रत्येक विद्यालयों में आउट ऑफ स्कूल बच्चों, नामांकन और छात्रों की नियमित उपस्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। चार से 15 अप्रैल तक आउट ऑफ स्कूल बच्चों और छह से 14 साल तक के सभी बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि शत-प्रतिशत बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही बच्चों को विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ ही सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों पर विशेष नजर
अभियान के दौरान ड्रॉप आउट बच्चों के प्रवेश पर विशेष नजर रखी जाएगी। विशेषकर घरेलू काम में लगने से स्कूल नहीं जाने वाली बालिकाओं को प्रवेश के साथ पढ़ाई शुरू कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षक समेत अधिकारी क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों, महिला समूहों की सदस्यों, विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और लोगों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ ही सामूहिक प्रयास से प्रवेश दिलाएंगे।
झुग्गी-झोपड़ी और मलिन बस्तियों में जाएंगे शिक्षक
अधिकारियों ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल के चिन्हांकन व नामांकन में मलिन बस्तियों, झुग्गी झोपड़ियों, रेलवे स्टेशन के पास, ओवरब्रिज के नीचे अस्थायी आवास में रहने वाले परिवारों, परंपरागत कुटीर, लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों, ईंट भट्ठों पर कार्यरत व घुमंतू परिवारों के बच्चों को विशेष तौर पर दाखिला कराया जाएगा। ब्लॉकों के सभी अधिकारी गांव-गांव जाकर भ्रमण करेंगे। साथ ही जनसमुदाय व अभिभावकों को सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के प्रति जागरूक करेंगे।
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शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एक अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। ऐसे में स्कूल चलो अभियान के तहत नामांकन के साथ ही प्रवेश प्रक्रिया पर जोर दिया जाएगा। दो चरणों में एक से 15 अप्रैल तक अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ ही स्कूलों में शानदार तरीके से बच्चों के स्वागत व प्रवेश की तैयारी है।
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जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने बताया कि सत्र के पहले दिन विद्यालयों को फूल, पत्तियों, रंगोली से सजाया जाएगा। साथ ही विद्यालय आने जाने वाले बच्चों का रोली चंदन टीका लगाकर पुष्प देकर माला पहनाकर स्वागत किया जाएगा। मध्याह्न भोजन में रुचिकर भोजन हलुआ और खीर बनाया जाएगा।
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प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ ही खंड शिक्षाधिकारी, एसआरजी, एआरपी और संकुल शिक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही एक और दो अप्रैल को जनपद, ब्लॉक और विद्यालय स्तर पर रैली व प्रभातफेरी निकाली जाएगी। तीन अप्रैल को प्रत्येक विद्यालयों में आउट ऑफ स्कूल बच्चों, नामांकन और छात्रों की नियमित उपस्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। चार से 15 अप्रैल तक आउट ऑफ स्कूल बच्चों और छह से 14 साल तक के सभी बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि शत-प्रतिशत बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही बच्चों को विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ ही सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों पर विशेष नजर
अभियान के दौरान ड्रॉप आउट बच्चों के प्रवेश पर विशेष नजर रखी जाएगी। विशेषकर घरेलू काम में लगने से स्कूल नहीं जाने वाली बालिकाओं को प्रवेश के साथ पढ़ाई शुरू कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षक समेत अधिकारी क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों, महिला समूहों की सदस्यों, विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और लोगों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ ही सामूहिक प्रयास से प्रवेश दिलाएंगे।
झुग्गी-झोपड़ी और मलिन बस्तियों में जाएंगे शिक्षक
अधिकारियों ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल के चिन्हांकन व नामांकन में मलिन बस्तियों, झुग्गी झोपड़ियों, रेलवे स्टेशन के पास, ओवरब्रिज के नीचे अस्थायी आवास में रहने वाले परिवारों, परंपरागत कुटीर, लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों, ईंट भट्ठों पर कार्यरत व घुमंतू परिवारों के बच्चों को विशेष तौर पर दाखिला कराया जाएगा। ब्लॉकों के सभी अधिकारी गांव-गांव जाकर भ्रमण करेंगे। साथ ही जनसमुदाय व अभिभावकों को सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के प्रति जागरूक करेंगे।