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बच्चों ने पानी के लिए किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 02 Sep 2015 10:15 PM IST
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सीडीओ ने सेझिया गांव को गोद ले रखा है। पर गांव में पढ़ने वाले और आंगनबाड़ी के बच्चों को पानी तक नहीं मिल रहा है। इससे नाराज बच्चों ने बुधवार को स्कूल के बाहर निकल पानी के लिए प्रदर्शन किया। ग्राम पंचायत सेझिया में स्थित प्राथमिक, जूनियर व आंगनबाड़ी के बच्चों को पीने के पानी के लिये विद्यालय से करीब पांच सौ मीटर दूर जाना पड़ता है।
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आग बुझाने के लिए विद्यालय में रखी बाल्टियों में छात्र पीने का पानी ढोते हैं। विद्यालय में दो इंडिया मार्का हैंडपंप है। इसमें एक चलता नहीं और दूसरे से निकलने वाले पानी से गंध आती है। ऐसे में करीब 500 की संख्या के छात्रों को स्वच्छ पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
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जूनियर हाईस्कूल विद्यालय के प्रधानाचार्य काली प्रसाद का कहना है कि प्राथमिक और जूनियर विद्यालय के प्रांगण में दो सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। एक हैंडपंप चलता नहीं और दूसरे से गंदा पानी निकल रहा है। बच्चों ने इसे पीना छोड़ दिया है। सबसे बड़ी परेशानी आंगनबाड़ी के बच्चों के लिये होती है।
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वे इसी विषैले पानी को अनजाने में पी लेते हैं। इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से लेकर उप जिलाधिकारी तक की जा चुकी है। पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पानी सही न होने के कारण एमडीएम का संचालन भी नहीं हो पा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सुमन सिंह ने बताया कि केंद्र्र पर पंजीकृत 80 बच्चे यही गंदा पानी पीते हैं।
बडे़ बच्चे दूर से पानी ले आते हैं। पर इनको प्यास लगने पर दूषित पानी ही पीना पड़ रहा है। इससे भी खराब हाल इसी ग्राम सभा के दूसरे विद्यालय की है। प्राथमिक विद्यालय में जाने के लिए कोई रास्ता ही नहीं है। सामने की जमीन पर किसी ने कब्जा कर रखा है।
विद्यालय चल तो रहा है पर उस पर उसका नाम तक नहीं लिखा गया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य शिवदयाल गिरि ने बताया कि फर्नीचर न होने के कारण अभिलेखों को बोरी मे भरकर रखा जा रहा है। यहां पंजीकृत 76 बच्चों के सापेक्ष मात्र 24 बच्चे खेलते नजर आए।