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Gonda News: प्रधानमंत्री आवास दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी
Mon, 03 Feb 2025 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 03 Feb 2025 11:06 PM IST
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मनकापुर (गोंडा)। प्रधानमंत्री आवास दिलाने का झांसा देकर ठगी का मामला आया है। साइबर ठगों ने एक युवक से 1,07,500 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करनूपुर राजा निवासी विनोद कुमार वर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 28 जनवरी की सुबह नौ बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि आपकी माता के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति हो गई है। विनोद ने अपनी माता के नाम से पहले ही आवेदन कर रखा था। रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे 7500 रुपये एक खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया। विनोद ने बिना देर किए अपने एक मित्र से बताए गए नंबर पर रकम ट्रांसफर करा दी।
दूसरे दिन फिर जालसाज ने फोन करके उसकी माता के खाते की डिटेल मांगी। जिस पर ठगों ने यूनियन बैंक पासबुक की छायाप्रति जो देशराज निवासी सीतापुर के नाम से थी व उसका आधार कार्ड पीड़ित के व्हाट्सएप पर भेजकर कहा कि इस खाते में एक लाख रुपये जमा करा दो। जिससे खाते का सत्यापन हो जाएगा और आवास की रकम तीन लाख पचास हजार व एक लाख रुपये तीन दिन बाद खाते में भेज दिए जाएंगे। झांसे में आकर विनोद ने अपनी माता को बैंक ले जाकर बताए गए खाते में और एक लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए। तीन दिन बीतने के बाद जब खाते में रकम नहीं आई तो विनोद ने संबंधित नंबर पर कॉल की मगर फोन बंद मिला। तब उन्हें ठगी का पता चला। कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि तहरीर के आधार पर साइबर सेल को जांच सौंपी गई है।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करनूपुर राजा निवासी विनोद कुमार वर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 28 जनवरी की सुबह नौ बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि आपकी माता के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति हो गई है। विनोद ने अपनी माता के नाम से पहले ही आवेदन कर रखा था। रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे 7500 रुपये एक खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया। विनोद ने बिना देर किए अपने एक मित्र से बताए गए नंबर पर रकम ट्रांसफर करा दी।
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दूसरे दिन फिर जालसाज ने फोन करके उसकी माता के खाते की डिटेल मांगी। जिस पर ठगों ने यूनियन बैंक पासबुक की छायाप्रति जो देशराज निवासी सीतापुर के नाम से थी व उसका आधार कार्ड पीड़ित के व्हाट्सएप पर भेजकर कहा कि इस खाते में एक लाख रुपये जमा करा दो। जिससे खाते का सत्यापन हो जाएगा और आवास की रकम तीन लाख पचास हजार व एक लाख रुपये तीन दिन बाद खाते में भेज दिए जाएंगे। झांसे में आकर विनोद ने अपनी माता को बैंक ले जाकर बताए गए खाते में और एक लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए। तीन दिन बीतने के बाद जब खाते में रकम नहीं आई तो विनोद ने संबंधित नंबर पर कॉल की मगर फोन बंद मिला। तब उन्हें ठगी का पता चला। कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि तहरीर के आधार पर साइबर सेल को जांच सौंपी गई है।
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