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बैंक प्रबन्धक समेत दो लोगों पर धोखाधड़ी व गबन का केस
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गोंडा। भारतीय स्टेट बैंक मंगुरा बाजार के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने किसान क्रेडिट कार्ड का ऋण माफ करने के लिए 66 हजार लेकर नो ड्यूज बना दिया। इसके बाद भी नो ड्यूज लेने वाला किसान कर्जदार बना रहा। पीड़ित किसान ने इस मामले में थाना उमरी बेगमगंज मेें धोखाधड़ी व गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना उमरी बेगमगंज क्षेत्र के मंगुरा बाजार के मन्नीपुरवा के रहने वाले राजकुमार उपाध्याय पुत्र रामयज्ञ उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि उसके किसान क्रेडिट कार्ड का एक खाता मंगुरा बाजार भारतीय स्टेट बैंक में संचालित था।
प्रदेश सरकार द्वारा ऋण माफी योजना के अंतर्गत तत्कालीन बैंक मैनेजर सतीश कुमार द्वारा उन्हें बताया कि 66 हजार रुपया जमा करा देने पर उसका खाता निल करके नोड्यूज प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है।
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पीड़ित ने बताया कि उसने तत्कालीन फील्ड अफसर चंद्रभान सिंह को 66 हजार रुपया दे कर नो ड्यूज प्रमाण पत्र तो दे दिया गया लेकिन जमा रसीद नहीं दी गई। कुछ दिन पूर्व नये शाखा प्रबंधक ऋतुराज द्वारा जानकारी दी गई कि आपका खाता डिफाल्टर सूची में है, इसलिए आपको वसूली की नोटिस जारी की जा रही है।
थानाध्यक्ष करुणाकर पांडे ने बताया तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा तत्कालीन बैंक प्रबंधक व फील्ड अफसर के विरुद्ध दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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थाना उमरी बेगमगंज क्षेत्र के मंगुरा बाजार के मन्नीपुरवा के रहने वाले राजकुमार उपाध्याय पुत्र रामयज्ञ उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि उसके किसान क्रेडिट कार्ड का एक खाता मंगुरा बाजार भारतीय स्टेट बैंक में संचालित था।
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प्रदेश सरकार द्वारा ऋण माफी योजना के अंतर्गत तत्कालीन बैंक मैनेजर सतीश कुमार द्वारा उन्हें बताया कि 66 हजार रुपया जमा करा देने पर उसका खाता निल करके नोड्यूज प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है।
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पीड़ित ने बताया कि उसने तत्कालीन फील्ड अफसर चंद्रभान सिंह को 66 हजार रुपया दे कर नो ड्यूज प्रमाण पत्र तो दे दिया गया लेकिन जमा रसीद नहीं दी गई। कुछ दिन पूर्व नये शाखा प्रबंधक ऋतुराज द्वारा जानकारी दी गई कि आपका खाता डिफाल्टर सूची में है, इसलिए आपको वसूली की नोटिस जारी की जा रही है।
थानाध्यक्ष करुणाकर पांडे ने बताया तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा तत्कालीन बैंक प्रबंधक व फील्ड अफसर के विरुद्ध दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।