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बहु दिव्यांग 185 बच्चों के जीवन को रोशन करने को दिव्य प्रकाश मुुहिम

Tue, 09 Nov 2021 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 11:18 PM IST
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Campaign to illuminate the lives of 185 children with multiple disabilities
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग अब दिव्यांग बच्चों में ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की मुहिम चलाएगा जो बहु दिव्यांग हैं। विभाग ने माना है कि कुछ बच्चे ऐसे हैं जो कई तरह से दिव्यांग हैं, और स्कूल नहीं आ सकते हैं। पहली बार होम बेस्ट एजुकेशन कार्यक्रम शुरू किया गया है।
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कार्यक्रम के तहत स्कूल जाने में अक्षम छात्र-छात्राओं को विशेष शिक्षक उनके घरों पर पहुंचकर शिक्षा प्रदान करेंगे। समेकित शिक्षा के तहत संबंधित छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक स्टेशनरी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
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इस कार्यक्रम के तहत विद्यालय में पंजीकृत अति गंभीर बच्चे जो स्कूल नहीं जा सकते, उन्हें शिक्षा प्रदान की जाएगी। जिले में 185 दिव्यांग बच्चे चिह्नित किए जाएंगे। इन बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी स्टेशनरी खरीदने के निर्देश शासन से दिए गए हैं।
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स्टेशनरी ऑनलाइन जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी जाएगी। दृष्टि बाधित बच्चों और लो विजन छात्र-छात्राओं की विशेष शिक्षा प्रणाली स्टेशनरी के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे कि वह भी पढ़ना लिखना सीख सकें। शासन ने जिले को छह लाख 47,500 रुपये का बजट भी भेज दिया है।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से पहली बार होम बेस्ट एजूकेशन की शुुरुआत किया गया है। इससे निश्चित रूप से दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई सुगम होगी। कहा कि इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
जिले के गंभीर दिव्यांग 185 बच्चों को शिक्षक घर पर ही पढ़ाएंगे। ऐसे बच्चों को शिक्षण सामग्री भी मिलेगी। जिलों में विशेष प्रशिक्षक व फिजियोथेरेपिस्ट उनके घर जाकर बच्चों को शिक्षण व प्रशिक्षण देंगे। होम बेस्ड एजुकेशन का लाभ उन बच्चों को ही मिल सकेगा जो दिव्यांगता के कारण विद्यालय आने में असमर्थ हैं। ये पहल स्कूल से दूर बच्चों को शिक्षित करने की है।

ऐसे दिव्यांग बच्चों के लिए जिलों में विशेष प्रशिक्षक व फिजियोथेरेपिस्ट रखा जाएगा। हर बालक बालिका को 3500 रुपये की शिक्षण सामग्री दी जाएगी। विशेष प्रशिक्षक शिक्षण सामग्री की सूची तैयार कर बीएसए को सौंपेंगे। सामग्री का वितरण नोडल शिक्षकों की देखरेख में होगा। इसे 15 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है।
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