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लखनऊ में व्यापारी की मौत, चार और पाॅजिटिव
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गोंडा। जिले में कोरोना से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान लखनऊ के लेवल-3 में एक और कोरोना संक्रमित की मौत हो गई। शनिवार को कोरोना संक्रमित पाया गया था शहर के साहबगंज मोहल्ले का एक व्यापारी। जिले में दो दिनों मेें लगातार कोरोना से हुई दूसरी मौत से जिले में लोगों के बीच खौफ का माहौल है। वहीं मंगलवार की शाम आई रिपोर्ट में शहर के पटेलनगर स्थित एक नर्सिंग होम में काम करने वाली नर्स के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने नर्सिंग होम को सील करा दिया है।
बता दें कि शुक्रवार को इलाज के दौरान लखनऊ के एक निजी अस्पताल में साहबगंज निवासी व्यापारी में कोरोना जैसे लक्षण मिले थे। इसके बाद उसकी लखनऊ में ही जांच कराई गई थी। शनिवार को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। उसकी हालत ज्यादा खराब होने पर उसे लखनऊ के लेवल-3 में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन वहां भी उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। मंगलवार देर रात वहीं इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बीते चार दिनों के भीतर जिले में कोरोना सं ये दूसरी मौत है। इससे पूर्व रानीबाजार निवासी एक व्यापारी और छपिया के एक युवक की मौत भी कोरोना से हो चुकी है।
48 घंटे के लिए सील किया निजी अस्पताल
शहर के पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई थी। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने नगर पालिका की टीम के साथ अस्पताल को सील करा दिया है। वहीं डाक्टर को भी 14 दिन तक क्वारंटीन रहने को कहा गया है। तीन दिन पूर्व इस अस्पताल में जो कर्मचारी सीधे मरीजों के संपर्क में आते हैं उनकी सैंपलिंग कराई गई थी। खुद अस्पताल की डॉक्टर ने भी अपनी सैंपलिंग कराई थी। जिसमें एक नर्स कोरोना से ग्रसित पाई गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल के सभी कर्मचारियों की सैंपलिंग कराई जायेगी। महिला कर्मचारी के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के गैर जिम्मेदाराना रवैये की भी चर्चा काफी जोरों पर है।
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अस्पताल के मरीजों को करना पड़ा डिस्चार्ज
बताया जा रहा है कि अस्पताल में जो भी मरीज भर्ती थे, उन्हें रिपोर्ट आने के बाद ही डिस्चार्ज कर दिया गया। तीन मरीज जिनका ऑपरेशन मंगलवार को हुआ था। उन्हें अस्पताल में ही आइसोलशन में रखा गया है। गुरुवार की सुबह उनको भी डिस्चार्ज किया जायेगा।
विभाग के दावों की पोल खुली
सोमवार देर शाम जिला अस्पताल में के सर्जिकल वार्ड में भर्ती दो मरीजो के कोरोना से संक्रमित पाये जाने पर सीएमओे डॉ. मधु गैरोला ने दावा किया था कि सर्जिकल वार्ड को सील कर दिया है। लेकिन सर्जिकल वार्ड मंगलवार को भी पूरे दिन चालू रहा। बताया जा रहा है कि इस लापरवाही से जिला अस्पताल में कार्यरत कई कर्मचारी भी कोरोना के संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
अपने आवास से नहीं निकलते सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरूण लाल इस कोरोना संकट काल में जिला अस्पताल की व्यवस्था को देखने के लिए अपने आवास से नहीं निकलते हैं। बताया ये भी जा रहा है कि उन्होंने आधा कार्यालय भी अपने सरकारी आवास के बगल में शिफ्ट करा लिया है। ऐसे में जिला अस्पताल अव्यवस्थायें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज भी कर्मचारियों के भरोसे ही है। कर्मचारियों ने भी बताया है कि यदि कोई समस्या होती है तो वो भी बताने के लिए सीएमएस से मुलाकात नहीं हो पाती है।
अस्पताल में पूरी सतर्कता बरती जाती है : डॉ. अनीता
शहर के पटेलनगर जिस अस्पताल में की नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई वहां की संचालिका डॉ. अनीता मिश्रा ने बताया कि मार्च से ही कोविड प्रोटोकाल के तहत मरीजों को देखा जाता है। जिला प्रशासन की ओर से जारी किये गये निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा है। अस्पताल के एक स्टाफ के कोरोना संक्रमित पाये जाने पर डॉ. मिश्रा ने कहा कि इसका हमें दुख है। उस कर्मचारी में कोरोना जैसे कोई लक्षण भी नहीं थे। अस्पताल में पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल में महिला कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाई गई है। वहां भर्ती सभी मरीजों को घर भेजवा दिया गया है। 48 घंटे के लिए अस्पताल को सील कर दिया गया है। लखनऊ में कोरोना संक्रमित की मौत के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। पूरे परिवार से एक बार फिर जानकारी जुटाई जायेगी। परिवार के सभी सदस्यों की सैंपलिंग भी होगी। इसके साथ ही सभी निजी अस्पतालों में कोविड प्रोटोकाल का पालन करने को कहा गया है।
-डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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बता दें कि शुक्रवार को इलाज के दौरान लखनऊ के एक निजी अस्पताल में साहबगंज निवासी व्यापारी में कोरोना जैसे लक्षण मिले थे। इसके बाद उसकी लखनऊ में ही जांच कराई गई थी। शनिवार को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। उसकी हालत ज्यादा खराब होने पर उसे लखनऊ के लेवल-3 में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन वहां भी उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। मंगलवार देर रात वहीं इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बीते चार दिनों के भीतर जिले में कोरोना सं ये दूसरी मौत है। इससे पूर्व रानीबाजार निवासी एक व्यापारी और छपिया के एक युवक की मौत भी कोरोना से हो चुकी है।
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48 घंटे के लिए सील किया निजी अस्पताल
शहर के पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई थी। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने नगर पालिका की टीम के साथ अस्पताल को सील करा दिया है। वहीं डाक्टर को भी 14 दिन तक क्वारंटीन रहने को कहा गया है। तीन दिन पूर्व इस अस्पताल में जो कर्मचारी सीधे मरीजों के संपर्क में आते हैं उनकी सैंपलिंग कराई गई थी। खुद अस्पताल की डॉक्टर ने भी अपनी सैंपलिंग कराई थी। जिसमें एक नर्स कोरोना से ग्रसित पाई गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल के सभी कर्मचारियों की सैंपलिंग कराई जायेगी। महिला कर्मचारी के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के गैर जिम्मेदाराना रवैये की भी चर्चा काफी जोरों पर है।
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अस्पताल के मरीजों को करना पड़ा डिस्चार्ज
बताया जा रहा है कि अस्पताल में जो भी मरीज भर्ती थे, उन्हें रिपोर्ट आने के बाद ही डिस्चार्ज कर दिया गया। तीन मरीज जिनका ऑपरेशन मंगलवार को हुआ था। उन्हें अस्पताल में ही आइसोलशन में रखा गया है। गुरुवार की सुबह उनको भी डिस्चार्ज किया जायेगा।
विभाग के दावों की पोल खुली
सोमवार देर शाम जिला अस्पताल में के सर्जिकल वार्ड में भर्ती दो मरीजो के कोरोना से संक्रमित पाये जाने पर सीएमओे डॉ. मधु गैरोला ने दावा किया था कि सर्जिकल वार्ड को सील कर दिया है। लेकिन सर्जिकल वार्ड मंगलवार को भी पूरे दिन चालू रहा। बताया जा रहा है कि इस लापरवाही से जिला अस्पताल में कार्यरत कई कर्मचारी भी कोरोना के संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
अपने आवास से नहीं निकलते सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरूण लाल इस कोरोना संकट काल में जिला अस्पताल की व्यवस्था को देखने के लिए अपने आवास से नहीं निकलते हैं। बताया ये भी जा रहा है कि उन्होंने आधा कार्यालय भी अपने सरकारी आवास के बगल में शिफ्ट करा लिया है। ऐसे में जिला अस्पताल अव्यवस्थायें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज भी कर्मचारियों के भरोसे ही है। कर्मचारियों ने भी बताया है कि यदि कोई समस्या होती है तो वो भी बताने के लिए सीएमएस से मुलाकात नहीं हो पाती है।
अस्पताल में पूरी सतर्कता बरती जाती है : डॉ. अनीता
शहर के पटेलनगर जिस अस्पताल में की नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई वहां की संचालिका डॉ. अनीता मिश्रा ने बताया कि मार्च से ही कोविड प्रोटोकाल के तहत मरीजों को देखा जाता है। जिला प्रशासन की ओर से जारी किये गये निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा है। अस्पताल के एक स्टाफ के कोरोना संक्रमित पाये जाने पर डॉ. मिश्रा ने कहा कि इसका हमें दुख है। उस कर्मचारी में कोरोना जैसे कोई लक्षण भी नहीं थे। अस्पताल में पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल में महिला कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाई गई है। वहां भर्ती सभी मरीजों को घर भेजवा दिया गया है। 48 घंटे के लिए अस्पताल को सील कर दिया गया है। लखनऊ में कोरोना संक्रमित की मौत के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। पूरे परिवार से एक बार फिर जानकारी जुटाई जायेगी। परिवार के सभी सदस्यों की सैंपलिंग भी होगी। इसके साथ ही सभी निजी अस्पतालों में कोविड प्रोटोकाल का पालन करने को कहा गया है।
-डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी