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नियम दरकिनार कर खर्च किया बिजनेस प्लान का धन
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2015 11:38 PM IST
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बिजनेस प्लान में खर्च पर एक नजर
जिला मिला पैसा हुए काम
गोंडा 5 करोड़ 230
बलरामपुर 1.16 करोड़ 63
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बहराइच 12.60 करोड़ 232
श्रावस्ती 1.20 करोड़ 14
कुल योग 19.96 करोड़ 539
पुरानी कहावत है कि कहीं घनघना तो कहीं मुट्ठी भर चना। कुछ ऐसा ही हाल पावर कॉर्पोरेशन से हर साल रिलीज होने वाले बिजनेस प्लान के बजट का भी है। इसका बीते दो वर्षों से सर्वाधिक लाभ बजाय मंडल मुख्यालय और उसके तीन अन्य जिलों को बराबर-बराबर दिए जाने के उसका एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा अकेले बहराइच जिले को दे दिया गया।
जबकि गोंडा सहित मंडल के बाकी दो जिलों को जो बजट आवंटित किया गया है, उसके लिए प्रधानी के चुनाव में यहां पक्ष और विपक्ष दोनों पार्टियों के बीच मारामारी मची है।
सवाल इस बात का है कि अगर बिजनेस प्लान का बजट सभी चार जिलों के लिए था, तो फिर उससे केवल एक ही जिले को क्यों संतुष्ट किया गया, जिसका जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं, सूत्रों की मानें तो यह सब केवल ऊर्जा मंत्री याशर शाह को खुश करने के लिए किया गया, क्योंकि बहराइच ऊर्जा मंत्री याशर शाह का गृह जनपद है।
पावर कॉर्पोरेशन प्रणाली सुधार के लिए प्रत्येक वर्ष बिजनेस प्लान में करोड़ों रुपये का बजट हर जिले को आवंटित करता है। इसके तहत इस साल भी कॉर्पोरेशन स्तर से देवीपाटन मंडल को 15 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, ताकि आवंटित बजट से मंडल के चार जिलों में एक समान रूप से विद्युतीकरण के कार्य कराए जा सकें।
लेकिन वर्ष 2015-16 में कॉर्पोरेशन से आवंटित 15 करोड़ रुपये के बजट का सर्वाधिक एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा 12.60 करोड़ रुपये अकेले बहराइच जिले को दे दिया गया, जबकि बहराइच में महज एक ही डिवीजन है। वहीं, गोंडा के दो अलग-अलग डिवीजनों में एक को 2.59 करोड़ तो दूसरे को 2.60 करोड़ रुपये ही आवंटित किया गया।
इसी तरह बलरामपुर को 1.16 करोड़ रुपये तो श्रावस्ती को 1.20 करोड़ रुपये देकर ही बिजनेस प्लान से हाथ पीछे खींच लिए गए।
अब सवाल इस बात का है कि जब बिजनेस प्लान का बजट सभी जिलों में बराबर-बराबर खर्च किया जाना था, तो फिर उसका सर्वाधिक हिस्सा अकेले बहराइच जनपद को ही क्यों दिया गया, जबकि गोंडा तो देवीपाटन मंडल का मुख्यालय भी है।
अब हालत यह है कि रोजाना बिजनेस प्लान के बजट से विद्युतीकरण के काम कराए जाने को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर पक्ष व विपक्ष दोनों पार्टियों के लोगों की भीड़ जमा होती है, जिनके बीच अपने-अपने क्षेत्र में विद्युतीकरण को लेकर कहासुनी भी हुआ करती है।
वहीं बिजनेस प्लान की एकमुश्त रकम बहराइच जिले को दिए जाने के बाबत स्थानीय अधिकारी भी अपना मुंह नहीं खोल रहे। इससे पावर कॉर्पोरेशन का दफ्तर नेताओं की आपसी लड़ाई का अखाड़ा बन गया है।
बिजली की लाइन सुधार, एलटी लाइन के विस्तार व गांव-गांव सिस्टम इंप्रूवमेंट के लिए हर साल पावर कॉर्पोरेशन बिजनेस प्लान का एक बजट आवंटित करता है। इसका पैसा गांवों में बिजली के जर्जर तारों को बदलवाने से लेकर अगर किसी गांव में ट्रांसफार्मर कम क्षमता का लगा है तो उसकी क्षमता वृद्धि किए जाने, बिजलीघरों में लगे सिस्टमों के सुधार पर खर्च किया जाना होता है।
वर्ष 2014-15 में भी बिजनेस प्लान की एक मोटी रकम बहराइच जिले को दे दी गई थी। पिछले साल बिजनेस प्लान में कुल 35 करोड़ रुपया देवीपाटन मंडल को आवंटित किया गया था। जिसमें से आधे से ज्यादा पैसा बहराइच को दे दिया गया। जबकि आधे से कम में तीन जिलों के चार डिवीजनों को संतोष करना पड़ा।
बिजनेस प्लान में इस साल पावर कॉर्पोरेशन ने वैसे तो केवल 15 करोड़ रुपये का ही बजट देवीपाटन मंडल को आवंटित किया था। जबकि चार जिलों में सिस्टम इंप्रूवमेंट का जो प्रस्ताव तैयार कर पैसा खर्च किया गया है, वह मिले बजट से पांच करोड़ रुपये ज्यादा है। ऐसे में निर्धारित बजट के अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये कहां से आएंगे, यह भी एक सवाल है।
बिजनेस प्लान का पैसा सिस्टम इंप्रूवमेंट को देखकर ही खर्च किया जाता है। बहराइच जिले में सिस्टम इंप्रूवमेंट की ज्यादा दिक्कतें थी, इसलिए वहां उसके मद्देनजर ही पैसा दिया गया है। -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन
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जिला मिला पैसा हुए काम
गोंडा 5 करोड़ 230
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बलरामपुर 1.16 करोड़ 63
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बहराइच 12.60 करोड़ 232
श्रावस्ती 1.20 करोड़ 14
कुल योग 19.96 करोड़ 539
पुरानी कहावत है कि कहीं घनघना तो कहीं मुट्ठी भर चना। कुछ ऐसा ही हाल पावर कॉर्पोरेशन से हर साल रिलीज होने वाले बिजनेस प्लान के बजट का भी है। इसका बीते दो वर्षों से सर्वाधिक लाभ बजाय मंडल मुख्यालय और उसके तीन अन्य जिलों को बराबर-बराबर दिए जाने के उसका एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा अकेले बहराइच जिले को दे दिया गया।
जबकि गोंडा सहित मंडल के बाकी दो जिलों को जो बजट आवंटित किया गया है, उसके लिए प्रधानी के चुनाव में यहां पक्ष और विपक्ष दोनों पार्टियों के बीच मारामारी मची है।
सवाल इस बात का है कि अगर बिजनेस प्लान का बजट सभी चार जिलों के लिए था, तो फिर उससे केवल एक ही जिले को क्यों संतुष्ट किया गया, जिसका जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं, सूत्रों की मानें तो यह सब केवल ऊर्जा मंत्री याशर शाह को खुश करने के लिए किया गया, क्योंकि बहराइच ऊर्जा मंत्री याशर शाह का गृह जनपद है।
पावर कॉर्पोरेशन प्रणाली सुधार के लिए प्रत्येक वर्ष बिजनेस प्लान में करोड़ों रुपये का बजट हर जिले को आवंटित करता है। इसके तहत इस साल भी कॉर्पोरेशन स्तर से देवीपाटन मंडल को 15 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, ताकि आवंटित बजट से मंडल के चार जिलों में एक समान रूप से विद्युतीकरण के कार्य कराए जा सकें।
लेकिन वर्ष 2015-16 में कॉर्पोरेशन से आवंटित 15 करोड़ रुपये के बजट का सर्वाधिक एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा 12.60 करोड़ रुपये अकेले बहराइच जिले को दे दिया गया, जबकि बहराइच में महज एक ही डिवीजन है। वहीं, गोंडा के दो अलग-अलग डिवीजनों में एक को 2.59 करोड़ तो दूसरे को 2.60 करोड़ रुपये ही आवंटित किया गया।
इसी तरह बलरामपुर को 1.16 करोड़ रुपये तो श्रावस्ती को 1.20 करोड़ रुपये देकर ही बिजनेस प्लान से हाथ पीछे खींच लिए गए।
अब सवाल इस बात का है कि जब बिजनेस प्लान का बजट सभी जिलों में बराबर-बराबर खर्च किया जाना था, तो फिर उसका सर्वाधिक हिस्सा अकेले बहराइच जनपद को ही क्यों दिया गया, जबकि गोंडा तो देवीपाटन मंडल का मुख्यालय भी है।
अब हालत यह है कि रोजाना बिजनेस प्लान के बजट से विद्युतीकरण के काम कराए जाने को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर पक्ष व विपक्ष दोनों पार्टियों के लोगों की भीड़ जमा होती है, जिनके बीच अपने-अपने क्षेत्र में विद्युतीकरण को लेकर कहासुनी भी हुआ करती है।
वहीं बिजनेस प्लान की एकमुश्त रकम बहराइच जिले को दिए जाने के बाबत स्थानीय अधिकारी भी अपना मुंह नहीं खोल रहे। इससे पावर कॉर्पोरेशन का दफ्तर नेताओं की आपसी लड़ाई का अखाड़ा बन गया है।
बिजली की लाइन सुधार, एलटी लाइन के विस्तार व गांव-गांव सिस्टम इंप्रूवमेंट के लिए हर साल पावर कॉर्पोरेशन बिजनेस प्लान का एक बजट आवंटित करता है। इसका पैसा गांवों में बिजली के जर्जर तारों को बदलवाने से लेकर अगर किसी गांव में ट्रांसफार्मर कम क्षमता का लगा है तो उसकी क्षमता वृद्धि किए जाने, बिजलीघरों में लगे सिस्टमों के सुधार पर खर्च किया जाना होता है।
वर्ष 2014-15 में भी बिजनेस प्लान की एक मोटी रकम बहराइच जिले को दे दी गई थी। पिछले साल बिजनेस प्लान में कुल 35 करोड़ रुपया देवीपाटन मंडल को आवंटित किया गया था। जिसमें से आधे से ज्यादा पैसा बहराइच को दे दिया गया। जबकि आधे से कम में तीन जिलों के चार डिवीजनों को संतोष करना पड़ा।
बिजनेस प्लान में इस साल पावर कॉर्पोरेशन ने वैसे तो केवल 15 करोड़ रुपये का ही बजट देवीपाटन मंडल को आवंटित किया था। जबकि चार जिलों में सिस्टम इंप्रूवमेंट का जो प्रस्ताव तैयार कर पैसा खर्च किया गया है, वह मिले बजट से पांच करोड़ रुपये ज्यादा है। ऐसे में निर्धारित बजट के अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये कहां से आएंगे, यह भी एक सवाल है।
बिजनेस प्लान का पैसा सिस्टम इंप्रूवमेंट को देखकर ही खर्च किया जाता है। बहराइच जिले में सिस्टम इंप्रूवमेंट की ज्यादा दिक्कतें थी, इसलिए वहां उसके मद्देनजर ही पैसा दिया गया है। -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन