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15 में 14 ब्लाक में भाजपा ने फहराया ध्वज, एक सीट पर सपा

Sat, 10 Jul 2021 08:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jul 2021 08:51 PM IST
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BJP captured 14 blocks, one SP won
गोंडा। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा ने 15 ब्लाकों में से 14 में अपने प्रत्याशी जिताकर झंडा बुलंद कर लिया है। 11 ब्लॉकों में पहले ही भाजपा के प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
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शनिवार को चार ब्लाकों में हुए मतदान में तीन ब्लॉकों में भाजपा की जीत हुई। एक ब्लाक रूपईडीह में सपा समर्थित प्रत्याशी पूर्व मंत्री स्व. विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के छोटे भाई महेश सिंह की पत्नी बबिता सिंह ने 100 मत पाकर जीत हासिल की।
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ब्लाकों में जीत मिलने से भाजपा में खुशी दिख रही है। अवध क्षेत्र के अध्यक्ष शेष नरायन मिश्र, जिला प्रभारी अवनीश सिंह, जिलाध्यक्ष सूर्य नरायन तिवारी ने कार्यकर्ताओं क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जनता का आभार जताया। कहा कि जनता ने पार्टी पर अपना विश्वास बनाए रखा है।
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शनिवार को जिले के 4 ब्लाकों में क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के लिए हुए चुनाव में 3 में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जोरदार जीत दर्ज की। 11 सीटों पर पहले ही भाजपा के समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। रुपईडीह ब्लाक में पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह की अनुज वधू बबिता सिंह विजयी रहीं। शनिवार को कटरा बाजार, बभनजोत, हलधरमऊ व रुपईडीह में चुनाव हुआ।
कटरा बाजार से भाजपा समर्थित प्रत्याशी भवानी भीख शुक्ल की पत्नी जुगरानी शुक्ला, हलधरमऊ से विधायक बावन सिंह की पुत्र वधू रिचा सिंह, बभनजोत से विधायक प्रभात वर्मा की अनुज वधू मधूलिका पटेल तथा रुपईडीह से बबिता सिंह विजयी हुई।
रुपईडीह में भाजपा समर्थित प्रत्याशी सरोज तिवारी को मात्र 20 वोट ही मिले। वहीं कटरा बाजार में सपा प्रत्याशी को तीन मतों से ही संतोष करना पड़ा। इसके पहले झंझरी ब्लाक से भाजपा की रेखा मिश्रा, इटियाथोक से मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी की पत्नी पूनम द्विवेदी, परसपुर से प्रियंका सिंह, करनैलगंज से तिलफा देवी, बेलसर से राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू सिंह, तरबगंज से विधायक प्रेम नरायन पांडेय के पुत्र मनोज कुमार पांडे, नवाबगंज से कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह की अनुज वधू अरुंधति सिंह, वजीरगंज से अनीता यादव, मनकापुर से जगदेव चौधरी, पंडरीकृपाल से प्रियंका गौतम निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं।
ब्लाक प्रमुख चुनाव में मतदान के दौरान प्रशासन कड़े तेवर में दिखा। लखीमपुर खीरी की घटना के बाद वहां अधिकारियों पर हुई कार्रवाई का असर प्रशासन में दिखा। बभनजोत में एडीएम राकेश सिंह व एएसपी शिवराज स्थानीय अधिकारियों और फोर्स के साथ डटे रहे।
वहीं जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही व पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्र ने रूपईडीह, कटरा बाजार व हलधरमऊ पर नजर बनाए रखे। मतदान केंद्र पर सिर्फ मतदाताओं को ही जाने की अनुमति रही। समर्थक या पार्टी के नेताओं को एक किमी दूर ही रहने को कहा गया था। इससे मतदान से लेकर मतगणना तक कोई विवाद की स्थिति ही नहीं बनी।
ब्लाक प्रमुख चुनाव में भाजपा की रणनीति कामयाब रही। स्थानीय नेताओं के परिजनों और उनकी पसंद के उम्मीदवारों को टिकट देकर जीत का रास्ता पहले से ही आसान कर लिया था। रुपईडीह ब्लाक में पार्टी ने सिर्फ प्रत्याशी उतारा था। वहां पार्टी के कुछ नेताओं की रणनीति ही काम आई।
इसके अलावा सात विधायकों और दो सांसदों में एक सांसद व चार विधायकों के परिजन ही ब्लाक प्रमुख चुने गए। करनैलगंज विधायक के परिजन से कोई उम्मीदवार नहीं था और उनका गृह ब्लाक पिछड़ा वर्ग महिला के आरक्षित था।
ऐसे में उनकी पसंद के उम्मीदवार ही दोनो ब्लाक में टिकट पाने में और जीतने में सफल हुए थे, वह भी निर्विरोध। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने टिकट हासिल करने या फिर प्रमुख चुनाव को लेकर किसी तैयारी में ही नहीं थे।
कटरा बाजार में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए भाजपा ने भले ही भवानी भीख शुक्ल को टिकट दिया था और उन्होंने नामांकन भी दाखिल किया था। लेकिन ऐन वक्त पर भवानी भीख शुक्ल ने अपना नामांकन वापस ले लिया था।
अपने साथ ही पत्नी जुगरानी का नामांकन करा रखा था और मतदान के बाद जुगरानी ही प्रमुख चुनी गईं। यहां पर 106 मतदाताओं में सपा प्रत्याशी पंकज गोस्वामी को सिर्फ तीन मत ही हासिल हो सका, जबकि यहां पर सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे पूरा जोर लगाए हुए थे।

जुगरानी ने 103 मत हासिल करके 100 मतों से विजई घोषित हुईं। वहीं भवानी भीख शुक्ल के नामांकन वापस लिए जाने और प्रमुखी का दावा टिकट मिलने के बाद भी छोड़ने को लेकर कई तरह की चर्चाएं जोर पकड़ रहीं हैं। माना जा रहा है कि भविष्य को देखते हुए भवानी भीख ने अहम फैसला ऐन वक्त पर लिया और भाजपा को भी टिकट परिवर्तन करने तक का मौका नहीं मिला।
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