टैक्स का 52 लाख डकार गए बीडीओ
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए गये विकास कार्यों के लिए खरीदे गये सामानों पर टैक्स का 52 लाख रुपये अधिकारी डकार गये। वित्तीय वर्ष 2015-16 में मनरेगा योजना से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए जिले के 16 ब्लॉकों में सामग्री खरीद पर 1295.16 लाख रुपये खर्च पर किये गये।
खर्च धन पर चार फीसदी वाणिज्य कर की कटौती किये जाने के नियम को ताक पर रखकर खंड विकास अधिकारियों ने योजना के पूरे धन को निकाल लिया। किसी भी ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी की ओर से वाणिज्य कर विभाग को टैक्स जमा नहीं किया गया।
टैक्स का चार फीसदी यानी 52 लाख रुपये खंड विकास अधिकारी विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ कर हड़प कर गये। टैक्स न मिलने पर वाणिज्य कर विभाग की ओर से सभी खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया। लेकिन ब्लॉकों पर नोटिस को दबा दिया गया।
मनरेगा के सूत्रों की माने तो योजना के तहत खरीदारी में खर्च धन का चार प्रतिशत टैक्स का 52 लाख रुपये का बंदरबांट हो चुका है। अगर जांच हुई तो खंड विकास अधिकारियों के अलावा विभाग के कई लोगों की गर्दन फंसना तय है।
जिले में इस बार भी ग्राम पंचायतों ने टैक्स डिडेक्शन नम्बर (टीडीएन) नहीं लिया है। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों के लिए खरीद की जा रही सामाग्री के कुल खर्च का चार प्रतिशत टैक्स वाणिज्य कर विभाग को जमा किया जाना है।
मनरेगा के तहत खरीदी गई सामाग्री पर होने वाले खर्च का चार प्रतिशत वैट जमा कराने के लिए डीएम का निर्देश भी बेअसर रहा। वाणिज्य कर विभाग की पहल पर तत्कालीन डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने 14 मार्च को सभी खंड विकास अधिकारियों को बैठक में कड़ा निर्देश दिया था।
वे लोग पांच हजार की आबादी वाले सभी ग्राम पंचायतों का पंजीयन करवा कर वाणिज्य कर विभाग से टीडीएन नंबर प्राप्त कर लें। पर ऐसा नहीं हुआ। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा के तहत की गई सामग्री खरीद पर टैक्स न जमा करने के मामले में दोषी ब्लॉक के आहरण वितरण अधिकारी को नोटिस जारी किया जा चुका है।
अब उन पर अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। पिछले वर्ष मनरेगा के तहत कराये जाने वाले विकास कार्य के लिए 1295.16 लाख रुपये की सामग्री खरीदी गई। विभाग को इसका चार प्रतिशत टैक्स मिलना चाहिए जो नहीं मिला। टैक्स की रिकवरी कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।