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गोंडा स्टेशन पर एप्रेन बदलने का काम शुरू, निरस्त रहेंगी ट्रेनें

Mon, 29 Aug 2022 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 10:54 PM IST
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Apron replacement work started at Gonda station, trains will be canceled
गोंडा। रेलवे ने गोंडा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो का नया एप्रेन बनाने के लिए 29 अगस्त से सात अक्तूबर तक ब्लॉक लेकर कार्य शुरू कर दिया है। 40 दिन तक इस प्लेटफार्म पर किसी भी यात्री ट्रेन का संचालन नहीं किया जाएगा। इसके मद्देनजर गोंडा से सीतापुर व गोरखपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है।
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जबकि गोंडा से वाया बलरामपुर होकर गोरखपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन सुभागपुर रेलवे स्टेशन से किया जाएगा। ट्रेनों का संचालन बंद होने पर दैनिक यात्रियों के साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे की क्षेत्रीय परामर्श दात्री समिति के सदस्य ने भी रेलवे प्रशासन पर सवालिया निशान लगाया है।
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बताते चलें कि विगत 17 मई से आठ जून के बीच 23 दिन तक पूर्वोत्तर रेलवे ने करोड़ों रुपये खर्च करके गोंडा रेलवे यार्ड में नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य कराया था। अब 83 दिन बाद रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने गोंडा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो के टूटे-फूटे एप्रेन बदलने के लिए 29 अगस्त से सात अक्तूबर तक 40 दिन का ब्लॉक लेकर सोमवार सुबह कार्य शुरू कर दिया है।
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इसके चलते प्लेटफार्म नंबर दो को आगामी 40 दिन तक यात्री ट्रेनों के लिए बंद कर दिया गया है। गोंडा से वाया बस्ती होकर गोरखपुर और गोंडा से सीतापुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों को सात अक्तूबर तक के लिए रद्द कर दिया गया है। जबकि गोंडा से वाया बलरामपुर होकर गोरखपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों का सुभागपुर स्टेशन से संचालन किया जाएगा।
गोरखपुर व सीतापुर पैसेंजर ट्रेन रद्द करने पर दैनिक यात्री संघ के सुरेश कुमार पाठक, हरीश, रामजीवन, प्रेमप्रकाश ओझा, विजेंद्र यादव व सतीश मिश्र के साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे की क्षेत्रीय परामर्श दात्री समिति के सदस्य पंकज कुमार श्रीवास्तव ने रेलवे प्रशासन पर सवालिया निशान लगाया है।
इनका कहना है कि रेलवे अगर सूझबूझ दिखाता तो रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो का एप्रेन बदलने का कार्य भी 83 दिन पहले नॉन इंटरलॉकिंग के कार्य के दौरान ही कर लिया गया होता। दैनिक यात्रियों को दोहरी मार भी नहीं झेलनी पड़ती। इस मुद्दे को लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से शिकायत करने की बात कही गई है।
गोंडा से सीतापुर की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में प्रतिदिन लगभग 200 यात्री तथा गोंडा से गोरखपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन से रोजाना करीब 300 यात्री सफर करते हैं। इससे रेलवे के राजस्व में करीब 25 हजार रुपये प्रतिदिन नुकसान होगा।
पैसेंजर ट्रेनें रद्द होने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब व मजदूर तबके के यात्रियों को होगी। ये यात्री गोंडा से सीतापुर पैसेंजर ट्रेन से मैजापुर, कैथोला, सरयू, करनैलगंज, जरवल रोड, घाघरा घाट, चौकाघाट, बिंदौरा व बुढ़वल स्टेशन तक सफर करते थे। इसी तरह गोंडा से वाया बस्ती होकर गोरखपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन से अधिकतर लोग मोतीगंज, मनकापुर, लखपत नगर, मसकनवा, स्वामीनारायण छपिया व बभनान स्टेशन की यात्रा करते हैं।

पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के अपर मंडल रेल प्रबंधक शिशिर सोमवंशी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे के संरक्षा को ध्यान में रखकर प्लेटफार्म नंबर दो की मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि नॉन इंटरलॉकिंग के कार्य के दौरान यह कार्य नहीं कराया जा सकता था। थोड़ी सी परेशानी के बाद आगे चलकर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगेंगी। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर ही एप्रेन बदलने का काम कराया जा रहा है।
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