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पंचायतों में 1088 सहायकों की नियुक्ति तय, प्रशिक्षण शुरू
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गोंडा। जिले की 1204 पंचायतों की 35 लाख आबादी को अब गांव स्तर के कार्यों के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें पंचायत सचिवालयों में ही सहायक मिल सकेंगे, जो स्थानीय स्तर के कार्य पूरे कराएंगे। अभी तक परिवार रजिस्टर की नकल के लिए भी सचिवों को ब्लाक स्तर तक खोजने के लिए दौड़ना पड़ता था क्योंकि एक सचिव के जिम्मे पांच से आठ गांवों का प्रभार रहता है।
अब पंचायत सचिवालयों में पंचायत सहायक इस परेशानी को दूर कराएंगे। प्रशासन ने इसके लिए अब तक 1088 सहायकों का चयन कर इनका प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया है। इनमें से करीब तीन सौ पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण श्रावस्ती में पंचायत ट्रेनिंग सेंटर पर हो चुका है।
पंचायतों में कामकाज देखने के लिए 1204 गांवों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने का कार्य डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति प्रस्तावों का परीक्षण कर तैयार सूची के आधार पर करेग। अभी पंचायत सहायकों की नियुक्ति एक साल के लिए होगी। प्रधान व सचिव के संतोषजनक कार्य की संस्तुति पर यह कार्यकाल अधिकतम दो साल तक बढ़ाया जा सकेगा। अधिकारियों की माने तो जिले में 1088 पंचायतों में सहायकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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पंचायत सहायक आम लोगों के लिए पंचायतों में बने पंचायत सचिवालयों पर मौजूद रहकर उनकी परेशानियां सुनकर निस्तारित करेंगे। पंचायतों में चलने वाली विकास योजनाओं के कामकाज में सहायकों की अहम भूमिका रहेगी।
वर्तमान समय में एक सचिव के जिम्मे करीब आठ गांवों का प्रभार है। सहायक मिलने के बाद उन्हेें कार्य करने में सुगमता मिलेगी और पंचायत के लोगों को भी राहत मिलेगी। जरूरी कार्य वह पंचायत सहायक से कह सकेंगे और पंचायत सहायक सचिव तक बात पहुंचा सकेंगे।
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अब पंचायत सचिवालयों में पंचायत सहायक इस परेशानी को दूर कराएंगे। प्रशासन ने इसके लिए अब तक 1088 सहायकों का चयन कर इनका प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया है। इनमें से करीब तीन सौ पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण श्रावस्ती में पंचायत ट्रेनिंग सेंटर पर हो चुका है।
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पंचायतों में कामकाज देखने के लिए 1204 गांवों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने का कार्य डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति प्रस्तावों का परीक्षण कर तैयार सूची के आधार पर करेग। अभी पंचायत सहायकों की नियुक्ति एक साल के लिए होगी। प्रधान व सचिव के संतोषजनक कार्य की संस्तुति पर यह कार्यकाल अधिकतम दो साल तक बढ़ाया जा सकेगा। अधिकारियों की माने तो जिले में 1088 पंचायतों में सहायकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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पंचायत सहायक आम लोगों के लिए पंचायतों में बने पंचायत सचिवालयों पर मौजूद रहकर उनकी परेशानियां सुनकर निस्तारित करेंगे। पंचायतों में चलने वाली विकास योजनाओं के कामकाज में सहायकों की अहम भूमिका रहेगी।
वर्तमान समय में एक सचिव के जिम्मे करीब आठ गांवों का प्रभार है। सहायक मिलने के बाद उन्हेें कार्य करने में सुगमता मिलेगी और पंचायत के लोगों को भी राहत मिलेगी। जरूरी कार्य वह पंचायत सहायक से कह सकेंगे और पंचायत सहायक सचिव तक बात पहुंचा सकेंगे।