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Gonda News: ड्यूटी में लापरवाही पर उपनिदेशक महिला कल्याण से मांगा जवाब
Wed, 27 Nov 2024 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 27 Nov 2024 11:05 PM IST
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गोंडा। वन स्टॉप सेंटर में संरक्षित एक बालिका के मामले में कार्रवाई करने में देरी और बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर उपनिदेशक महिला कल्याण नरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है। आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने महिला कल्याण उप निदेशक को नोटिस जारी किया है। आयुक्त ने इस कृत्य को गंभीर कदाचार मानते हुए उपनिदेशक महिला कल्याण को तीन दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर वन स्टॉप सेंटर में संरक्षित एक पीड़ित बालिका के मामले में देरी और उप निदेशक की गैर-उपस्थिति का मुद्दा उठाया गया था। आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि बिना अवकाश स्वीकृति मुख्यालय छोड़ना कर्तव्यहीनता की श्रेणी में है। रिपोर्ट के मुताबिक 25 नवंबर को दूरभाष के माध्यम से उप निदेशक नरेंद्र प्रताप सिंह को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने आश्वासन तो दिया लेकिन देर रात तक न तो वे पहुंचे और न ही उनका फोन उपलब्ध था। उन्होंने उस दिन का कोई अवकाश स्वीकृत नहीं कराया था। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि उपनिदेशक तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों को चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के कोई भी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। आयुक्त ने दिसंबर माह में भी मंडलीय अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए थे।
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बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर वन स्टॉप सेंटर में संरक्षित एक पीड़ित बालिका के मामले में देरी और उप निदेशक की गैर-उपस्थिति का मुद्दा उठाया गया था। आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि बिना अवकाश स्वीकृति मुख्यालय छोड़ना कर्तव्यहीनता की श्रेणी में है। रिपोर्ट के मुताबिक 25 नवंबर को दूरभाष के माध्यम से उप निदेशक नरेंद्र प्रताप सिंह को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।
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उन्होंने आश्वासन तो दिया लेकिन देर रात तक न तो वे पहुंचे और न ही उनका फोन उपलब्ध था। उन्होंने उस दिन का कोई अवकाश स्वीकृत नहीं कराया था। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि उपनिदेशक तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों को चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के कोई भी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। आयुक्त ने दिसंबर माह में भी मंडलीय अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए थे।
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