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Gonda News: जम के पढ़ना, अड़ के लड़ना, एक भी सपना न टूटे...
Sun, 10 May 2026 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 10 May 2026 11:36 PM IST
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अमर उजाला काव्य कैफे का शुभारंभ करते अतिथि, मंच पर अतिथियों संग कवि और हॉल में मौजूद श्रोता।
गोंडा। शहर के टाउन हॉल में शनिवार रात आयोजित अमर उजाला काव्य कैफे में कविता, गजल, हास्य और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावुक किया। ठहाके लगाने पर भी मजबूर कर दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में तालियां गूंजती रहीं।
प्रभारी डीएम दयानंद प्रसाद, एसपी विनीत जायसवाल, एडीएम आलोक कुमार, इंडियन बैंक के एजीएम राजेश बडोरिया, एम्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. अभय श्रीवास्तव, परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष एके सिंह, पेंशनर्स कल्याण समिति के केबी सिंह व अनिल श्रीवास्तव ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मशहूर कवि स्वयं श्रीवास्तव की प्रस्तुति पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने युवाओं के संघर्ष और जिंदगी की सच्चाइयों को बेहद मार्मिक अंदाज में प्रस्तुत किया। उन्होंने पढ़ा कि पांवों में बांध लिए पेट के खातिर घुंघरू, मन नहीं होता है, पर नाचना तो पड़ता है...। इसके बाद उनकी चर्चित पंक्तियां- दुनिया समझ रही है कि चमक गया हूं मैं, पर दिल ही जानता है कि कितना थक गया हूं मैं... पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। उनकी संवेदनशील प्रस्तुति ने युवाओं के दिलों को छू लिया।
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साहित्य अकादमी के युवा पुरस्कार विजेता कवि नीलोत्पल मृणाल ने जैसे ही मंच संभाला, युवाओं में उत्साह दोगुना हो गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के संघर्ष, सपनों और उम्मीदों को उन्होंने अपनी कविता में खूबसूरती से पिरोया। उन्होंने पढ़ा कि- जम के पढ़ना, अड़ के लड़ना, एक भी सपना न टूटे, इलाहाबाद के लड़कों, तुमसे ये मौका न छूटे...। कविता सुनते ही युवाओं ने तालियों से उनका स्वागत किया। बचपन को समर्पित उनकी कविता- कहां गया हाय मेरा दिन वो सलोना रे... ने भी श्रोताओं को भावुक कर दिया।
कवयित्री शशि श्रेया ने पढ़ा- दुनिया जीत के कदमों में रख सकते हैं, दो नयनों पर अपना जीवन हारे लोग...। इसके साथ ही उनकी पंक्तियां- इस तरह से मुस्कुरा के मिल रहे हैं, ऐसा लगता है कि बिछड़े मिल रहे हैं। प्रेम पूजा है अगर तो ये बताओ, नालियों में किसके बच्चे मिल रहे हैं... पर भी श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं।
हरदोई से आए हास्य कवि अजीत शुक्ल ने राजनीति, उम्र और सामाजिक बदलावों पर चुटीले अंदाज में तंज कसे। उन्होंने पढ़ा कि- बालों को बाबा रंगाओगे कब तक, तराने जवानी के गाओगे कब तक...। साथ ही उनकी राजनीति पर व्यंग्य करती हुई कविता- बेटा-बाप, चाचा-ताऊ सत्ता का सुख भोग रहे... पर भी श्रोताओं ने खूब आनंद लिया। काव्य कैफे में देर रात तक कविता, गजल और हास्य की महफिल सजी रही और हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
समापन भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक मणि श्रीवास्तव, सपा के प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय, केके श्रीवास्तव, प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष एसपी मिश्र, पूर्व चेयरमैन राजीव रस्तोगी, कांग्रेस नेता शिवकुमार दूबे व भाजपा जिला मंत्री उमेश शुक्ल ने कवियों व संचालक इरफान मोईन को सम्मानित करके किया।
इस अवसर पर डॉ. घनश्याम गुप्ता, रितेश अग्रवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष वंदना गुप्ता, सरिता तिवारी, राजेश रायचंदानी, नीरज मौर्य, जसपाल सिंह सलूजा, यशवंत पांडेय, सभासद फहीम सिद्दीकी, मतीन सिद्दीकी, रजनीश प्रताप सिंह, अमर पांडेय, डॉ. आरपी सिंह, सोनू दूबे, उमाशंकर वर्मा, आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में इनका रहा सहयोग
काव्य कैफे के आयोजन में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, करनैलगंज विधायक अजय सिंह, गौरा विधायक प्रभात वर्मा, तरबगंज विधायक प्रेमनारायण पांडेय, एम्स इंटर कॉलेज, एससीपीएम कॉलेज, मधुलोक हॉस्पिटल, आरएमसी हॉस्पिटल, भारत पैथोलॉजी, गिफ्ट आईवीएफ, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, फुलवारी पब्लिक स्कूल, आईसीआईटी, पंडित जमुना प्रसाद हॉस्पिटल एवं नर्सिंग कॉलेज का सहयोग रहा।
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प्रभारी डीएम दयानंद प्रसाद, एसपी विनीत जायसवाल, एडीएम आलोक कुमार, इंडियन बैंक के एजीएम राजेश बडोरिया, एम्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. अभय श्रीवास्तव, परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष एके सिंह, पेंशनर्स कल्याण समिति के केबी सिंह व अनिल श्रीवास्तव ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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मशहूर कवि स्वयं श्रीवास्तव की प्रस्तुति पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने युवाओं के संघर्ष और जिंदगी की सच्चाइयों को बेहद मार्मिक अंदाज में प्रस्तुत किया। उन्होंने पढ़ा कि पांवों में बांध लिए पेट के खातिर घुंघरू, मन नहीं होता है, पर नाचना तो पड़ता है...। इसके बाद उनकी चर्चित पंक्तियां- दुनिया समझ रही है कि चमक गया हूं मैं, पर दिल ही जानता है कि कितना थक गया हूं मैं... पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। उनकी संवेदनशील प्रस्तुति ने युवाओं के दिलों को छू लिया।
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साहित्य अकादमी के युवा पुरस्कार विजेता कवि नीलोत्पल मृणाल ने जैसे ही मंच संभाला, युवाओं में उत्साह दोगुना हो गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के संघर्ष, सपनों और उम्मीदों को उन्होंने अपनी कविता में खूबसूरती से पिरोया। उन्होंने पढ़ा कि- जम के पढ़ना, अड़ के लड़ना, एक भी सपना न टूटे, इलाहाबाद के लड़कों, तुमसे ये मौका न छूटे...। कविता सुनते ही युवाओं ने तालियों से उनका स्वागत किया। बचपन को समर्पित उनकी कविता- कहां गया हाय मेरा दिन वो सलोना रे... ने भी श्रोताओं को भावुक कर दिया।
कवयित्री शशि श्रेया ने पढ़ा- दुनिया जीत के कदमों में रख सकते हैं, दो नयनों पर अपना जीवन हारे लोग...। इसके साथ ही उनकी पंक्तियां- इस तरह से मुस्कुरा के मिल रहे हैं, ऐसा लगता है कि बिछड़े मिल रहे हैं। प्रेम पूजा है अगर तो ये बताओ, नालियों में किसके बच्चे मिल रहे हैं... पर भी श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं।
हरदोई से आए हास्य कवि अजीत शुक्ल ने राजनीति, उम्र और सामाजिक बदलावों पर चुटीले अंदाज में तंज कसे। उन्होंने पढ़ा कि- बालों को बाबा रंगाओगे कब तक, तराने जवानी के गाओगे कब तक...। साथ ही उनकी राजनीति पर व्यंग्य करती हुई कविता- बेटा-बाप, चाचा-ताऊ सत्ता का सुख भोग रहे... पर भी श्रोताओं ने खूब आनंद लिया। काव्य कैफे में देर रात तक कविता, गजल और हास्य की महफिल सजी रही और हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
समापन भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक मणि श्रीवास्तव, सपा के प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय, केके श्रीवास्तव, प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष एसपी मिश्र, पूर्व चेयरमैन राजीव रस्तोगी, कांग्रेस नेता शिवकुमार दूबे व भाजपा जिला मंत्री उमेश शुक्ल ने कवियों व संचालक इरफान मोईन को सम्मानित करके किया।
इस अवसर पर डॉ. घनश्याम गुप्ता, रितेश अग्रवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष वंदना गुप्ता, सरिता तिवारी, राजेश रायचंदानी, नीरज मौर्य, जसपाल सिंह सलूजा, यशवंत पांडेय, सभासद फहीम सिद्दीकी, मतीन सिद्दीकी, रजनीश प्रताप सिंह, अमर पांडेय, डॉ. आरपी सिंह, सोनू दूबे, उमाशंकर वर्मा, आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में इनका रहा सहयोग
काव्य कैफे के आयोजन में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, करनैलगंज विधायक अजय सिंह, गौरा विधायक प्रभात वर्मा, तरबगंज विधायक प्रेमनारायण पांडेय, एम्स इंटर कॉलेज, एससीपीएम कॉलेज, मधुलोक हॉस्पिटल, आरएमसी हॉस्पिटल, भारत पैथोलॉजी, गिफ्ट आईवीएफ, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, फुलवारी पब्लिक स्कूल, आईसीआईटी, पंडित जमुना प्रसाद हॉस्पिटल एवं नर्सिंग कॉलेज का सहयोग रहा।

अमर उजाला काव्य कैफे का शुभारंभ करते अतिथि, मंच पर अतिथियों संग कवि और हॉल में मौजूद श्रोता।

अमर उजाला काव्य कैफे का शुभारंभ करते अतिथि, मंच पर अतिथियों संग कवि और हॉल में मौजूद श्रोता।