{"_id":"6172fb78d054b76bdb5f0a8a","slug":"agricultur-gonda-news-lko601250233","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब नमी बताकर किसानों का धान वापस नहीं कर सकेगें केंद्र प्रभारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब नमी बताकर किसानों का धान वापस नहीं कर सकेगें केंद्र प्रभारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। तेज बारिश से भीगी धान की फसल बेचने की चिंता के बीच किसानों के लिए अच्छी खबर मिल रही है। सरकारी क्रय केंद्रों पर प्रभारी किसानों को धान में अधिक नमी का बहाना बताकर वापस नहीं कर पाएंगे। धान में अधिक नमी होने पर किसानों का धान केंद्र पर ही सुखवाकर खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में एक नवंबर से 88 सरकारी क्रय केंद्र्र पर धान की खरीद शुरू की जाएगी। इस वर्ष सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल व ए ग्रेड के धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसान सप्ताह के सभी दिन 50 क्विंटल से अधिक भी धान बेंच सकेंगे। किसान 50 क्विंटल धान ही बेच पाते थे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि मौसम की मार से परेशान किसानों को राहत देने के लिए क्रय केंद्रों पर नमी बताकर किसानों का धान वापस न किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों का धान गीला या गंदा होने पर केंद्र प्रभारी अस्वीकृत नहीं करेंगे, बल्कि उसे क्रय केंद्र पर सुखाने व साफ करने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा। मानक के अनुरूप गुणवत्ता होने पर किसान का धान खरीदा जाएगा। यदि धान की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है और किसान संतुष्ट नहीं है, तो वह तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के यहां अपील कर सकता है।
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी 48 घंटे के अंदर किसान के समक्ष धान का विश्लेषण कर निर्णय लेगी। डीएम ने सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को आदेश जारी किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि विशेष परिस्थितियों में किसानों के लाए गए धान को अस्वीकृत किए जाने पर रिजेक्शन रजिस्टर में धान विक्रेता का नाम व उसका पूरा पता, मोबाइल नंबर, धान की मात्रा और अस्वीकृत करने का पर्याप्त एवं स्पष्ट कारण अंकित किया जाएगा। मांग किए जाने पर रिजेक्शन रजिस्टर संबंधित किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को दिखाया जाएगा। इस बार प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी किसान को वापस न किया जाय।
विज्ञापन
कोटेदारों के यहां भी हो सकेगा पंजीकरण
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। किसान गांव के कोटेदार के पास जाकर पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण के दौरान आधारकार्ड से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा। पंजीकरण के दौरान किसानों को धान की फसल के अतिरिक्त उन्हें अन्य फसलों के बारे में बताना होगा। गन्ना व अन्य फसलों का रकबा भी दर्ज होगा। पंजीकरण के बाद किसानों का सत्यापन कराया जाएगा। जिस तहसील के खेत में धान की फसल होगी उसी तहसील के केंद्रों पर ही धान बेचना पड़ेगा।
किसानों को दिए जाएंगे टोकन
धान खरीद में क्रय केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगे, जिसके लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि किसान स्वयं विभाग की वेबसाइट एफसीएस डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट इन पर ई उपार्जन मॉडयूल में पंजीकरण पोर्टल पर जाकर टोकन जनरेट कर सकते हैं। यदि किसान ने किसी क्रय केंद्र पर एक बार धान विक्रय कर दिया हो तो उसे अपना संपूर्ण धान उसी क्रय केंद्र पर ही बेचना होगा। किसान के मोबाइल नंबर पर टोकन के लिए ओटीपी प्राप्त होगा। इस ओटीपी को दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेगा।
समस्या होने पर किसान यहां करें शिकायत
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय- 05262-222637 व 7839565037
सदर तहसील में -6393681179,
मनकापुर में- 8601478717,
कर्नलगंज में -7355388459
तरबगंज में- 9451128088
विज्ञापन
जिले में एक नवंबर से 88 सरकारी क्रय केंद्र्र पर धान की खरीद शुरू की जाएगी। इस वर्ष सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल व ए ग्रेड के धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसान सप्ताह के सभी दिन 50 क्विंटल से अधिक भी धान बेंच सकेंगे। किसान 50 क्विंटल धान ही बेच पाते थे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि मौसम की मार से परेशान किसानों को राहत देने के लिए क्रय केंद्रों पर नमी बताकर किसानों का धान वापस न किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों का धान गीला या गंदा होने पर केंद्र प्रभारी अस्वीकृत नहीं करेंगे, बल्कि उसे क्रय केंद्र पर सुखाने व साफ करने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा। मानक के अनुरूप गुणवत्ता होने पर किसान का धान खरीदा जाएगा। यदि धान की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है और किसान संतुष्ट नहीं है, तो वह तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के यहां अपील कर सकता है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी 48 घंटे के अंदर किसान के समक्ष धान का विश्लेषण कर निर्णय लेगी। डीएम ने सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को आदेश जारी किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि विशेष परिस्थितियों में किसानों के लाए गए धान को अस्वीकृत किए जाने पर रिजेक्शन रजिस्टर में धान विक्रेता का नाम व उसका पूरा पता, मोबाइल नंबर, धान की मात्रा और अस्वीकृत करने का पर्याप्त एवं स्पष्ट कारण अंकित किया जाएगा। मांग किए जाने पर रिजेक्शन रजिस्टर संबंधित किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को दिखाया जाएगा। इस बार प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी किसान को वापस न किया जाय।
विज्ञापन
कोटेदारों के यहां भी हो सकेगा पंजीकरण
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। किसान गांव के कोटेदार के पास जाकर पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण के दौरान आधारकार्ड से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा। पंजीकरण के दौरान किसानों को धान की फसल के अतिरिक्त उन्हें अन्य फसलों के बारे में बताना होगा। गन्ना व अन्य फसलों का रकबा भी दर्ज होगा। पंजीकरण के बाद किसानों का सत्यापन कराया जाएगा। जिस तहसील के खेत में धान की फसल होगी उसी तहसील के केंद्रों पर ही धान बेचना पड़ेगा।
किसानों को दिए जाएंगे टोकन
धान खरीद में क्रय केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगे, जिसके लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि किसान स्वयं विभाग की वेबसाइट एफसीएस डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट इन पर ई उपार्जन मॉडयूल में पंजीकरण पोर्टल पर जाकर टोकन जनरेट कर सकते हैं। यदि किसान ने किसी क्रय केंद्र पर एक बार धान विक्रय कर दिया हो तो उसे अपना संपूर्ण धान उसी क्रय केंद्र पर ही बेचना होगा। किसान के मोबाइल नंबर पर टोकन के लिए ओटीपी प्राप्त होगा। इस ओटीपी को दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेगा।
समस्या होने पर किसान यहां करें शिकायत
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय- 05262-222637 व 7839565037
सदर तहसील में -6393681179,
मनकापुर में- 8601478717,
कर्नलगंज में -7355388459
तरबगंज में- 9451128088