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सरयूपुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रांस्पोर्टेशन मूल्य बढ़ाया, महंगाई बढ़ी
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गोंडा। क्षतिग्रस्त सरयू पुल पर आवागमन थमने का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर दिखाई पड़ना शुरू हो गया है। क्षतिग्रस्त पुल पर लोड वाहनों के आवागमन पर लगी रोक की आड़ में ट्रांसपोर्टरों ने दैनिक उपयोग में इस्तेमाल आने वाली खाद्य सामग्री व सब्जियों की भाड़ा कीमत में मनमानी बढ़ोत्तरी कर दी है।
इससे खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छूने लगे हैं। इसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। कारोबारी पुल बंद होने से ढुलाई वाहनों को 20 से 30 किलोमीटर अधिक दूरी तय करके को भाड़ा बढ़ाने का कारण बता रहे हैं।
गोंडा-लखनऊ मार्ग पर बने सरयू पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बड़े वाहनों का आवागमन बंद होने का क्षेत्र पर बुरा प्रभाव पड़ा है। माला भाड़ा में हुई बढ़ोतरी से चीनी, तेल, सरसो का तेल, डालडा, मैदा व सब्जी फल के भाव ने महंगाई का बोझ आम लोगों के कंधों पर और बढ़ा दिया है।
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बीते शनिवार तक जो आलू 800 से 850 रुपया प्रति कुंतल बिक रहा था उसकी कीमत वर्तमान में 950 से 1000 तक पहुंच गयी है। इसी तरह 30 किलो प्रति कैरेट टमाटर की कीमत 500 से 600 से बढ़कर 1000 प्याज की कीमत 2000 से 26 सौ से 27 सौ प्रति कुंतल, 150 से 200 प्रति 5 किलो बिकने वाले परवल की कीमत अब 400 रुपया तक पहुंच गयी है।
इसी तरह चीनी का फुटकर मूल्य 36 से बढ़कर 42 रुपया प्रति किलो और सरसों तेल, रिफाइंड, डालडा, मैदा, दाल की कीमतों में 100 से 150 रुपए कुंतल व टीन की बढ़ोतरी माल भाड़े के कारण हो चुकी है।
व्यापारियों का मानना है कि सरयू पुल बंद होने के नाते लोडिंग वाहन बहराइच या हुजूरपुर या भौरी गंज होकर आते हैं। इससे करीब 30 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ती है। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टरों ने भी भाड़े में बढ़ोत्तरी कर दी है। प्रति नग 50 रुपया वाले बंडल का माल भाड़ा अब 80 से 90 रुपया तक हो गया है। भाड़ा बढ़ने से फलों के दामों में भी 50 रुपया प्रति पेटी के हिसाब से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
सरयू पुल पर यातायात बन्द होने से तमाम लोगों के घर, मकान, दुकान व भवन का निर्माण भी प्रभावित हो गया है। गिट्टी, मौरंग व सीमेंट के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। बाहर से आने वाला गिट्टी, मोरंग का आयात ठप हो गया है। शिवानी ट्रांसपोर्ट के मालिक राजेश सिंह बताते हैं पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोडिंग ट्रकों का रूट डायवर्जन किया गया है।
जिस रास्ते से लोडिंग ट्रक आते हैं वो बहुत जर्जर हो चुके हैं एक तो लंबी दूरी दूसरा खराब रोड के चलते ट्रकों के फंसने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यही वजह है भाड़ा ज्यादा देने के बावजूद ट्रक वाले यहाँ माल लाने को तैयार नहीं होते हैं। इसलिए सामग्री की आपूर्ति बाधित हो गई है।
दो सप्ताह में ठीक हो जाएगा पुल
लोकनिर्माण विभाग व सेतु निगम की संयुक्त टीमों के निरीक्षण उपरांत पांचवें दिन से पुल का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन विनोद त्रिपाठी का कहना है पुल का मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। भरोसा दिलाया कि करीब दो सप्ताह के भीतर पुल का मरम्मत कार्य पूर्ण कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
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इससे खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छूने लगे हैं। इसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। कारोबारी पुल बंद होने से ढुलाई वाहनों को 20 से 30 किलोमीटर अधिक दूरी तय करके को भाड़ा बढ़ाने का कारण बता रहे हैं।
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गोंडा-लखनऊ मार्ग पर बने सरयू पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बड़े वाहनों का आवागमन बंद होने का क्षेत्र पर बुरा प्रभाव पड़ा है। माला भाड़ा में हुई बढ़ोतरी से चीनी, तेल, सरसो का तेल, डालडा, मैदा व सब्जी फल के भाव ने महंगाई का बोझ आम लोगों के कंधों पर और बढ़ा दिया है।
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बीते शनिवार तक जो आलू 800 से 850 रुपया प्रति कुंतल बिक रहा था उसकी कीमत वर्तमान में 950 से 1000 तक पहुंच गयी है। इसी तरह 30 किलो प्रति कैरेट टमाटर की कीमत 500 से 600 से बढ़कर 1000 प्याज की कीमत 2000 से 26 सौ से 27 सौ प्रति कुंतल, 150 से 200 प्रति 5 किलो बिकने वाले परवल की कीमत अब 400 रुपया तक पहुंच गयी है।
इसी तरह चीनी का फुटकर मूल्य 36 से बढ़कर 42 रुपया प्रति किलो और सरसों तेल, रिफाइंड, डालडा, मैदा, दाल की कीमतों में 100 से 150 रुपए कुंतल व टीन की बढ़ोतरी माल भाड़े के कारण हो चुकी है।
व्यापारियों का मानना है कि सरयू पुल बंद होने के नाते लोडिंग वाहन बहराइच या हुजूरपुर या भौरी गंज होकर आते हैं। इससे करीब 30 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ती है। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टरों ने भी भाड़े में बढ़ोत्तरी कर दी है। प्रति नग 50 रुपया वाले बंडल का माल भाड़ा अब 80 से 90 रुपया तक हो गया है। भाड़ा बढ़ने से फलों के दामों में भी 50 रुपया प्रति पेटी के हिसाब से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
सरयू पुल पर यातायात बन्द होने से तमाम लोगों के घर, मकान, दुकान व भवन का निर्माण भी प्रभावित हो गया है। गिट्टी, मौरंग व सीमेंट के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। बाहर से आने वाला गिट्टी, मोरंग का आयात ठप हो गया है। शिवानी ट्रांसपोर्ट के मालिक राजेश सिंह बताते हैं पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोडिंग ट्रकों का रूट डायवर्जन किया गया है।
जिस रास्ते से लोडिंग ट्रक आते हैं वो बहुत जर्जर हो चुके हैं एक तो लंबी दूरी दूसरा खराब रोड के चलते ट्रकों के फंसने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यही वजह है भाड़ा ज्यादा देने के बावजूद ट्रक वाले यहाँ माल लाने को तैयार नहीं होते हैं। इसलिए सामग्री की आपूर्ति बाधित हो गई है।
दो सप्ताह में ठीक हो जाएगा पुल
लोकनिर्माण विभाग व सेतु निगम की संयुक्त टीमों के निरीक्षण उपरांत पांचवें दिन से पुल का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन विनोद त्रिपाठी का कहना है पुल का मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। भरोसा दिलाया कि करीब दो सप्ताह के भीतर पुल का मरम्मत कार्य पूर्ण कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।