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बकाया जमा करने के बाद भी बकाएदार
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:57 PM IST
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गलत बिलिंग से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता आजिज आ गए हैं। हालात ये हैं कि हर सब स्टेशन क्षेत्र में दर्जनों की संख्या में ऐसे लोग पावर कॉर्पोरेशन के बकाएदार हैं, जिन्होंने अपना पिछला सारा बकाया कबका जमा कर दिया है। बावजूद इसके उनके बिल से बकाए की रकम अब तक नहीं घटाई गई है।
इसे लेकर जहां इन उपभोक्ताओं में पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ आक्रोश है तो वहीं इसका खामियाजा इलाकाई अवर अभियंताओं को उपभोक्ताओं के गुस्से के रूप में झेलना पड़ रहा है।
धानेपुर बाजार में रहने वाले बिजली उपभोक्ता रामनाथ मिश्र, रामअचल जायसवाल व अशफाक अहमद की मानें तो उन्होंने अपना बिल कई महीने पहले ही चुकता कर दिया था लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के नए बिल में जमा की गई रकम घटाई ही नहीं गई है।
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मजबूरी में उन्हें न चाहते हुए भी बार-बार पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह हाल केवल अकेले धानेपुर बिजलीघर का नहीं है बल्कि सभी 22 बिजलीघरों का है, जहां से दर्जनों उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजा जा रहा है।
बकाए की जो धनराशि उपभोक्ताओं ने काफी पहले ही जमा कर दी थी उसे उनके बिजली के बिल से न घटाकर मय मूलधन और ब्याज समेत बिलिंग की जा रही है।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ अवर अभियंताओं ने बताया कि पावर कारपोरेशन की इस गलती से उन्हें भी क्षेत्र में बेहद शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।
कभी-कभी तो नौबत मारपीट की भी आ जाती है लेकिन वे कर ही क्या सकते हैं क्योंकि उनके पास तो उसी बिलिंग की डुप्लीकेट रसीद होती है, जो कि उपभोक्ता को भेजी जाती है।
अब अगर उसका पैसा नहीं घटा है तो यह गलती न तो उपभोक्ता की है न ही उनकी। इस बाबत पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता राधेश्याम भाष्कर का कहना है कि बकाए बिल की पोस्टिंग कभी-कभी न हो पाने से यह दिक्कत पैदा होती है जिसे बाद में सुधार दिया जाता है।
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इसे लेकर जहां इन उपभोक्ताओं में पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ आक्रोश है तो वहीं इसका खामियाजा इलाकाई अवर अभियंताओं को उपभोक्ताओं के गुस्से के रूप में झेलना पड़ रहा है।
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धानेपुर बाजार में रहने वाले बिजली उपभोक्ता रामनाथ मिश्र, रामअचल जायसवाल व अशफाक अहमद की मानें तो उन्होंने अपना बिल कई महीने पहले ही चुकता कर दिया था लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के नए बिल में जमा की गई रकम घटाई ही नहीं गई है।
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मजबूरी में उन्हें न चाहते हुए भी बार-बार पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह हाल केवल अकेले धानेपुर बिजलीघर का नहीं है बल्कि सभी 22 बिजलीघरों का है, जहां से दर्जनों उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजा जा रहा है।
बकाए की जो धनराशि उपभोक्ताओं ने काफी पहले ही जमा कर दी थी उसे उनके बिजली के बिल से न घटाकर मय मूलधन और ब्याज समेत बिलिंग की जा रही है।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ अवर अभियंताओं ने बताया कि पावर कारपोरेशन की इस गलती से उन्हें भी क्षेत्र में बेहद शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।
कभी-कभी तो नौबत मारपीट की भी आ जाती है लेकिन वे कर ही क्या सकते हैं क्योंकि उनके पास तो उसी बिलिंग की डुप्लीकेट रसीद होती है, जो कि उपभोक्ता को भेजी जाती है।
अब अगर उसका पैसा नहीं घटा है तो यह गलती न तो उपभोक्ता की है न ही उनकी। इस बाबत पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता राधेश्याम भाष्कर का कहना है कि बकाए बिल की पोस्टिंग कभी-कभी न हो पाने से यह दिक्कत पैदा होती है जिसे बाद में सुधार दिया जाता है।