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मनवर के बाद अब सरयू- बिसुही नदी का होगा जीर्णोद्धार
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गोंडा। एतिहासिक नदियों को संवारने के लिए जिले में तेजी से कार्य शुरू होंगे। अभी मनवर नदी के विकास के लिए मनरेगा से कार्य हो रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान शुरू हुए कार्य से मनवर नदी को नया रूप दिया जा रहा है। अब इस परियोजना पर 3 करोड़ 47 लाख रूपए खर्च करके करीब 17 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है।
इससे 10 हजार के करीब श्रमिकों को रोजगार भी मिल चुका है। अब जिले की अन्य तीन अहम नदियों के विकास की तैयारी शुरू हो रही है। करनैलगंज की एतिहासिक व पौराणिक नदी सरयू नदी पर जल्द ही कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए सर्वे की कार्यवाही करीब-करीब पूरी हो गई है। इसी के साथ ही बिसुही व टेढ़ी नदी भी जल्द ही नए स्वरूप में दिखेंगी।
जिले की चारो प्रमुख नदियों के विकास के लिए 175 करोड़ के बजट को सिंचाई एवं जन संसाधन विकास विभाग ने मनरेगा से स्वीकृति दी है। नदियों के उद्गम स्थल को विकसित किया जाएगा। नदियों का उद्गम स्थल लोगों की आस्था के साथ ही जिले के लोगों के लिए एक आदर्श स्थल है। मौजूदा समय में उद्गम स्थल अविकसित ही नहीं उपेक्षा से काफी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है।
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अब इन स्थलों को न सिर्फ संवारा जाएगा बल्कि उसे श्रद्धालुओं की सोच के मुताबिक विकसित किया जाएगा। नदियों के उद्गम स्थल पर सरोवर का सुंदरीकरण करने की योजना के साथ ही नदियों को अविरल बनाने के कार्य कराए जाएंगे। जिससे नदियां फिर से नए स्वरूप में आ सकें।
इटियाथोक के तिर्रेमनरोमा से निकल 5 ब्लाकों के 47 गावों से होते हुए बस्ती के मखौड़ा तक जाने वाली मनवर नदी को मनरेगा से निर्मल बनाने की मुहिम की शुरुआत हो चुकी थी और इसके विकास का काफी काम भी हो चुका है। टेढ़ी नदी के जीर्णोद्धार के लिए पहले कुछ काम हुए लेकिन काम रुक गए।
इसके भी जल्द शुुरू होने की तैयारी हो रही। टेढ़ी का उद्गम स्थल बहराइच में होने से जिले में सिल्ट सफाई के साथ ही नदियों के दोनो तरफ पथ निर्माण का कार्य होना है। मनरेगा से बनाए गए प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने के साथ ही दो नही चारो प्रमुख नदियों के विकास की तैयारी शुरू हो गई है। मनवर के साथ ही अब टेढ़ी, सरयू और बिसुही नदियों का विकास होगा।
नदियों के विकास के लिए कार्य शुरू कराने की तैयारी में विभाग
जिले की नदियों को विकसित करने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। टेढ़ी नदी के लिए 65 करोड़, सरयू नदी के लिए 55 करोड़, बिसुही नदी के लिए 35 करोड़ और मनवर के लिए 20 करोड़ का बजट खर्च होने है। हर नदी के उद्गम स्थल के विकास के साथ ही पौधरोपण, तालाबों के पुनरुद्धार, ठेक का हटाया जाने के कार्य होने हैं। जिससे नदियां अविरल होकर बह सकें।
अभी कई स्थानों पर नदियां लुप्त हो गईं हैं और लोगों ने अतिक्रमण करके खेत भी बना लिया है। ऐसे में नदियों के बीच आने वाले अवरोध को भी दूर किए जाएंगे। इसके लिए सिंचाई विभाग ने नदियों का सर्वे कार्य किया है, जिससे यह बात सामने आई कि कहां पर कौन सा कार्य होना है। सबसे कठिन कार्य मनवर को पुराने स्वरूप में लाने का हैं, नदी जहां से गुजरी है वहां कई स्थानों को पाट कर खेती के प्रयोग में लोग ला रहे हैं। इससे नदी को संवारने के लिए बजट भी बढ़ाया गया है।
सरयू के उद्गम स्थल के लिए विकास पर होगा विशेष
सिंचाई विभाग के सर्वे में यह बात सामने आई है कि सरयू नदी अपने उद्गम स्थल से हटकर बह रही है। सरयू नदी के 50 किमी लंबी है और इसके सर्वे के बाद अब विकास की योजना बनी है। पूर्व में सरयू ड्रेनेज ने सरयू को मूल स्थान पर ले जाने के लिए एक नाले का निर्माण भी हुआ था जो अब कारगर नहीं रह गया है।
इसके विकास से भी नदी को पुराने स्वरूप में लाया जा सकता है। इसी तरह टेढ़ी नदी के 230 किमी लंबी है जिले की करीब 150 गावों से होकर बहने वाली इस नदी से काफी किसानों को लाभ भी मिलेगा। बिसुही नदी के 20 किमी लम्बी है और इसके विकास से भी एक लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा। विभाग नदियों को निर्मल बनाकर लोगों के लिए अच्छा स्थल भी देने की तैयारी में है।
जिले की प्रमुख नदियों को निर्मल बनाने और उनके विकास की योजना पर काम हो रहा है। मनवर नदी पर काफी कार्य हो चुका है। अन्य नदियों के विकास के लिए ब्लॉक वार बैठकें की गई हैं, जल्द ही कार्य शुरू कराए जाएंगे।
- शशांक त्रिपाठी, सीडीओ
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इससे 10 हजार के करीब श्रमिकों को रोजगार भी मिल चुका है। अब जिले की अन्य तीन अहम नदियों के विकास की तैयारी शुरू हो रही है। करनैलगंज की एतिहासिक व पौराणिक नदी सरयू नदी पर जल्द ही कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए सर्वे की कार्यवाही करीब-करीब पूरी हो गई है। इसी के साथ ही बिसुही व टेढ़ी नदी भी जल्द ही नए स्वरूप में दिखेंगी।
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जिले की चारो प्रमुख नदियों के विकास के लिए 175 करोड़ के बजट को सिंचाई एवं जन संसाधन विकास विभाग ने मनरेगा से स्वीकृति दी है। नदियों के उद्गम स्थल को विकसित किया जाएगा। नदियों का उद्गम स्थल लोगों की आस्था के साथ ही जिले के लोगों के लिए एक आदर्श स्थल है। मौजूदा समय में उद्गम स्थल अविकसित ही नहीं उपेक्षा से काफी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है।
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अब इन स्थलों को न सिर्फ संवारा जाएगा बल्कि उसे श्रद्धालुओं की सोच के मुताबिक विकसित किया जाएगा। नदियों के उद्गम स्थल पर सरोवर का सुंदरीकरण करने की योजना के साथ ही नदियों को अविरल बनाने के कार्य कराए जाएंगे। जिससे नदियां फिर से नए स्वरूप में आ सकें।
इटियाथोक के तिर्रेमनरोमा से निकल 5 ब्लाकों के 47 गावों से होते हुए बस्ती के मखौड़ा तक जाने वाली मनवर नदी को मनरेगा से निर्मल बनाने की मुहिम की शुरुआत हो चुकी थी और इसके विकास का काफी काम भी हो चुका है। टेढ़ी नदी के जीर्णोद्धार के लिए पहले कुछ काम हुए लेकिन काम रुक गए।
इसके भी जल्द शुुरू होने की तैयारी हो रही। टेढ़ी का उद्गम स्थल बहराइच में होने से जिले में सिल्ट सफाई के साथ ही नदियों के दोनो तरफ पथ निर्माण का कार्य होना है। मनरेगा से बनाए गए प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने के साथ ही दो नही चारो प्रमुख नदियों के विकास की तैयारी शुरू हो गई है। मनवर के साथ ही अब टेढ़ी, सरयू और बिसुही नदियों का विकास होगा।
नदियों के विकास के लिए कार्य शुरू कराने की तैयारी में विभाग
जिले की नदियों को विकसित करने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। टेढ़ी नदी के लिए 65 करोड़, सरयू नदी के लिए 55 करोड़, बिसुही नदी के लिए 35 करोड़ और मनवर के लिए 20 करोड़ का बजट खर्च होने है। हर नदी के उद्गम स्थल के विकास के साथ ही पौधरोपण, तालाबों के पुनरुद्धार, ठेक का हटाया जाने के कार्य होने हैं। जिससे नदियां अविरल होकर बह सकें।
अभी कई स्थानों पर नदियां लुप्त हो गईं हैं और लोगों ने अतिक्रमण करके खेत भी बना लिया है। ऐसे में नदियों के बीच आने वाले अवरोध को भी दूर किए जाएंगे। इसके लिए सिंचाई विभाग ने नदियों का सर्वे कार्य किया है, जिससे यह बात सामने आई कि कहां पर कौन सा कार्य होना है। सबसे कठिन कार्य मनवर को पुराने स्वरूप में लाने का हैं, नदी जहां से गुजरी है वहां कई स्थानों को पाट कर खेती के प्रयोग में लोग ला रहे हैं। इससे नदी को संवारने के लिए बजट भी बढ़ाया गया है।
सरयू के उद्गम स्थल के लिए विकास पर होगा विशेष
सिंचाई विभाग के सर्वे में यह बात सामने आई है कि सरयू नदी अपने उद्गम स्थल से हटकर बह रही है। सरयू नदी के 50 किमी लंबी है और इसके सर्वे के बाद अब विकास की योजना बनी है। पूर्व में सरयू ड्रेनेज ने सरयू को मूल स्थान पर ले जाने के लिए एक नाले का निर्माण भी हुआ था जो अब कारगर नहीं रह गया है।
इसके विकास से भी नदी को पुराने स्वरूप में लाया जा सकता है। इसी तरह टेढ़ी नदी के 230 किमी लंबी है जिले की करीब 150 गावों से होकर बहने वाली इस नदी से काफी किसानों को लाभ भी मिलेगा। बिसुही नदी के 20 किमी लम्बी है और इसके विकास से भी एक लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा। विभाग नदियों को निर्मल बनाकर लोगों के लिए अच्छा स्थल भी देने की तैयारी में है।
जिले की प्रमुख नदियों को निर्मल बनाने और उनके विकास की योजना पर काम हो रहा है। मनवर नदी पर काफी कार्य हो चुका है। अन्य नदियों के विकास के लिए ब्लॉक वार बैठकें की गई हैं, जल्द ही कार्य शुरू कराए जाएंगे।
- शशांक त्रिपाठी, सीडीओ