{"_id":"68150787c5c162c5dd069c99","slug":"advocates-protested-in-sdms-chamber-gonda-news-c-100-1-gon1001-136974-2025-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: एसडीएम के चैंबर में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: एसडीएम के चैंबर में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
Fri, 02 May 2025 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 02 May 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
एसडीएम तरबगंज राजीव मोहन सक्सेना के चैंबर में मौजूद आक्रोशित अधिवक्ता। स्रोत: संगठन
तरबगंज (गोंडा)। तहसील विभाजन को लेकर शासन को रिपोर्ट भेजने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को एसडीएम के चैंबर में जमकर नारेबाजी की। बाद में एसडीएम वहां से चले गए।
एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना शुक्रवार को अपने चैंबर में बैठे काम कर रहे थे। दोपहर को बड़ी संख्या में अधिवक्ता उनके चैंबर में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। एसडीएम ने थाने में फोन कर पुलिस बुलाई तो अधिवक्ता उग्र हो गए। इस पर एसडीएम वहां से चले गए। तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री रवींद्र पांडेय ने कहा कि तहसील विभाजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को अधिवक्ताओं के संज्ञान में लाए बिना ही शासन को रिपोर्ट भेज दी गई। एसडीएम की कार्यशैली वकीलों व वादकारियों के प्रति सही नहीं है। एसडीएम न्यायालय में मुकदमों की फाइलों का बोझ है। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के सैकड़ों आवेदन लंबित हैं, जिनका निस्तारण नहीं हो रहा है। एसडीएम के साथ ही अन्य अधिकारी भी समय से कोर्ट में नहीं बैठते, जिससे मामलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में तहसील अध्यक्ष सुरेश सिंह, ओपी सिंह, प्राण शंकर तिवारी, अजय तिवारी, जटाशंकर सिंह, सुनील तिवारी, पवन सिंह आदि शामिल हैं।
शासन को भेजी तथ्यात्मक रिपोर्ट
तहसील विभाजन को लेकर शासन को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी गई है। जिसको लेकर अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। हमने लोगों व वादकारियों के हित को देखते हुए सही व तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी है। कोई गलती नहीं की।
विज्ञापन
राजीव मोहन सक्सेना, एसडीएम तरबगंज
विज्ञापन
एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना शुक्रवार को अपने चैंबर में बैठे काम कर रहे थे। दोपहर को बड़ी संख्या में अधिवक्ता उनके चैंबर में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। एसडीएम ने थाने में फोन कर पुलिस बुलाई तो अधिवक्ता उग्र हो गए। इस पर एसडीएम वहां से चले गए। तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री रवींद्र पांडेय ने कहा कि तहसील विभाजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को अधिवक्ताओं के संज्ञान में लाए बिना ही शासन को रिपोर्ट भेज दी गई। एसडीएम की कार्यशैली वकीलों व वादकारियों के प्रति सही नहीं है। एसडीएम न्यायालय में मुकदमों की फाइलों का बोझ है। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के सैकड़ों आवेदन लंबित हैं, जिनका निस्तारण नहीं हो रहा है। एसडीएम के साथ ही अन्य अधिकारी भी समय से कोर्ट में नहीं बैठते, जिससे मामलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में तहसील अध्यक्ष सुरेश सिंह, ओपी सिंह, प्राण शंकर तिवारी, अजय तिवारी, जटाशंकर सिंह, सुनील तिवारी, पवन सिंह आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
शासन को भेजी तथ्यात्मक रिपोर्ट
तहसील विभाजन को लेकर शासन को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी गई है। जिसको लेकर अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। हमने लोगों व वादकारियों के हित को देखते हुए सही व तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी है। कोई गलती नहीं की।
विज्ञापन
राजीव मोहन सक्सेना, एसडीएम तरबगंज