{"_id":"5a89f876dd35526e6ad29554b9f19c3c","slug":"advocate-s-performs-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" वकीलाें ने किया प्रदर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलाें ने किया प्रदर्शन
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2015 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम न्यायालय की स्थापना के विरोध को लेकर चल रहे आंदोलन में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट व दीवानी परिसर में जुलूस निकाला। सभा कर सरकार के विरोध में अधिवक्ता खूब बरसे। वकीलों ने प्रदर्शन कर आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है।
इसके बाद अधिवक्ताओं ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्राम न्यायालय की स्थापना के लिए सरकार का फैसला निरस्त करने की मांग की गई है। बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रियुगी नरायण पांडेय व सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष रामतीरथ सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय की स्थापना के विरोध में कलेक्ट्रेट व दीवानी परिसर में जुलूस निकाला।
इसके बाद वकीलों को हुजूम मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा और मंडलायुक्त मुरलीधर दूबे को ज्ञापन सौंपा। जिसमें ग्राम न्यायालय की स्थापना का सरकारी आदेश निरस्त करने की मांग की। अधिवक्ता एनआईसी के सामने सभा कर सूबे की सरकार पर खूब बरसे।
विज्ञापन
सभा को संबोधित करते हुए त्रियुगी नरायण पांडेय ने कहा कि यह आंदोलन न्याय, न्यायालय की गरिमा व वादकारियों के हितों की सुरक्षा के लिए है। अधिवक्ता इसके लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। संयुक्त मंत्री सुरेंद्र मिश्र ने कहा कि ग्राम न्यायालय की स्थापना के जरिए सूबे की सरकार अधिवक्ताओं में फूट डालने का प्रयास कर रही है।
सभा को संगमलाल द्विवेदी, रामबुझारत द्विवेदी, सच्चिदानंद मिश्र, शेषमणि दूबे, नगेंद्र शर्मा, कौशल किशोर पांडेय, मनोज श्रीवास्तव, अयोध्या प्रसाद सिंह, विजय सिंह, रामकृ पाल शुक्ल, विनय मिश्र, रितेश यादव आदि ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
इसके बाद अधिवक्ताओं ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्राम न्यायालय की स्थापना के लिए सरकार का फैसला निरस्त करने की मांग की गई है। बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रियुगी नरायण पांडेय व सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष रामतीरथ सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय की स्थापना के विरोध में कलेक्ट्रेट व दीवानी परिसर में जुलूस निकाला।
विज्ञापन
इसके बाद वकीलों को हुजूम मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा और मंडलायुक्त मुरलीधर दूबे को ज्ञापन सौंपा। जिसमें ग्राम न्यायालय की स्थापना का सरकारी आदेश निरस्त करने की मांग की। अधिवक्ता एनआईसी के सामने सभा कर सूबे की सरकार पर खूब बरसे।
विज्ञापन
सभा को संबोधित करते हुए त्रियुगी नरायण पांडेय ने कहा कि यह आंदोलन न्याय, न्यायालय की गरिमा व वादकारियों के हितों की सुरक्षा के लिए है। अधिवक्ता इसके लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। संयुक्त मंत्री सुरेंद्र मिश्र ने कहा कि ग्राम न्यायालय की स्थापना के जरिए सूबे की सरकार अधिवक्ताओं में फूट डालने का प्रयास कर रही है।
सभा को संगमलाल द्विवेदी, रामबुझारत द्विवेदी, सच्चिदानंद मिश्र, शेषमणि दूबे, नगेंद्र शर्मा, कौशल किशोर पांडेय, मनोज श्रीवास्तव, अयोध्या प्रसाद सिंह, विजय सिंह, रामकृ पाल शुक्ल, विनय मिश्र, रितेश यादव आदि ने भी संबोधित किया।