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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2015 11:03 PM IST
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करनैलगंज तहसील में ग्राम न्यायालय की स्थापना के विरोध में चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन के 26वें दिन मंगलवार को वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं ने बैठक कर अगली रणनीति बनाई है, जिसमें 28 अगस्त तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष माधवराज मिश्र व सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार मिश्र की अध्यक्षता में बार एसोसिएशन के सभागार में एक बैठक हुई। इसका संचालन बार एसोसिएशन के महामंत्री रहस्य बिहारी मिश्र व सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री आनंदराज सिंह ने किया।
बैठक में ज्ञान चंद्र श्रीवास्तव उर्फ पप्पू, राधेश्याम महंत, जगदंबा प्रसाद पांडेय, ब्रम्हानन्द सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, राम करन मिश्र, सुरेन्द्र नाथ मिश्र, सच्चिदानन्द मिश्र, गोकरन नाथ पांडेय ने अपने विचार रखे। अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर ठोस परिणाम आने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
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महामंत्री रहस्य बिहारी मिश्र ने बताया कि 28 अगस्त तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। उन्होंने बताया कि कोई भी अधिवक्ता काम नहीं करेगा, नोटरी व सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री से संबंधित कार्य भी अधिवक्ता नहीं करेंगे।
इसके लिए बार संघ की ओर से एक जांच कमेटी हर रोज नामित की जाएगी, जो अदालतों पर जाकर निगरानी करेगी। अगर कोई अधिवक्ता कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद प्रगति रिपोर्ट सिविल बार एसोसिएशन के सभागार में रखी जाएगी। 28 अगस्त को अगली बैठक बुलाई गई है, इसमें अगली रणनीति तय की जाएगी।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष माधवराज मिश्र व सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार मिश्र की अध्यक्षता में बार एसोसिएशन के सभागार में एक बैठक हुई। इसका संचालन बार एसोसिएशन के महामंत्री रहस्य बिहारी मिश्र व सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री आनंदराज सिंह ने किया।
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बैठक में ज्ञान चंद्र श्रीवास्तव उर्फ पप्पू, राधेश्याम महंत, जगदंबा प्रसाद पांडेय, ब्रम्हानन्द सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, राम करन मिश्र, सुरेन्द्र नाथ मिश्र, सच्चिदानन्द मिश्र, गोकरन नाथ पांडेय ने अपने विचार रखे। अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर ठोस परिणाम आने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
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महामंत्री रहस्य बिहारी मिश्र ने बताया कि 28 अगस्त तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। उन्होंने बताया कि कोई भी अधिवक्ता काम नहीं करेगा, नोटरी व सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री से संबंधित कार्य भी अधिवक्ता नहीं करेंगे।
इसके लिए बार संघ की ओर से एक जांच कमेटी हर रोज नामित की जाएगी, जो अदालतों पर जाकर निगरानी करेगी। अगर कोई अधिवक्ता कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद प्रगति रिपोर्ट सिविल बार एसोसिएशन के सभागार में रखी जाएगी। 28 अगस्त को अगली बैठक बुलाई गई है, इसमें अगली रणनीति तय की जाएगी।