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एक मौत, दर्जन भर को घायल करने के बाद हटाया गया हादशों वाला ब्रेकर
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गोंडा के डीएम आवास के सामने बने स्पीड ब्रेकर को तोड़ती जेसीबी।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिलाधिकारी आवास के सामने बनाया गया मानक विहीन स्पीड ब्रेकर करीब दर्जन भर लोगों को घायल करने व डायट पर तैनात लिपिक की मौत के बाद आखिरकार रविवार को हटवा दिया गया। डीएम आवास के बाहर देररात इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह की अगुवाई में लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
आलोचनाओं से घिरे ब्रेकर को आनन-फानन में हटवा दिया गया।
जिलाधिकारी आवास के सामने पिछले सप्ताह बनाए गए स्पीड ब्रेकर से करीब दर्जन भर लोग घायल हो गए। डायट पर तैनात लिपिक सुमित श्रीवास्तव की इलाज के दौरान मौत हो गई।
शनिवार को दिनभर सोशल मीडिया पर सुमित की मौत के बाद ब्रेकर को लेकर आलोचनाएं की जा रही थीं। लोग स्पीड ब्रेकर को लेकर अपना आक्रोश जाहिर कर रहे थे। तभी देर शाम चौक बाजार निवासी राजेश तिवारी पुत्र भुनेश्वर तिवारी इसी ब्रेकर पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। फिर एक व्यक्ति के घायल होने के बाद लोगों का आक्रोश तेज हो गया। शनिवार की रात में इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह की अगुवाई में लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के खिलाफ घंटों नारेबाजी चलती रही।
जिलाधिकारी ने ब्रेकर में तकनीकी कमियों को मानते हुए रात में हटवा दिया। जिलाधिकारी ने ट्वीट कर लिखा कि उनके आवास के सामने बनाए गए स्पीड ब्रेकर को तत्काल प्रभाव से हटवाया जा रहा है। तकनीकी खामियों के चलते स्पीड ब्रेकर से राहगीर चुटहिल हो रहे हैं, ऐसा संज्ञान में आया है।
डीएम आवास के सामने बने मानक विहीन स्पीड ब्रेकर के चलते मरने वाले तथा घायलों को मुआवजा देने की मांग को लेकर युुवाओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इंकलाब फाउंडेशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में मांग किया गया कि स्पीड ब्रेकर की वजह से मरने वाले लिपिक को पांच लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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आलोचनाओं से घिरे ब्रेकर को आनन-फानन में हटवा दिया गया।
जिलाधिकारी आवास के सामने पिछले सप्ताह बनाए गए स्पीड ब्रेकर से करीब दर्जन भर लोग घायल हो गए। डायट पर तैनात लिपिक सुमित श्रीवास्तव की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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शनिवार को दिनभर सोशल मीडिया पर सुमित की मौत के बाद ब्रेकर को लेकर आलोचनाएं की जा रही थीं। लोग स्पीड ब्रेकर को लेकर अपना आक्रोश जाहिर कर रहे थे। तभी देर शाम चौक बाजार निवासी राजेश तिवारी पुत्र भुनेश्वर तिवारी इसी ब्रेकर पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। फिर एक व्यक्ति के घायल होने के बाद लोगों का आक्रोश तेज हो गया। शनिवार की रात में इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह की अगुवाई में लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के खिलाफ घंटों नारेबाजी चलती रही।
जिलाधिकारी ने ब्रेकर में तकनीकी कमियों को मानते हुए रात में हटवा दिया। जिलाधिकारी ने ट्वीट कर लिखा कि उनके आवास के सामने बनाए गए स्पीड ब्रेकर को तत्काल प्रभाव से हटवाया जा रहा है। तकनीकी खामियों के चलते स्पीड ब्रेकर से राहगीर चुटहिल हो रहे हैं, ऐसा संज्ञान में आया है।
डीएम आवास के सामने बने मानक विहीन स्पीड ब्रेकर के चलते मरने वाले तथा घायलों को मुआवजा देने की मांग को लेकर युुवाओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इंकलाब फाउंडेशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में मांग किया गया कि स्पीड ब्रेकर की वजह से मरने वाले लिपिक को पांच लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।