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Gonda News: मां वाराही धाम पहुंचा साधु-संतों का जत्था
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उमरीबेगमगंज के वाराही धाम पहुंचा परिक्रमार्थियों का जत्था। - संवाद
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गोंडा। मखौड़ा धाम से चली 84 कोसी परिक्रमा यात्रा का दूसरा जत्था महंत गयादास की अगुवाई में मां वाराही धाम पहुंचा, जहां सेठ रंगीलाल गुप्ता की अगुवाई में ग्रामीणों ने साधु-संतों का स्वागत किया।
मां वाराही मंदिर की पुजारी साध्वी रामा देवी ने साधु-संतों को फल वितरित किए। यात्रा की अगुवाई कर रहे महंत गयादास ने कहा कि सड़क की स्थिति बहुत ही बदहाल है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। नुकीले पत्थरों पर चलकर साधु-संतों के पैरों में छाले पड़ गए हैं। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोग सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। मां वाराही धाम अयोध्या की शास्त्रीय सीमा से लगा हुआ शक्तिपीठ है। इसे पर्यटन स्थल घोषित कर इसका चौमुखी विकास होना चाहिए। कहा कि कुछ लोग यात्रा का राजनीतिकरण कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि सभी लोगों को एकजुट होकर एक साथ परिक्रमा यात्रा करनी चाहिए।
वर्षों से चल रही 84 कोसी परिक्रमा यात्रा में शामिल साधु-संतों के भोजन आदि की व्यवस्था पीढि़यों से रंगीलाल गुप्ता व उनके परिवार के लोग करते आ रहे हैं। यात्रा में समस्तीपुर बिहार के रमेश दास, पटना के रामेश्वर दास, छतरपुर के रामदास, छत्तीसगढ़ के श्यामलाल और कुरुक्षेत्र हरियाणा से जंगली दास, रंजीत दास सहित तमाम साधु व संत शामिल हैं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस क्षेत्राधिकारी तरबगंज संसार सिंह राठी, थानाध्यक्ष उमरी बेगमगंज संजीव वर्मा टीम के साथ मौजूद रहे।
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मां वाराही मंदिर की पुजारी साध्वी रामा देवी ने साधु-संतों को फल वितरित किए। यात्रा की अगुवाई कर रहे महंत गयादास ने कहा कि सड़क की स्थिति बहुत ही बदहाल है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। नुकीले पत्थरों पर चलकर साधु-संतों के पैरों में छाले पड़ गए हैं। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोग सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। मां वाराही धाम अयोध्या की शास्त्रीय सीमा से लगा हुआ शक्तिपीठ है। इसे पर्यटन स्थल घोषित कर इसका चौमुखी विकास होना चाहिए। कहा कि कुछ लोग यात्रा का राजनीतिकरण कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि सभी लोगों को एकजुट होकर एक साथ परिक्रमा यात्रा करनी चाहिए।
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वर्षों से चल रही 84 कोसी परिक्रमा यात्रा में शामिल साधु-संतों के भोजन आदि की व्यवस्था पीढि़यों से रंगीलाल गुप्ता व उनके परिवार के लोग करते आ रहे हैं। यात्रा में समस्तीपुर बिहार के रमेश दास, पटना के रामेश्वर दास, छतरपुर के रामदास, छत्तीसगढ़ के श्यामलाल और कुरुक्षेत्र हरियाणा से जंगली दास, रंजीत दास सहित तमाम साधु व संत शामिल हैं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस क्षेत्राधिकारी तरबगंज संसार सिंह राठी, थानाध्यक्ष उमरी बेगमगंज संजीव वर्मा टीम के साथ मौजूद रहे।
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