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लेखपालों ने खड़े किए हाथ कैसे बनें प्रमाणपत्र
Gonda
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
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गोंडा। देवीपाटन मंडल में 396 लेखपाल व 41 राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पद रिक्त हैं। हाल ही में मंडल के करीब 1200 लेखपालों व कानूनगो के हाथ खड़े करने से जाति, आय व निवास समेत अन्य प्रमाण पत्रों के जारी होने में संकट उत्पन्न हो गया है। लेखपालों की भारी कमी से लेखपाल संघ ने रिपोर्ट लगाने का कार्य बंद कर दिया है। इसका प्रभाव जेल में निरुद्ध बंदियों पर भी पड़ेगा। एक लाख से ऊपर के जमानतदारों का सत्यापन रिपोर्ट भी लटक जाएगा।
मंडल में 67 राजस्व निरीक्षक के पद सृजित हैं। जिसके सापेक्ष 26 की तैनाती है। इसी तरह मंडल में लेखपाल के 1581 पद सृजित हैं। जिसके सापेक्ष 1185 की तैनाती है। इस तरह लेखपालों के 396 पद रिक्त हैं। काफी समय से यूपी लेखपाल संघ जिले व मंडल में लेखपाल व राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदों पर तैनाती को लेकर आंदोलन कर रहा है। लेखपालाें ने फैसला किया है कि अब वह आय, जाति, निवास सहित अन्य कार्यों का निस्तारण नहीं करेंगे। अब आवेदनकर्ताओं का जाति, निवास समेत अन्य कागजात तहसील से कैसे बनेंगे इसका जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं उन लोगों की भी बेचैनी बढ़ गई है, जिनके अपने जेल में निरुद्ध हैं और उनकी जमानत के लिए लगाए गए कागजातों के सत्यापन से लेखपालों ने मना कर दिया है। ऐसे में लेखपाल न जमानत के लिए लगाए गए कागजातों का सत्यापन करेंगे और न ही जेल में निरुद्ध बंदी जमानत पर बाहर आएंगे।
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मंडल में 67 राजस्व निरीक्षक के पद सृजित हैं। जिसके सापेक्ष 26 की तैनाती है। इसी तरह मंडल में लेखपाल के 1581 पद सृजित हैं। जिसके सापेक्ष 1185 की तैनाती है। इस तरह लेखपालों के 396 पद रिक्त हैं। काफी समय से यूपी लेखपाल संघ जिले व मंडल में लेखपाल व राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदों पर तैनाती को लेकर आंदोलन कर रहा है। लेखपालाें ने फैसला किया है कि अब वह आय, जाति, निवास सहित अन्य कार्यों का निस्तारण नहीं करेंगे। अब आवेदनकर्ताओं का जाति, निवास समेत अन्य कागजात तहसील से कैसे बनेंगे इसका जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं उन लोगों की भी बेचैनी बढ़ गई है, जिनके अपने जेल में निरुद्ध हैं और उनकी जमानत के लिए लगाए गए कागजातों के सत्यापन से लेखपालों ने मना कर दिया है। ऐसे में लेखपाल न जमानत के लिए लगाए गए कागजातों का सत्यापन करेंगे और न ही जेल में निरुद्ध बंदी जमानत पर बाहर आएंगे।
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