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बाढ़ के पानी में बही साकीपुर-गोकुला गांव की पुलिया, संपर्क मार्ग टूटा
Updated Sat, 18 Aug 2018 11:04 PM IST
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सरयू बहा ले गई पुल, तीन गांवों का संपर्क टूटा
गोंडा। बाढ़ के पानी से उफना रही सरयू नदी ने करनैलगंज के बाद नवाबगंज क्षेत्र में भी तबाही मचानी शुरू कर दी है। शुक्रवार की देर रात बाढ़ के पानी से साकीपुर व गोकुला गांव की सीमा पर बने संपर्क मार्ग का पुल बह गया।
जिससे टड़िया, चहलावा व अट्ठईसा का संपर्क नवाबगंज से पूरी तरह टूट गया। इन गांवों के लोगों की बाढ़ के पानी ने नींद उड़ा दी।
सरयू नदी में आई बाढ़ का असर नवाबगंज क्षेत्र के 30 गांवों पर पड़ा है। बाढ़ का पानी क्षेत्र के गांवों में तेजी से बढ़ रहा है। गांव में दो से तीन फिट तक पानी भर गया है। शुक्रवार की देर रात जब साकीपुर, गोकुला, जैतपुर माझा, तुलसीपुर माझा गांव के तीस से अधिक मजरों के लोग नींद की आगोश में थे तभी बाढ़ के पानी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया।
बाढ़ के पानी से साकीपुर व गोकुला गांव की सीमा पर बने संपर्क मार्ग की पुलिया बह गई और संपर्क मार्ग कटकर बाढ़ के पानी में समा गया। जिससे चारो गांवों के तीस मजरों के तकरीबन तीस हजार लोग प्रभावित हुए हैं। शनिवार की सुबह इन गांवों में दो से तीन फिट तक पानी भर गया।
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पुलिया बहने और संपर्क मार्ग कटने से साकीपुर गांव के मजरे अट्ठईसा, टड़िया व चहलावा के पांच सौ से अधिक लोगों का नवाबगंज से संपर्क टूट गया है। जिससे ग्रामीण में सुबह से ही बाढ़ में फंसे हैं। यहां देर शाम तक प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को गांव से निकालने के लिए न तो नाव लगाई गई और न ही प्रशासनिक अमला ही पहुंचा है।
बाढ़ में फंसे ग्रामीण, नहीं बंटी इमदाद
अट्ठईसा, टड़िया व चहलवा गांव का संपर्क टूटने से ग्रामीण बाढ़ में फंसे हैं। शनिवार की सुबह से लेकर देर शाम तक यहां प्रशासनिक अमला बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने को नहीं पहुंचा।
न ही सरकारी इमदाद ही मिली है। साकीपुर गांव के मजरे चहलावा के राजू यादव, बाउर, मौजीराम, मुंशी, अट्ठईसा के साहबसरन यादव, गांधी यादव, गंगाराम, छेदी यादव, टड़िया के राम उजागिर यादव, बारु यादव, रामदेव व मोती ने बताया कि वह सभी बाढ़ से घिरे हैं। गांव से निकलने के काई इंतजाम प्रशासन ने अभी तक नहीं किया है और न ही उन्हें कोई सहायता ही दी है।
जुलाई में ही प्रधान ने प्रशासन का था चेताया
बाढ़ की तैयारियों को लेकर माह जुलाई में तहसील तरबगंज में बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्राम प्रधान व लेखपालों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें साकीपुर के ग्राम प्रधान छोटेलाल यादव ने एसडीएम को बताया था कि साकीपुर व गोकुला गांव की सीमा पर बने संपर्क मार्ग की पुलिया जर्जर है और संपर्क मार्ग की सड़क भी उजड़ गई है, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
जिसके मरम्मत की जरुरत है। ग्राम प्रधान ने बताया कि एसडीएम ने पुलिया निर्माण कराने व सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन भी दिया था। मगर उसके बाद भी न तो पुलिया बनवाई गई और न ही सड़क की मरम्मत ही कराई गई।
बाढ़ के पानी में डूबे चार गांवों के तीस मजरों के संपर्क मार्ग
पुल के बाढ़ के पानी में बह जाने और संपर्क मार्ग कट जाने से भोड़वा, चौड़वा, टेपरा, गोकुला डीहा, मचरहा, अहिरन टाड़ी, पुद्दनपुरुवा, अहिरन टाड़ी, माझा, बढ़यीनपुरुवा, कोरिनपुरुवा, डीहा, शुकुलपुरुवा, बलुहा, अट्ठाईसा, राजा फार्म, पुरे गोड़िया, पुरे डाली, अहिरनपुरुवा, पुरे राम प्रसाद, पुरे अर्जुन, पट्टी, हरबक्श धर्मराज पुरुवा, गोजर पुरुवा, फार्म नं एक तथा केवटहिया, पुद्दनपुरुवा, सांवलपुरुवा, जैतपुर माझा, मल्लहनपुरुवा का संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब चुका है। पानी के बहाव के कारण इन मजरों का संपर्क मार्ग पर कट रहा है।
वर्जन
अट्ठईसा, टड़िया व चहलवा गांव में बाढ़ के पानी से ग्रामीणों का संपर्क टूटने की सूचना मिली है। लेखपालों की टीम मौके पर भेजी गई है। जरुरत के मुताबिक ग्रामीणों के लिए नावें लगाई जाएंगी और उन्हें सहायता भी दी जाएगी।
-सौरभ भट्ट, एसडीएम तरबगंज
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गोंडा। बाढ़ के पानी से उफना रही सरयू नदी ने करनैलगंज के बाद नवाबगंज क्षेत्र में भी तबाही मचानी शुरू कर दी है। शुक्रवार की देर रात बाढ़ के पानी से साकीपुर व गोकुला गांव की सीमा पर बने संपर्क मार्ग का पुल बह गया।
जिससे टड़िया, चहलावा व अट्ठईसा का संपर्क नवाबगंज से पूरी तरह टूट गया। इन गांवों के लोगों की बाढ़ के पानी ने नींद उड़ा दी।
सरयू नदी में आई बाढ़ का असर नवाबगंज क्षेत्र के 30 गांवों पर पड़ा है। बाढ़ का पानी क्षेत्र के गांवों में तेजी से बढ़ रहा है। गांव में दो से तीन फिट तक पानी भर गया है। शुक्रवार की देर रात जब साकीपुर, गोकुला, जैतपुर माझा, तुलसीपुर माझा गांव के तीस से अधिक मजरों के लोग नींद की आगोश में थे तभी बाढ़ के पानी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया।
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बाढ़ के पानी से साकीपुर व गोकुला गांव की सीमा पर बने संपर्क मार्ग की पुलिया बह गई और संपर्क मार्ग कटकर बाढ़ के पानी में समा गया। जिससे चारो गांवों के तीस मजरों के तकरीबन तीस हजार लोग प्रभावित हुए हैं। शनिवार की सुबह इन गांवों में दो से तीन फिट तक पानी भर गया।
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पुलिया बहने और संपर्क मार्ग कटने से साकीपुर गांव के मजरे अट्ठईसा, टड़िया व चहलावा के पांच सौ से अधिक लोगों का नवाबगंज से संपर्क टूट गया है। जिससे ग्रामीण में सुबह से ही बाढ़ में फंसे हैं। यहां देर शाम तक प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को गांव से निकालने के लिए न तो नाव लगाई गई और न ही प्रशासनिक अमला ही पहुंचा है।
बाढ़ में फंसे ग्रामीण, नहीं बंटी इमदाद
अट्ठईसा, टड़िया व चहलवा गांव का संपर्क टूटने से ग्रामीण बाढ़ में फंसे हैं। शनिवार की सुबह से लेकर देर शाम तक यहां प्रशासनिक अमला बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने को नहीं पहुंचा।
न ही सरकारी इमदाद ही मिली है। साकीपुर गांव के मजरे चहलावा के राजू यादव, बाउर, मौजीराम, मुंशी, अट्ठईसा के साहबसरन यादव, गांधी यादव, गंगाराम, छेदी यादव, टड़िया के राम उजागिर यादव, बारु यादव, रामदेव व मोती ने बताया कि वह सभी बाढ़ से घिरे हैं। गांव से निकलने के काई इंतजाम प्रशासन ने अभी तक नहीं किया है और न ही उन्हें कोई सहायता ही दी है।
जुलाई में ही प्रधान ने प्रशासन का था चेताया
बाढ़ की तैयारियों को लेकर माह जुलाई में तहसील तरबगंज में बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्राम प्रधान व लेखपालों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें साकीपुर के ग्राम प्रधान छोटेलाल यादव ने एसडीएम को बताया था कि साकीपुर व गोकुला गांव की सीमा पर बने संपर्क मार्ग की पुलिया जर्जर है और संपर्क मार्ग की सड़क भी उजड़ गई है, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
जिसके मरम्मत की जरुरत है। ग्राम प्रधान ने बताया कि एसडीएम ने पुलिया निर्माण कराने व सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन भी दिया था। मगर उसके बाद भी न तो पुलिया बनवाई गई और न ही सड़क की मरम्मत ही कराई गई।
बाढ़ के पानी में डूबे चार गांवों के तीस मजरों के संपर्क मार्ग
पुल के बाढ़ के पानी में बह जाने और संपर्क मार्ग कट जाने से भोड़वा, चौड़वा, टेपरा, गोकुला डीहा, मचरहा, अहिरन टाड़ी, पुद्दनपुरुवा, अहिरन टाड़ी, माझा, बढ़यीनपुरुवा, कोरिनपुरुवा, डीहा, शुकुलपुरुवा, बलुहा, अट्ठाईसा, राजा फार्म, पुरे गोड़िया, पुरे डाली, अहिरनपुरुवा, पुरे राम प्रसाद, पुरे अर्जुन, पट्टी, हरबक्श धर्मराज पुरुवा, गोजर पुरुवा, फार्म नं एक तथा केवटहिया, पुद्दनपुरुवा, सांवलपुरुवा, जैतपुर माझा, मल्लहनपुरुवा का संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब चुका है। पानी के बहाव के कारण इन मजरों का संपर्क मार्ग पर कट रहा है।
वर्जन
अट्ठईसा, टड़िया व चहलवा गांव में बाढ़ के पानी से ग्रामीणों का संपर्क टूटने की सूचना मिली है। लेखपालों की टीम मौके पर भेजी गई है। जरुरत के मुताबिक ग्रामीणों के लिए नावें लगाई जाएंगी और उन्हें सहायता भी दी जाएगी।
-सौरभ भट्ट, एसडीएम तरबगंज