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इंजेक्शन लगाने के तीन घंटे भीतर मरीज की मौत
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:46 PM IST
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इंजेक्शन लगाने के तीन घंटे भीतर मरीज की मौत
गोंडा। मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की इंजेक्शन लगाने के तीन घंटे बाद अचानक मौत हो गई। जिसे लेकर मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। वहीं डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों ने भी अस्पताली अव्यवस्थाओं से नाराज होकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
बताते हैं कि गल्ली मंडी के शिवनगर कालोनी निवासी मोतीलाल श्रीवास्तव (82) को मंगलवार की शाम तीन बजे उनके घर वालों सांस संबंधी शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मोतीलाल के पुत्र सौरभ के मुताबिक अपने पिता को लेकर जब वह लोग जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर तक नहीं मिली।
जिसपर वह जैसे-तैसे अपने पिता को लेकर अस्पताल के भीतर दाखिल हुए। यहां उनके पिता की हालत बेहद खराब थी। बावजूद इसके कोई डाक्टर सुनने तक को तैयार नहीं थी। सौरभ के मुताबिक अस्पताल में भर्ती होने पर डाक्टर ने उनके पिता को एक इंजेक्शन लगाया। जिसके तीन घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
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मोतीलाल की मौत से गुस्साए उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। वहीं अस्पताली अव्यवस्थाओं से नाराज डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों ने भी अस्पताल प्रशासन पर मरीजों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
सौरभ के मुताबिक अस्पताल प्रशासन की इससे बड़ी लापरवाही और क्या होगी कि पिता की मौत के बाद उनके शव को घर लाने के लिए एक अदद वाहन तक उन्हें मुहैया नहीं हो पाया। जबकि शवों को लाने-ले जाने के लिए अस्पताल के पास खुद का शव वाहन उपलब्ध है।
इस बारे में जब प्रभारी सीएमएस डा. अजीत कुमार जायसवाल के सीयूजी मोबाइल नम्बर 8005192659 पर सम्पर्क किया गया तो उनका मोबाइल स्विच आफ मिला। जबकि सीएमओ डा.संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना था कि सीएमएस से उन्हें ऐसी कोई सूचना फिलहाल तो नहीं मिली है। लेकिन अगर ऐसा कुछ हुआ है तो इसे दिखवाया जाएगा।
गोंडा। मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की इंजेक्शन लगाने के तीन घंटे बाद अचानक मौत हो गई। जिसे लेकर मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। वहीं डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों ने भी अस्पताली अव्यवस्थाओं से नाराज होकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
बताते हैं कि गल्ली मंडी के शिवनगर कालोनी निवासी मोतीलाल श्रीवास्तव (82) को मंगलवार की शाम तीन बजे उनके घर वालों सांस संबंधी शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मोतीलाल के पुत्र सौरभ के मुताबिक अपने पिता को लेकर जब वह लोग जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर तक नहीं मिली।
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जिसपर वह जैसे-तैसे अपने पिता को लेकर अस्पताल के भीतर दाखिल हुए। यहां उनके पिता की हालत बेहद खराब थी। बावजूद इसके कोई डाक्टर सुनने तक को तैयार नहीं थी। सौरभ के मुताबिक अस्पताल में भर्ती होने पर डाक्टर ने उनके पिता को एक इंजेक्शन लगाया। जिसके तीन घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
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मोतीलाल की मौत से गुस्साए उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। वहीं अस्पताली अव्यवस्थाओं से नाराज डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों ने भी अस्पताल प्रशासन पर मरीजों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
सौरभ के मुताबिक अस्पताल प्रशासन की इससे बड़ी लापरवाही और क्या होगी कि पिता की मौत के बाद उनके शव को घर लाने के लिए एक अदद वाहन तक उन्हें मुहैया नहीं हो पाया। जबकि शवों को लाने-ले जाने के लिए अस्पताल के पास खुद का शव वाहन उपलब्ध है।
इस बारे में जब प्रभारी सीएमएस डा. अजीत कुमार जायसवाल के सीयूजी मोबाइल नम्बर 8005192659 पर सम्पर्क किया गया तो उनका मोबाइल स्विच आफ मिला। जबकि सीएमओ डा.संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना था कि सीएमएस से उन्हें ऐसी कोई सूचना फिलहाल तो नहीं मिली है। लेकिन अगर ऐसा कुछ हुआ है तो इसे दिखवाया जाएगा।