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7851 अभ्यर्थियों ने छोड़ा चकबंदी लेखपाल का एग्जाम
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:27 AM IST
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जिले में 7851 अभ्यर्थियों ने चकबंदी लेखपाल का एग्जाम छोड़ दिया। 30 केंद्रों पर 13 हजार 974 के सापेेक्ष मात्र छह हजार 123 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच चकबंदी लेखपाल की परीक्षा संपन्न कराई।
नकलविहीन व शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने के लिए सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया था। चार जोनल व 12 सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ-साथ डीएम ने भी कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया।
डीएम प्रीति शुक्ला ने रविवार को बताया कि एडीएम शिवपूजन को चकबंदी लेखपाल भर्ती परीक्षा-2015 का नोडल अफसर बनाया गया था।
नकलविहीन व शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने के लिए पहले से ही सभी तैयारियां की गई थीं। चार जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को तैनात कर परीक्षा के दौरान मोबाइल रहने का कड़ा निर्देश जारी किया गया था।
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सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एआरटीओ सुभाष चंद कुशवाहा को वाहनों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया था।
सहायक भूलेख अधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा कराने की पूरी रिपोर्ट अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेज दी गई है।
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नकलविहीन व शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने के लिए सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया था। चार जोनल व 12 सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ-साथ डीएम ने भी कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया।
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डीएम प्रीति शुक्ला ने रविवार को बताया कि एडीएम शिवपूजन को चकबंदी लेखपाल भर्ती परीक्षा-2015 का नोडल अफसर बनाया गया था।
नकलविहीन व शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने के लिए पहले से ही सभी तैयारियां की गई थीं। चार जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को तैनात कर परीक्षा के दौरान मोबाइल रहने का कड़ा निर्देश जारी किया गया था।
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सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एआरटीओ सुभाष चंद कुशवाहा को वाहनों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया था।
सहायक भूलेख अधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा कराने की पूरी रिपोर्ट अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेज दी गई है।