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शिक्षक दिवस पर 75 गुरूजनों को मिला सम्मान
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गोंडा के जिला पंचायत सभागार में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करते डीएम व एसडीएम।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस 75 शिक्षकों को जिला पंचायत सभागार में डीएम मार्कंडेय शाही व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सूरज पटेल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षक समाज की दशा और दिशा तय करते हैं। वे अपने ज्ञान के माध्यम से बच्चों में नैतिकता, राष्ट्र प्रेम व कुछ कर गुजरने का जज्बा भरने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में गुरू को भगवान से बड़ा दर्जा आदि काल से ही दिया गया है।
आज के परिवेश में पुस्तकीय ज्ञान ही प्रासंगिकता नहीं रह गई है, बल्कि सामाजिक मूल्यों की भी जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए नकल विहीन परीक्षाएं आयोजित कराने का प्रयास किया गया। इसी के साथ बालिका व महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार द्वारा तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित होने वाले गुरूजनों को बधाई दी।
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सम्मान समारोह में एसडीएम सदर सूरज पटेल ने कहा कि माता-पिता और शिक्षक दुनिया के सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा नींव मजबूत करने का काम करती है तो वहीं माध्यमिक शिक्षा बच्चों का वास्तविक चरित्र निर्माण का कार्य करती है।
उन्होंने महान दार्शनिक अरस्तु के प्रेरणादायक विचारों के माध्यम से सभागार में उपस्थित अध्यापकों को प्रोत्साहित किया। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने विगत चार वर्षों में माध्यमिक शिक्षा के उन्नयन को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
इस दौरान धर्मवीर सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, भोलानाथ मिश्र, सहदेव सिंह, ऋषि शुक्ल, राज कुमार पांडेय, नरेन्द्र मिश्र, राजेश द्विवेदी, प्रवीन सिंह, रवि यादव समेत काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षक समाज की दशा और दिशा तय करते हैं। वे अपने ज्ञान के माध्यम से बच्चों में नैतिकता, राष्ट्र प्रेम व कुछ कर गुजरने का जज्बा भरने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में गुरू को भगवान से बड़ा दर्जा आदि काल से ही दिया गया है।
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आज के परिवेश में पुस्तकीय ज्ञान ही प्रासंगिकता नहीं रह गई है, बल्कि सामाजिक मूल्यों की भी जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए नकल विहीन परीक्षाएं आयोजित कराने का प्रयास किया गया। इसी के साथ बालिका व महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार द्वारा तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित होने वाले गुरूजनों को बधाई दी।
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सम्मान समारोह में एसडीएम सदर सूरज पटेल ने कहा कि माता-पिता और शिक्षक दुनिया के सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा नींव मजबूत करने का काम करती है तो वहीं माध्यमिक शिक्षा बच्चों का वास्तविक चरित्र निर्माण का कार्य करती है।
उन्होंने महान दार्शनिक अरस्तु के प्रेरणादायक विचारों के माध्यम से सभागार में उपस्थित अध्यापकों को प्रोत्साहित किया। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने विगत चार वर्षों में माध्यमिक शिक्षा के उन्नयन को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
इस दौरान धर्मवीर सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, भोलानाथ मिश्र, सहदेव सिंह, ऋषि शुक्ल, राज कुमार पांडेय, नरेन्द्र मिश्र, राजेश द्विवेदी, प्रवीन सिंह, रवि यादव समेत काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।