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66 हजार आवेदकों के एक करोड़ बर्बाद

Wed, 08 Jul 2015 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा Updated Wed, 08 Jul 2015 11:54 PM IST
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जिले में 53 ग्राम पंचायत अधिकारियों की तैनाती के लिए दो साल तक चली कवायद के बाद 66 हजार आवेदकों को झटका लग गया। एक करोड़ से अधिक रुपये आवेदकों के बर्बाद हो गए। दो साल पहले जिले में ग्राम पंचायत अधिकारी पद के लिए आवेदन मांगे गए थे।
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इसमें करीब 66 हजार लोगों ने आवेदन किए थे। दो साल तक आवेदन पत्रों की छंटनी होती रही। सूची बनती रही लेकिन सारी कवायद बेकार हो गई। अब एक बार फिर इन्हीं पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। फर्क बस इतना है कि पिछली बार आवेदन फॉर्म के माध्यम से किए गए थे, इस बार ये ऑनलाइन किए जा रहे हैं।
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जिले में 163 ग्राम पंचायत अधिकारी के पद हैं, जिनमें मौजूदा समय में 99 पदों पर अधिकारी कार्यरत हैं। ऐसे में 64 ग्राम पंचायत अधिकारियों का काम उधार के कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है। 2013 में ग्राम पंचायत अधिकारी के 53 पदों पर तैनाती के लिए आवेदन मांगे गए थे। 53 पदों पर तैनाती के लिए करीब 66 हजार आवेदन पत्र जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। इन आवेदन फॉर्मों की छंटनी के लिए विभाग के कर्मचारियों के साथ सफाई कर्मी को लगाया गया।
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करीब दो वर्ष तक आवेदन फॉर्मों की छंटनी व लिस्टिंग होती रही, लेकिन करीब 66 हजार आवेदकों को उस समय झटका लगा जब सरकार ने इन्हीं पदों के लिए दोबारा आवेदन मांगा लिया।

विकास भवन का लगाते रहे चक्कर
2013 में ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र जमा करने में 66 हजार अभ्यर्थियों के एक करोड़ से अधिक रुपये खर्च हो गए। हालांकि आवेदन पत्र जमा करने के दौरान कोई शुल्क नहीं मांगा गया था पर अभ्यर्थियों को  प्रमाण पत्र व अन्य कागजात तैयार करने में 200 से 300 रुपये प्रति अभ्यर्थी के खर्च हुए थे। आवेदन करने वाले दो साल तक विकास भवन का चक्कर काटते रहे और नतीजा शून्य निकला।

टूटा सपना
ग्राम पंचायत अधिकारी के पद के लिए वर्ष 2013 में आवेदन करने वाली रुपईडीह ब्लॉक के गांव पिरवरतारा गांव निवासिनी वंदना शुक्ला ने बताया कि दो साल तक इंतजार करने के बाद अब उनका सपना टूट गया। अब वे दोबारा आवेदन नहीं करेंगी। उन्होंने बताया कि उस समय फॉर्म भरने के लिए करीब 400 रुपये खर्च हुए थे, वह भी बेकार गए। सरकार को भर्ती नहीं करनी थी तो फॉर्म भराए ही क्यों थे।

फोटो- 20- गोंडा में वंदना शुक्ला ।

फॉर्म भरने की निकली उम्र
शहर निवासी देव व्रत शुक्ल ने कहा कि सरकार भर्ती के नाम पर बेरोजगारों के साथ छलावा कर रही है। दो साल पहले रिक्तियां निकाली और हजारों बेरोजगारों ने आवेदन पत्र भी जमा किए पर नतीजा सिफर रहा। इससे बेरोजगार अपने को छला महसूस कर रहे हैं क्योंकि आवेदन करने वालों में कई की उम्र अब अधिक हो गई है, जिससे अब वे आवेदन नहीं कर सकते। पहले जो आवेदन पत्र जमा हैं उनसे ही पदों को भरा जाए।
फोटो- 19- गोंडा में देव व्रत ।
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