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ब आदमपुर में झोलाछाप के इंजेक्शन से गई जान
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:14 PM IST
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झोलाछाप के लगाए इंजेक्शन ने ली युवक की जान
उमरीबेगमगंज। रविवार की रात उमरीबेगमगंज इलाके में एक झोलाछाप के लगाए गए इंजेक्शन से 32 साल के युवक की जान चली गई।
हादसे के बाद से जहां झोलाछाप अपनी क्लीनिक बंद कर फरार चल रहा है तो वहीं मामले में मरने वाले युवक के बड़े भाई ने इसकी तहरीर उमरीबेगमंज थाने पर दी है।
एसओ मनोज कुमार राय का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
थानाक्षेत्र के आदमपुर गांव में रहने वाले सुनील कुमार (32) की रविवार रात अचानक तबियत खराब हो गई है। इसपर वह बगल आदमपुर बाजार में क्लीनिक करने वाले एक बंगाली डाक्टर मनोजजीत राय के यहां गए।
जहां मनोजजीत राय ने उन्हें एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही सुनील की तबियत बिगड़ गई और कुछ ही समय में उसने दम तोड़ दिया। सुनील की मौत के बाद झोलाछाप बंगाली अपनी क्लीनिक बंद कर फरार हो गया। जिसका सोमवार को भी कोई पता नहीं चला।
परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सुनील के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुनील के बड़े भाई बाबू पटाहर ने उमरीबेगमगंज थाने में इसकी तहरीर दी है। हालांकि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामले में अब तक कोई मुकदमा नहीं लिखा है।
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12 साल पहले बंगाल से आए इस झोलाछाप ने आदमपुर गांव को अपने रहने का अड्डा बनाया और फिर यहीं का होकर रह गया।
12 साल के अंतराल में जहां इस झोलाछाप ने बीच बजार अपना मकान बनवाया तो वहीं मरीजों के उपचार के लिए एक क्लीनिक भी खुलवा दी। लेकिन 12 सालों के बीच एक भी बार स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की इस पर नजर तक नहीं पड़ी। यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।
उमरीबेगमगंज। रविवार की रात उमरीबेगमगंज इलाके में एक झोलाछाप के लगाए गए इंजेक्शन से 32 साल के युवक की जान चली गई।
हादसे के बाद से जहां झोलाछाप अपनी क्लीनिक बंद कर फरार चल रहा है तो वहीं मामले में मरने वाले युवक के बड़े भाई ने इसकी तहरीर उमरीबेगमंज थाने पर दी है।
एसओ मनोज कुमार राय का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
थानाक्षेत्र के आदमपुर गांव में रहने वाले सुनील कुमार (32) की रविवार रात अचानक तबियत खराब हो गई है। इसपर वह बगल आदमपुर बाजार में क्लीनिक करने वाले एक बंगाली डाक्टर मनोजजीत राय के यहां गए।
जहां मनोजजीत राय ने उन्हें एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही सुनील की तबियत बिगड़ गई और कुछ ही समय में उसने दम तोड़ दिया। सुनील की मौत के बाद झोलाछाप बंगाली अपनी क्लीनिक बंद कर फरार हो गया। जिसका सोमवार को भी कोई पता नहीं चला।
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परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सुनील के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुनील के बड़े भाई बाबू पटाहर ने उमरीबेगमगंज थाने में इसकी तहरीर दी है। हालांकि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामले में अब तक कोई मुकदमा नहीं लिखा है।
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12 साल पहले बंगाल से आए इस झोलाछाप ने आदमपुर गांव को अपने रहने का अड्डा बनाया और फिर यहीं का होकर रह गया।
12 साल के अंतराल में जहां इस झोलाछाप ने बीच बजार अपना मकान बनवाया तो वहीं मरीजों के उपचार के लिए एक क्लीनिक भी खुलवा दी। लेकिन 12 सालों के बीच एक भी बार स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की इस पर नजर तक नहीं पड़ी। यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।