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संवेदनहीनता: रेल यात्री लगाता रहा गुहार,नहंी मिली मदद
Updated Tue, 11 Jul 2017 09:31 PM IST
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बीमार रेल यात्री लगाता रहा गुहार, नहंी मिली मदद
गोंडा। सुरक्षित रेल यात्रा व यात्रियों की सुख सुविधा का दावा करने वाले विभिन्न अभियान का सच मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर दिखा। मंगलवार को अचानक बीमार हुआ रेल यात्री मदद के लिए गोहार लगाता रहा लेकिन न तो एंबुलेंस मौके पर पहुंची और न ही रेल चिकित्सकों का दिल पसीजा। मौके पर पहुंचे आरपीएफ के जवानों ने उसे टैंपो में लिटाकर अस्पताल पहुंचाया। गोरखपुर से अपने घर जा रहे मध्यप्रदेश के जनपद ग्वालियर में पुलिस कॉलोनी निवासी वृद्ध अशोक कुमार की मंगलवार को बरौनी-ग्वालियर ट्रेन में तबियत बिगड़ गई। वह नीचे उतरा और लोगों से अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद की गोहार लगाने लगा। इसकी सूचना मिलते ही वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक एएन मिश्र ने रेलवे डॉक्टर को मैसेज किया और मगर वहां से जवाब मिला कि यहां मरीज ज्यादा हैं, इसलिए 108 काल करो। स्टेशन अधीक्षक ने 108 पर भी कॉल किया लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। कोई रास्ता न देख उन्होंने आरपीएफ को सूचना दी जिस पर पहुंचे आरपीएफ के इंस्पेक्टर एमके खान जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने टैंपो बुलाकर उस पर यात्री को लादकर जिला अस्पताल पहुंचाया।
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गोंडा। सुरक्षित रेल यात्रा व यात्रियों की सुख सुविधा का दावा करने वाले विभिन्न अभियान का सच मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर दिखा। मंगलवार को अचानक बीमार हुआ रेल यात्री मदद के लिए गोहार लगाता रहा लेकिन न तो एंबुलेंस मौके पर पहुंची और न ही रेल चिकित्सकों का दिल पसीजा। मौके पर पहुंचे आरपीएफ के जवानों ने उसे टैंपो में लिटाकर अस्पताल पहुंचाया। गोरखपुर से अपने घर जा रहे मध्यप्रदेश के जनपद ग्वालियर में पुलिस कॉलोनी निवासी वृद्ध अशोक कुमार की मंगलवार को बरौनी-ग्वालियर ट्रेन में तबियत बिगड़ गई। वह नीचे उतरा और लोगों से अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद की गोहार लगाने लगा। इसकी सूचना मिलते ही वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक एएन मिश्र ने रेलवे डॉक्टर को मैसेज किया और मगर वहां से जवाब मिला कि यहां मरीज ज्यादा हैं, इसलिए 108 काल करो। स्टेशन अधीक्षक ने 108 पर भी कॉल किया लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। कोई रास्ता न देख उन्होंने आरपीएफ को सूचना दी जिस पर पहुंचे आरपीएफ के इंस्पेक्टर एमके खान जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने टैंपो बुलाकर उस पर यात्री को लादकर जिला अस्पताल पहुंचाया।