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2022 में जिले में रोपित होंगे 57 लाख पौधे, शासन से मिला लक्ष्य
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गोंडा। मंगलवार को जिला पर्यावरणीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस वर्ष अपने-अपने विभाग द्वारा रोपित कराए गए पौधों का शत-प्रतिशत कराते हुए सूचना उपलब्ध करा दें। इसके साथ आगामी वर्षा काल में शासन से प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष स्थलों का चिन्हांकन कराते हुए उनकी जिओ टैगिंग करा ली जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने इस वर्ष पौधरोपण की सत्यापन रिपोर्ट न देने वाले एक दर्जन अधिकारियों का नवंबर का वेतन निर्गत न करने तथा जिला पर्यावरण समिति की बैठक से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले 11 अधिकारियों का एक दिन का वेतन अदेय करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी वर्षा काल में वृक्षारोपण के लिए शासन से 57 लाख 72 हजार 198 पौधों का रोपण का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए 7646 साइट्स का चिन्हांकन कर लिया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर उनकी शत-प्रतिशत जिओ टैगिंग कराकर रिपोर्ट दें।
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उन्होंने कहा कि साक पिट और ग्राउंड वाटर रिचार्ज के लिए ग्राम पंचायतें कन्वर्जेन्स के शासनादेश के अनुसार कार्य करें। नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे वर्षा जल संचयन और नालों के जल को स्वच्छ कर पुर्नउपयोग के लिए कार्य योजना बनाएं।
उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि विनियमित क्षेत्र अन्तर्गत उनके यहां से नक्शा तभी स्वीकृत किया जाय जब संबंधित भवन के निर्माण के लिए भूगर्भ जल/वर्षा जल संचयन के लिए प्रबंध किए जाने का प्रबंध किया गया हो।
डोमेस्टिक वाटर का रियूज के लिए प्रबन्ध सुनिश्चित कराया जाय। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी, डीएफओ आरके त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ नरेन्द्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मृत्युन्जय सिंह, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, डीपीआरओ सभाजीत पाण्डेय सहित अन्य संबन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक में जिलाधिकारी ने इस वर्ष पौधरोपण की सत्यापन रिपोर्ट न देने वाले एक दर्जन अधिकारियों का नवंबर का वेतन निर्गत न करने तथा जिला पर्यावरण समिति की बैठक से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले 11 अधिकारियों का एक दिन का वेतन अदेय करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी वर्षा काल में वृक्षारोपण के लिए शासन से 57 लाख 72 हजार 198 पौधों का रोपण का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए 7646 साइट्स का चिन्हांकन कर लिया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर उनकी शत-प्रतिशत जिओ टैगिंग कराकर रिपोर्ट दें।
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उन्होंने कहा कि साक पिट और ग्राउंड वाटर रिचार्ज के लिए ग्राम पंचायतें कन्वर्जेन्स के शासनादेश के अनुसार कार्य करें। नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे वर्षा जल संचयन और नालों के जल को स्वच्छ कर पुर्नउपयोग के लिए कार्य योजना बनाएं।
उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि विनियमित क्षेत्र अन्तर्गत उनके यहां से नक्शा तभी स्वीकृत किया जाय जब संबंधित भवन के निर्माण के लिए भूगर्भ जल/वर्षा जल संचयन के लिए प्रबंध किए जाने का प्रबंध किया गया हो।
डोमेस्टिक वाटर का रियूज के लिए प्रबन्ध सुनिश्चित कराया जाय। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी, डीएफओ आरके त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ नरेन्द्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मृत्युन्जय सिंह, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, डीपीआरओ सभाजीत पाण्डेय सहित अन्य संबन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।