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दो दिनों में जांची गईं 57,176 कॉपियां
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गोंडा। यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में अब तेजी आ गई है। सोमवार को ही 30,582 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। पांचों केंद्रों पर छह लाख 12 हजार 837 कॉपियों की जांच होनी है। अब तक 57 हजार 176 कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। अब सात दिनों में पांच लाख 55 हजार से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन होना है। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि कॉपियों के मूल्यांकन में तेजी आ रही है।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की स्थिति पहले दिन बहुत खराब रही। परीक्षकों ने ड्यूटी ही नहीं की। जीआईसी में 233 परीक्षकों में से 85 परीक्षक ही ड्यूटी पर आए। यहां 9,577 कॉपियों की जांच हुई। जीजीआईसी में 277 परीक्षकों में से महज 128 आए, यहां 10,035 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका। शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज में 357 परीक्षकों में से 189 ही ड्यूटी पर आए और सिर्फ 13,544 कॉपियों को ही जांचा गया।
श्री गांधी रेलवे इंटर कॉलेज में 441 परीक्षकों में से 254 ही ड्यूटी पर आए और सिर्फ 16,147 की ही जांच हो सकी। इसी तरह जिगर मेमोरियल इंटर कॉलेज में 372 परीक्षकों में से 156 ने मूल्यांकन किया। यहां 7,873 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका।
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बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले परीक्षकों का वेतन रोकने का आदेश कर दिया गया है। ड्यूटी न करने पर वेतन नहीं मिलेगा।
-राकेश कुमार, डीआईओएस
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उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की स्थिति पहले दिन बहुत खराब रही। परीक्षकों ने ड्यूटी ही नहीं की। जीआईसी में 233 परीक्षकों में से 85 परीक्षक ही ड्यूटी पर आए। यहां 9,577 कॉपियों की जांच हुई। जीजीआईसी में 277 परीक्षकों में से महज 128 आए, यहां 10,035 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका। शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज में 357 परीक्षकों में से 189 ही ड्यूटी पर आए और सिर्फ 13,544 कॉपियों को ही जांचा गया।
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श्री गांधी रेलवे इंटर कॉलेज में 441 परीक्षकों में से 254 ही ड्यूटी पर आए और सिर्फ 16,147 की ही जांच हो सकी। इसी तरह जिगर मेमोरियल इंटर कॉलेज में 372 परीक्षकों में से 156 ने मूल्यांकन किया। यहां 7,873 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका।
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बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले परीक्षकों का वेतन रोकने का आदेश कर दिया गया है। ड्यूटी न करने पर वेतन नहीं मिलेगा।
-राकेश कुमार, डीआईओएस