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Gonda News: कुश्ती महासंघ के दांव से 500 पहलवान हुए चित

Sat, 13 Jun 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 13 Jun 2026 11:22 PM IST
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500 wrestlers lost due to Wrestling Federation's move
नवाबगंज। अंडर-17 सब जूनियर ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में आयु के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की सख्त डिजिटल जांच में करीब 500 पहलवानों को अयोग्य घोषित कर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया। इनमें 300 ऐसे खिलाड़ी शामिल थे, जिनकी वास्तविक आयु निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई और 200 अन्य खिलाड़ी जांच के डर से प्रतियोगिता में शामिल ही नहीं हुए।
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नंदिनीनगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में छह से आठ जून तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से लगभग 1,600 पहलवानों ने पंजीकरण कराया था। डब्ल्यूएफआई को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई खिलाड़ी जन्मतिथि में हेरफेर कर आयु वर्गीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। इसे देखते हुए इस बार महासंघ ने आयु सत्यापन की विशेष व्यवस्था लागू की।
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प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को जन्म प्रमाणपत्र के साथ मोबाइल नंबर से लिंक आधार कार्ड प्रस्तुत करना और एम आधार एप के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया था। जांच के दौरान आधार रिकॉर्ड में किए गए बदलावों का पूरा विवरण सामने आ गया। सत्यापन में बड़ी संख्या में ऐसे खिलाड़ी पकड़े गए, जिनकी वास्तविक आयु अंडर-17 वर्ग की निर्धारित सीमा से अधिक थी।
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अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच एवं उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के टेक्निकल ऑफिशियल राम सजन यादव ने बताया कि कुल 1,600 पंजीकृत खिलाड़ियों में से 695 पहलवान ही प्रतियोगिता में भाग ले सके। इनमें फ्री स्टाइल, ग्रीको रोमन और महिला वर्ग की पहलवान शामिल रहीं। आयु संबंधी अनियमितता पाए जाने पर लगभग 500 खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया।


युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अवसर
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि डब्ल्यूएफआई की इस कार्रवाई से आयु के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा। इससे वास्तविक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और प्रतियोगिताओं की पारदर्शिता बढ़ेगी। वर्षों से आयु में हेरफेर की शिकायतें सामने आती रही हैं लेकिन पहली बार इतनी सख्ती हुई है। यह कदम युवा खिलाड़ियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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