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13 ग्राम पंचायतों में पशु शेड निर्माण में 50 लाख का घपला
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गोंडा। मुजेहना ब्लॉक की 13 ग्राम पंचायतों में मानक की अनदेखी करके पशु शेड के निर्माण में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है। मनरेगा के उपायुक्त की जांच में अनियमित भुगतान का मामला सामने आया है। पशु शेड के नाम पर 50 लाख से अनियमित भुगतान की बात सामने आई है।
उपायुक्त की जांच में यह तथ्य सामने आने पर खंड विकास अधिकारी ने 13 ग्राम पंचायतों के सचिवों और तकनीकी सहायकों से पूरी रिपोर्ट मांगी है और रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में एक बाहरी व्यक्ति का भी नाम आ रहा है। इसकी जानकारी सचिव और तकनीकी सहायक की रिपोर्ट पर ही सामने आएगी। विभाग घपले की जानकारी होने पर पूरे मामले के अभिलेखों की छानबीन शुरू कर दी है।
मनरेगा योजना के बजट में अनियमित भुगतान को लेकर ब्लॉक मुजेहना आए दिन चर्चा में रहता है। बीते साल ब्लॉक में चार करोड़ से अधिक का भुगतान मानकों को दरकिनार कर दिया गया था। इस मामले मेें अभी कार्रवाई चल ही रही थी कि शौचालय में घोटाला हो गया और एफआईआर दर्ज हुई। अब पशु शेड के निर्माण योजना भी घपले के दायरे में आ गया है। मनरेगा के उपायुक्त हरिश्चचंद्र प्रजापति ने औचक निरीक्षण में पशु शेड में अनियमित भुगतान का मामला पकड़ा।
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उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि मामले में किए गए मानक विपरीत भुगतान की रिकवरी कराई जाए। इसके बाद खंड विकास अधिकारी एसके तिवारी ने 13 पंचायतों के सचिवों और तकनीकी सहायकों को पशु शेड में अनियमित भुगतान को ठीक करने का आदेश दिया है। इसके अलावा रिकवरी की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि पशु शेड में 50 लाख से अधिक का अनियमित भुगतान किया गया है। फिलहाल अभी पंचायतों के अभिलेखों और भुगतान के बारे में पड़ताल हो रहा है।
पशु शेड निर्माण में हुई अनियमितता के दायरे में 13 पंचायतें आई हैं। इसमें मुजेहना ब्लॉक की पंचायत बेसहूपुर, भवानीपुर, तेंदुवा मोहनी, परसिया पंडित, ख्वाजाजोत, सोहांस, रामपुर दुबावल, खौदी, माधवगंज, महेशभारी, दुर्जनपुर, नौव्वागांव, धानेपुर में पशु शेड के निर्माण में गोलमाल हुआ हैै। इन पंचायतों के सचिवों को मानक के विपरीत कार्य कराने के लिए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बीडीओ मुजेहना एसके तिवारी ने बताया कि उपायुक्त श्रम एवं रोजगार के निरीक्षण में पशु शेड के निर्माण मानक के अनुरूप नहीं मिले हैं। इससे प्रतीत होता है कि पशु शेड के निर्माण में भुगतान की गई धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। उपायुक्त ने धनराशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।
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उपायुक्त की जांच में यह तथ्य सामने आने पर खंड विकास अधिकारी ने 13 ग्राम पंचायतों के सचिवों और तकनीकी सहायकों से पूरी रिपोर्ट मांगी है और रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में एक बाहरी व्यक्ति का भी नाम आ रहा है। इसकी जानकारी सचिव और तकनीकी सहायक की रिपोर्ट पर ही सामने आएगी। विभाग घपले की जानकारी होने पर पूरे मामले के अभिलेखों की छानबीन शुरू कर दी है।
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मनरेगा योजना के बजट में अनियमित भुगतान को लेकर ब्लॉक मुजेहना आए दिन चर्चा में रहता है। बीते साल ब्लॉक में चार करोड़ से अधिक का भुगतान मानकों को दरकिनार कर दिया गया था। इस मामले मेें अभी कार्रवाई चल ही रही थी कि शौचालय में घोटाला हो गया और एफआईआर दर्ज हुई। अब पशु शेड के निर्माण योजना भी घपले के दायरे में आ गया है। मनरेगा के उपायुक्त हरिश्चचंद्र प्रजापति ने औचक निरीक्षण में पशु शेड में अनियमित भुगतान का मामला पकड़ा।
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उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि मामले में किए गए मानक विपरीत भुगतान की रिकवरी कराई जाए। इसके बाद खंड विकास अधिकारी एसके तिवारी ने 13 पंचायतों के सचिवों और तकनीकी सहायकों को पशु शेड में अनियमित भुगतान को ठीक करने का आदेश दिया है। इसके अलावा रिकवरी की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि पशु शेड में 50 लाख से अधिक का अनियमित भुगतान किया गया है। फिलहाल अभी पंचायतों के अभिलेखों और भुगतान के बारे में पड़ताल हो रहा है।
पशु शेड निर्माण में हुई अनियमितता के दायरे में 13 पंचायतें आई हैं। इसमें मुजेहना ब्लॉक की पंचायत बेसहूपुर, भवानीपुर, तेंदुवा मोहनी, परसिया पंडित, ख्वाजाजोत, सोहांस, रामपुर दुबावल, खौदी, माधवगंज, महेशभारी, दुर्जनपुर, नौव्वागांव, धानेपुर में पशु शेड के निर्माण में गोलमाल हुआ हैै। इन पंचायतों के सचिवों को मानक के विपरीत कार्य कराने के लिए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बीडीओ मुजेहना एसके तिवारी ने बताया कि उपायुक्त श्रम एवं रोजगार के निरीक्षण में पशु शेड के निर्माण मानक के अनुरूप नहीं मिले हैं। इससे प्रतीत होता है कि पशु शेड के निर्माण में भुगतान की गई धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। उपायुक्त ने धनराशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।