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Gonda News: मालवीय नगर में 45 फीट का रावण
Tue, 30 Sep 2025 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 30 Sep 2025 11:09 PM IST
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गोंडा। दशहरे में जिले के सभी रामलीला मैदानों में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस बार सबसे बड़ा पुतला 45 फीट का होगा। यह पुतला मालवीय नगर रामलीला मैदान में लोगों को रोमांचित करेगा। इससे पहले 40 फीट के पुतले ही बनाए जा रहे थे। इस बार कमेटी की मांग पर पुतले की लंबाई बड़ी कर दी गई है।
जिले में मालवीयनगर, पंतनगर, रानी बाजार, खैरा, करनैलगंज सहित अन्य स्थानों पर रामलीला का आयोजन किया गया है। कलाकार जीवंत अभिनय करके छाप छोड़ रहे हैं। विजय दशमी के दिन रावण समेत कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।
कारोबारियों के मुताबिक, रावण का पुतला बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे कागज, बांस की कीमतों में वृद्धि हुई है। कागज का भाव 35 रुपये प्रति किलो था। अब कागज 50 रुपये किलो में बिक रहा है। आतिशबाजी भी महंगी है।
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कारोबारी शाहिद के मुताबिक करीब पांच साल पहले रावण का 8 से 10 हजार रुपये में बनाकर बेचा जाता था। महंगाई के कारण 12 से 15 हजार रुपये प्रति पुतला हो गया है। उनका कहना है कि रामलीला कमेटी के लोगों की मंशानुरूप पुतले में आतिशबाजी का सामान लगाया जाता है।
पटेलनगर मोहल्ले के रहने वाले शाहिद ने बताया कि उनका परिवार करीब 38 साल से रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले का निर्माण कर रहा है। बताया कि पहले उनके पिता रज्जब अली पुतला बनाते थे। वह स्वयं पुतला बनाते हैं।
शाहिद का कहना है कि रावण के अधिकतर पुतले का कद छोटा हो गया है। महंगाई से बड़े पुतले नहीं बनाए जा रहे हैं। कहा कि इस बार सिर्फ रावण का एक पुतला 45 फीट का बनाया गया है। मालवीयनगर रामलीला कमेटी की ओर से मांग की गई थी।
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जिले में मालवीयनगर, पंतनगर, रानी बाजार, खैरा, करनैलगंज सहित अन्य स्थानों पर रामलीला का आयोजन किया गया है। कलाकार जीवंत अभिनय करके छाप छोड़ रहे हैं। विजय दशमी के दिन रावण समेत कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।
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कारोबारियों के मुताबिक, रावण का पुतला बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे कागज, बांस की कीमतों में वृद्धि हुई है। कागज का भाव 35 रुपये प्रति किलो था। अब कागज 50 रुपये किलो में बिक रहा है। आतिशबाजी भी महंगी है।
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कारोबारी शाहिद के मुताबिक करीब पांच साल पहले रावण का 8 से 10 हजार रुपये में बनाकर बेचा जाता था। महंगाई के कारण 12 से 15 हजार रुपये प्रति पुतला हो गया है। उनका कहना है कि रामलीला कमेटी के लोगों की मंशानुरूप पुतले में आतिशबाजी का सामान लगाया जाता है।
पटेलनगर मोहल्ले के रहने वाले शाहिद ने बताया कि उनका परिवार करीब 38 साल से रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले का निर्माण कर रहा है। बताया कि पहले उनके पिता रज्जब अली पुतला बनाते थे। वह स्वयं पुतला बनाते हैं।
शाहिद का कहना है कि रावण के अधिकतर पुतले का कद छोटा हो गया है। महंगाई से बड़े पुतले नहीं बनाए जा रहे हैं। कहा कि इस बार सिर्फ रावण का एक पुतला 45 फीट का बनाया गया है। मालवीयनगर रामलीला कमेटी की ओर से मांग की गई थी।