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Gonda News: 7.68 करोड़ का हिसाब न देने पर फंसे 44 प्रधान, पूर्व प्रधान व सचिव
Sat, 15 Nov 2025 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:36 PM IST
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गोंडा। पंचायत चुनाव से पहले जिले में हुए स्पेशल ऑडिट में 44 ग्राम प्रधानों व पूर्व प्रधानों और सचिवों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि इन्होंने लगभग 7.68 करोड़ रुपये खर्च तो कर दिए, लेकिन कई वर्षों से इस धनराशि का हिसाब नहीं दिया। ऑडिट टीम को न तो अभिलेख उपलब्ध कराए और न ही ये सभी जांच में उपस्थित हुए। ऐसे में डीएम प्रियंका निरंजन और डीपीआरओ लालजी दूबे की ओर से 29 ग्राम प्रधान, 15 पूर्व प्रधान व 44 सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।
ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों व सचिवों पर उत्तरदायित्व व कर्तव्यों में उदासीनता, शिथिलता व लापरवाही, ग्राम निधि में वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन को क्षति पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी ने मिलीभगत कर 7.68 करोड़ रुपये से अधिक सरकारी धन का विकास कार्यों के नाम पर बंदरबांट कर लिया। ब्लॉक वार ऑडिट टीम को अभिलेख नहीं दिए। इतना ही नहीं, स्पेशल ऑडिट टीम के सामने भी नहीं पेश हुए और न ही ऑडिट टीम को कार्यों से संबंधित कोई अभिलेख उपलब्ध कराए।
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि सरकारी धन की क्षति पहुंचाने की पुष्टि के बाद संबंधित प्रधानों, पूर्व प्रधानों व सचिवों से आधी-आधी रकम वसूली जाएगी। जवाब के लिए ग्राम सचिवों को सात दिन और ग्राम प्रधानों व पूर्व प्रधानों को 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद आरोपों को सत्य मानकर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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इन्हें जारी हुआ नोटिस
वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्यों का हिसाब न देने के आरोप में 29 ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस दिया गया है। इनमें उकरा, मुजेहना, इटहिया नवीजोत, पंडरी पारासराय, झूरी कुइंया, भवनीपुर खुर्द, टड़वा गुलाम, बनगांव, नकहरा, सेमरा, रामापुर, ढोढेपुर, कटहा, महादेवा, रेरुवा, देवरदा, ऐली परसौली, परसदा, चांदपुर, बरसड़ा, बेलसर, तामापार, श्रीनगर, पूरेपंडित वंदावन, भवानीपुर कला, बिनुहनी, सिंघवापुर, करुवा और कादीपुर ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव शामिल हैं। वहीं, वर्ष 2018-19 में कार्यों का हिसाब न देने के आरोप में बेलवाबाजार, निबिहा परसपुर, करमडीह, गाड़ा, चुवाड़, बभनीखास, डिडिसिया कला, सेमरीकला, उमरीबेगमगंज, खरगूपुर अमघटी, हरदैयाभटपुरवा, इमरती विसेन, अकबरपुर और रेतादल सिंह समेत 15 पंचायतों के तत्कालीन ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस जारी किया है।
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ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों व सचिवों पर उत्तरदायित्व व कर्तव्यों में उदासीनता, शिथिलता व लापरवाही, ग्राम निधि में वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन को क्षति पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी ने मिलीभगत कर 7.68 करोड़ रुपये से अधिक सरकारी धन का विकास कार्यों के नाम पर बंदरबांट कर लिया। ब्लॉक वार ऑडिट टीम को अभिलेख नहीं दिए। इतना ही नहीं, स्पेशल ऑडिट टीम के सामने भी नहीं पेश हुए और न ही ऑडिट टीम को कार्यों से संबंधित कोई अभिलेख उपलब्ध कराए।
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डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि सरकारी धन की क्षति पहुंचाने की पुष्टि के बाद संबंधित प्रधानों, पूर्व प्रधानों व सचिवों से आधी-आधी रकम वसूली जाएगी। जवाब के लिए ग्राम सचिवों को सात दिन और ग्राम प्रधानों व पूर्व प्रधानों को 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद आरोपों को सत्य मानकर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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इन्हें जारी हुआ नोटिस
वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्यों का हिसाब न देने के आरोप में 29 ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस दिया गया है। इनमें उकरा, मुजेहना, इटहिया नवीजोत, पंडरी पारासराय, झूरी कुइंया, भवनीपुर खुर्द, टड़वा गुलाम, बनगांव, नकहरा, सेमरा, रामापुर, ढोढेपुर, कटहा, महादेवा, रेरुवा, देवरदा, ऐली परसौली, परसदा, चांदपुर, बरसड़ा, बेलसर, तामापार, श्रीनगर, पूरेपंडित वंदावन, भवानीपुर कला, बिनुहनी, सिंघवापुर, करुवा और कादीपुर ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव शामिल हैं। वहीं, वर्ष 2018-19 में कार्यों का हिसाब न देने के आरोप में बेलवाबाजार, निबिहा परसपुर, करमडीह, गाड़ा, चुवाड़, बभनीखास, डिडिसिया कला, सेमरीकला, उमरीबेगमगंज, खरगूपुर अमघटी, हरदैयाभटपुरवा, इमरती विसेन, अकबरपुर और रेतादल सिंह समेत 15 पंचायतों के तत्कालीन ग्राम प्रधानों व सचिवों को नोटिस जारी किया है।