फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   रि उफनाई घाघरा ने बाढ़ पीड़ितों के सुरक्षित स्थान को भी बनाया निशाना

रि उफनाई घाघरा ने बाढ़ पीड़ितों के सुरक्षित स्थान को भी बनाया निशाना

Sun, 02 Sep 2018 10:16 PM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
रि उफनाई घाघरा ने बाढ़ पीड़ितों के सुरक्षित स्थान को भी बनाया निशाना
बारिश से फिर बढ़ी घाघरा, सड़क और पुल डूबे
विज्ञापन


गोंडा। बीते एक माह से घाघरा की तबाही से शरणार्थी बनी करीब एक लाख की आबादी को अब दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है। हजारों हेक्टेयर से अधिक फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है।

घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से बढ़कर 78 सेंटीमीटर हो गया। नदी का फैलाव इतना बढ़ गया है कि जिन सुरक्षित स्थानों पर पीड़ित शरण लिए थे नदी ने उन स्थानों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रविवार को हुई जमकर बारिश से पूरे क्षेत्र में सैलाब नजर आ रहा है। आलम यह है कई जगह सड़क और छोटे पुल पूरी तरह डूब चुक हैं।
विज्ञापन


नदी का जलस्तर फिर बढ़ने से बाढ़ग्रस्त इलाकों के हालात अचानक बिगड़ने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों के सामने पहले से ही दो वक्त की रोटी जुटाने का संकट था। अब तो आलम यह है कि लोग किसी तरह भूखे प्यासे वक्त गुजार रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई जगह लोगों का कहना है कि राहत के नाम पर जो सामग्री बांटी गई थी वह खत्म हो चुकी है। घरों में रखा अनाज भी घाघरा बहा ले गई। बाढ़ पीड़ित तमाम परिवार तो दाने-दाने को मोहताज हैं।

इसके अलावा खाना पकाने के लिए लकड़ियां तक नहीं मिल पा रही हैं, क्योंकि चारों तरफ पानी भरा है। इंसानों के साथ ही जानवरों के लिए चारे का भी संकट खड़ा हो रहा है।

केन्द्रीय जल आयोग संस्थान एल्गिन ब्रिज घाघराघाट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दोपहर तक घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.856 दर्ज किया गया।

जो कि खतरे के निशान से करीब 78 सेंटीमीटर ऊपर है। घाघरा नदी से जुड़े बैराजों में पानी के डिस्चार्ज में कमी आने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे है। रविवार को बैराजों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शारदा बैराज में पानी का डिस्चार्ज 1 लाख 46 हजार 172 क्यूसेक दर्ज किया गया।

तो वहीं गिरिजा बैराज में डिस्चार्ज 1 लाख 20 हजार 424 क्यूसेक रहा। सरयू बैराज का डिस्चार्ज 3354 क्यूसेक रहा। इस प्रकार कुल डिस्चार्ज 2 लाख 69 हजार 950 क्यूसेक रहा।

जिन घरों में पानी घुसा सिर्फ उन्हीं को मदद
बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोग दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं। चारों तरफ पानी के बीच में फंसी उनकी जिंदगी को प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है। प्रशासन ने जारी किए गए पैमाने पर खरा उतरने पर ही राशन एवं सरकारी मदद मुहैया कराने से लोग खासे परेशान हैं।


प्रशासन का दावा है कि जिन घरों में पानी घुस गया है और उनके खाने का कोई इंतजाम नहीं है उन्हें ही राशन की किट उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे परिवारों की संख्या करीब चार हजार से ऊपर है। इसके अतिरिक्त जिन लोगों के घर पानी से चारों तरफ घिरे हुए हैं। प्रशासन उनके लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed