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पीएम के प्रोग्राम में गईं रोडवेज की 40 बसें, भटक रहे पांच हजार यात्री
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गोंडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी प्रोग्राम में यहां से रोडवेज की 40 बसें भेज दी गईं। जिससे बसों की कमी के कारण कई रूटों पर बसों को संचालन नहीं हो पाया। पूरे दिन लखनऊ, कानपुर व अयोध्या रूट के यात्रियों को आने जाने के लिए साधन का इंतजार करना पड़ा।
रोडवेज बस स्टेशन पर पूरे दिन पांच हजार से अधिक यात्री साधन के लिए भटकते रहे। इससे पहले गोंडा से हररोज रोडवेज बसों से तकरीबन दस हजार यात्री यात्रा करते थे। मगर रोडवेज की 40 बसों के जाने से रोडवेज को होने वाली कमाई में पांच लाख की कमी दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी में होने वाले कार्यक्रम में पूरे प्रदेशन से रोडवेज की बसो को लगाया गया है। यहां रोडवेज की 40 बसें रविवार को ही वाराणसी के लिए रवाना कर दी गईं।
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इससे पहले गोंडा से रोजाना नौ से दस हजार यात्री विभिन्न जनपदों के लिए रोडवेज की बसों से यात्रा करते थे। इससे रोडवेज को हररोज दस लाख रुपये की कमाई होती थी। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में 40 बसों के जाने से यहां रोडवेज की सिर्फ 35 बसें शेष बचीं।
इससे यात्रियों को उनके गन्तव्य तक पहुंचाने में रोडवेज की व्यवस्था बिगड़ गई। हालांकि रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए अनुबंधित 13 बसों को भी यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया है। रोडवेज ने दिल्ली के लिए चार बसें व चार जनरथ बस को लखनऊ कानपुर, लखनऊ के लिए लगाया है।
इसके अलावा लखनऊ के लिए दो साधारण बसें पहले से चल रही थी। इसी को विस्तार देते हुए परसपुर रूट की दो साधारण बसों को हटाकर लखनऊ के लिए लगाया है। वहीं बहराइच-अयोध्या रूट पर दो अनुबंधित बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया है।
इसके बावजूद भी यात्रियों को पहुंचाने में पिछले दो दिनों से बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज प्रशासन को जहां पूरे दिन यात्रियों को पहुंचाने के लिए मशक्त करनी पड़ी। रोडवेज बस स्टेशन पर पूरे दिन तकरीबन पांच हजार यात्री बसों के लिए भटकते रहे। मगर उन्हें गन्तव्य तक जाने के लिए साधन नहीं मिला। रोडवेज बसों की कमी से रोडवेज प्रशासन को कमाई का दस लाख से घटकर पांच लाख पहुंच गई है।
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रोडवेज बस स्टेशन पर पूरे दिन पांच हजार से अधिक यात्री साधन के लिए भटकते रहे। इससे पहले गोंडा से हररोज रोडवेज बसों से तकरीबन दस हजार यात्री यात्रा करते थे। मगर रोडवेज की 40 बसों के जाने से रोडवेज को होने वाली कमाई में पांच लाख की कमी दर्ज की गई है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी में होने वाले कार्यक्रम में पूरे प्रदेशन से रोडवेज की बसो को लगाया गया है। यहां रोडवेज की 40 बसें रविवार को ही वाराणसी के लिए रवाना कर दी गईं।
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इससे पहले गोंडा से रोजाना नौ से दस हजार यात्री विभिन्न जनपदों के लिए रोडवेज की बसों से यात्रा करते थे। इससे रोडवेज को हररोज दस लाख रुपये की कमाई होती थी। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में 40 बसों के जाने से यहां रोडवेज की सिर्फ 35 बसें शेष बचीं।
इससे यात्रियों को उनके गन्तव्य तक पहुंचाने में रोडवेज की व्यवस्था बिगड़ गई। हालांकि रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए अनुबंधित 13 बसों को भी यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया है। रोडवेज ने दिल्ली के लिए चार बसें व चार जनरथ बस को लखनऊ कानपुर, लखनऊ के लिए लगाया है।
इसके अलावा लखनऊ के लिए दो साधारण बसें पहले से चल रही थी। इसी को विस्तार देते हुए परसपुर रूट की दो साधारण बसों को हटाकर लखनऊ के लिए लगाया है। वहीं बहराइच-अयोध्या रूट पर दो अनुबंधित बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया है।
इसके बावजूद भी यात्रियों को पहुंचाने में पिछले दो दिनों से बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज प्रशासन को जहां पूरे दिन यात्रियों को पहुंचाने के लिए मशक्त करनी पड़ी। रोडवेज बस स्टेशन पर पूरे दिन तकरीबन पांच हजार यात्री बसों के लिए भटकते रहे। मगर उन्हें गन्तव्य तक जाने के लिए साधन नहीं मिला। रोडवेज बसों की कमी से रोडवेज प्रशासन को कमाई का दस लाख से घटकर पांच लाख पहुंच गई है।