{"_id":"5f8484968ebc3ea360757af1","slug":"370-employees-of-ambulance-service-are-in-danger-gonda-news-lko5448933144","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस सेवा के 370 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस सेवा के 370 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
विज्ञापन
गोंडा। प्रदेश की योगी सरकार जहां एक ओर नौजवानों और बेरोजगारों को रोजगार देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों युवा अब बेरोजगारी के मुहाने पर खड़े हैं। 108, 102 और एएलएस एंबुलेंस सेवा के तहत जिले में कुल 82 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है। इसके लिए 370 कर्मचारी कार्यरत हैं। अब इन कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। इनमें 12 लोगों को सेवा समाप्ति का नोटिस सितंबर माह में ही मिल चुका है।
बता दें कि प्रदेश में एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एंबुलेंस को संचालित करने वाली संस्था ने अब एएलएस कर्मियों को टर्मिनेशन का नोटिस थमा दिया है। बताया जा रहा है कि 16 अक्तूबर के बाद इन्हें नौकरी से निकालने की बात कही गई है। पूरे प्रदेश में एएलएस सेवा की 160 से अधिक एंबुलेंस चल रही हैं। इन पर कुल 650 लोग काम कर रहे हैं। जिले में एएलएस की कुल तीन एंबुलेंस हैं। इसमें तैनात 12 कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है।
बता दें कि प्रदेश में 102, 108 और एएलएल एंबुलेंस सेवा को संचालित करने का कांट्रेक्ट आंध्र प्रदेश की कंपनी जीवीके के पास है। इनमें एएलएल एंबुलेंस सेवा का प्रदेश सरकार के साथ कांट्रेक्ट खत्म होने की बात कहकर इसमें तैनात सभी ईएमटी और एंबुलेंस चालकों को नौकरी से बाहर करने का नोटिस थमा दिया गया है।
विज्ञापन
गोंडा में कुल तीन एएलएस एंबुलेंस संचालित हैं जिसमें 12 कर्मचारी काम करते हैं। इनकी ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई जाती है। इन सभी को सेवा समाप्ति को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद अब 108 और 102 एंबुलेंस के कर्मचारियों की नौकरी जाने का खतरा भी बढ़ गया है।
108 सेवा से ही लिये थे कर्मचारी
एंबुलेंस कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय ने बताया कि जब जीवीके की ओर से एएलएस सेवा शुरू की गई तो नई भर्ती न करके पहले से ही 108 एंबुलेंस सेवा में काम कर रहे कर्मचारियों में से ही स्नातक और अन्य अधिक योग्यता वाले ईएमटी और चालकों को प्रशिक्षित करके उन्हें एएलएस सेवा में लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि जब एएलएस सेवा के लिए अलग से लोगों की भर्ती ही नहीं की गई तो फिर उन्हें कांट्रैक्ट खत्म होने का बहाना करके निकाला कैसे जा सकता है। अगर इसके बाद और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई तो संगठन इसके लिए लड़ाई करेगा।
जीवीके कंपनी का प्रदेश सरकार से एएलएस एंबुलेंस संचालन का कांट्रेक्ट पूरा हो रहा है। इस वजह से एएलएस सेवा के कर्मचारियों को एडवांस नोटिस भेजा गया है, जिससे कि ये लोग अपने लिए कोई रोजगार तलाश कर लें। लोगों को बेरोजगार करने का कंपनी का कोई उद्देश्य नहीं है। एएलएस एंबुलेंस में कर्मियों की भर्ती 108 के स्टाफ से ही की गई थी। ये कार्रवाई नियमों के अधीन ही की गई है। जल्द ही 108 और 102 एंबुलेंस सेवा का कांट्रैक्ट भी यदि खत्म हुआ तो इसके कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
- मोहन पाटिल, रीजनल मैनेजर, जीवीके
विज्ञापन
बता दें कि प्रदेश में एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एंबुलेंस को संचालित करने वाली संस्था ने अब एएलएस कर्मियों को टर्मिनेशन का नोटिस थमा दिया है। बताया जा रहा है कि 16 अक्तूबर के बाद इन्हें नौकरी से निकालने की बात कही गई है। पूरे प्रदेश में एएलएस सेवा की 160 से अधिक एंबुलेंस चल रही हैं। इन पर कुल 650 लोग काम कर रहे हैं। जिले में एएलएस की कुल तीन एंबुलेंस हैं। इसमें तैनात 12 कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है।
विज्ञापन
बता दें कि प्रदेश में 102, 108 और एएलएल एंबुलेंस सेवा को संचालित करने का कांट्रेक्ट आंध्र प्रदेश की कंपनी जीवीके के पास है। इनमें एएलएल एंबुलेंस सेवा का प्रदेश सरकार के साथ कांट्रेक्ट खत्म होने की बात कहकर इसमें तैनात सभी ईएमटी और एंबुलेंस चालकों को नौकरी से बाहर करने का नोटिस थमा दिया गया है।
विज्ञापन
गोंडा में कुल तीन एएलएस एंबुलेंस संचालित हैं जिसमें 12 कर्मचारी काम करते हैं। इनकी ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई जाती है। इन सभी को सेवा समाप्ति को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद अब 108 और 102 एंबुलेंस के कर्मचारियों की नौकरी जाने का खतरा भी बढ़ गया है।
108 सेवा से ही लिये थे कर्मचारी
एंबुलेंस कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय ने बताया कि जब जीवीके की ओर से एएलएस सेवा शुरू की गई तो नई भर्ती न करके पहले से ही 108 एंबुलेंस सेवा में काम कर रहे कर्मचारियों में से ही स्नातक और अन्य अधिक योग्यता वाले ईएमटी और चालकों को प्रशिक्षित करके उन्हें एएलएस सेवा में लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि जब एएलएस सेवा के लिए अलग से लोगों की भर्ती ही नहीं की गई तो फिर उन्हें कांट्रैक्ट खत्म होने का बहाना करके निकाला कैसे जा सकता है। अगर इसके बाद और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई तो संगठन इसके लिए लड़ाई करेगा।
जीवीके कंपनी का प्रदेश सरकार से एएलएस एंबुलेंस संचालन का कांट्रेक्ट पूरा हो रहा है। इस वजह से एएलएस सेवा के कर्मचारियों को एडवांस नोटिस भेजा गया है, जिससे कि ये लोग अपने लिए कोई रोजगार तलाश कर लें। लोगों को बेरोजगार करने का कंपनी का कोई उद्देश्य नहीं है। एएलएस एंबुलेंस में कर्मियों की भर्ती 108 के स्टाफ से ही की गई थी। ये कार्रवाई नियमों के अधीन ही की गई है। जल्द ही 108 और 102 एंबुलेंस सेवा का कांट्रैक्ट भी यदि खत्म हुआ तो इसके कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
- मोहन पाटिल, रीजनल मैनेजर, जीवीके