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Gonda News: सूची से बाहर होंगे 3.63 लाख डुप्लीकेट वोटर
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गोंडा। जिले में चिह्नित 3.63 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं को लेकर दावेदारों में खलबली मच गई है। फर्जी तरीके से एक से अधिक जगह वोटरलिस्ट में दर्ज डुप्लीकेट वोटर चुनाव की पारदर्शिता को प्रभावित कर सकते हैं। मगर अभी तक इन मतदाताओं की न तो प्रक्रिया के तहत जांच पूरी हो पाई है और न ही उन्हें हटाया जा सका है। अधिकारियों का दावा है कि सत्यापन किया जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिले में 3.63 लाख डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए गए थे। वोटरलिस्ट से इन्हें हटाने के लिए 30 सितंबर से 13 अक्तूबर तक प्रक्रिया के तहत जांच करके हटाया जाना था। इसके लिए संबंधित से आधार कार्ड लेने के बाद निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नारायण ने बताया कि आयोग की ओर से चिह्नित डुप्लीकेट वोटरों की सूची उच्चाधिकारियों के माध्यम से तहसीलों को भेजी गई है। इसमें ब्लॉक वार तय समय में जांच प्रक्रिया पूरी करने के लिए बीडीओ को नोडल बनाया गया। वहीं, बीएलओ को संबंधित से आधार कार्ड लेकर प्रक्रिया पूरी की जानी थी। मगर अभी तक किसी भी तहसील से रिपोर्ट नहीं दी गई है।
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एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि तहसील स्तर से तीन तरह की सूची के लिए काम चल रहा है। हालांकि उन्होंने डुप्लीकेट मतदाता सूची को लेकर किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। प्रधानसंघ जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी का कहना है कि डुप्लीकेट मतदाता चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में इन्हें तत्काल हटाया जाए।
सदर व करनैलगंज में किए गए थे चिह्नित
जिले के गोंडा सदर तहसील में सबसे अधिक डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं। इसके साथ ही करनैलगंज, तरबगंज व मनकापुर में भी डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित हैं। करनैलगंज एसडीएम नेहा मिश्रा का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि आगामी पांच दिसंबर को पंचायत चुनाव के लिए अंनतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
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राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिले में 3.63 लाख डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए गए थे। वोटरलिस्ट से इन्हें हटाने के लिए 30 सितंबर से 13 अक्तूबर तक प्रक्रिया के तहत जांच करके हटाया जाना था। इसके लिए संबंधित से आधार कार्ड लेने के बाद निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नारायण ने बताया कि आयोग की ओर से चिह्नित डुप्लीकेट वोटरों की सूची उच्चाधिकारियों के माध्यम से तहसीलों को भेजी गई है। इसमें ब्लॉक वार तय समय में जांच प्रक्रिया पूरी करने के लिए बीडीओ को नोडल बनाया गया। वहीं, बीएलओ को संबंधित से आधार कार्ड लेकर प्रक्रिया पूरी की जानी थी। मगर अभी तक किसी भी तहसील से रिपोर्ट नहीं दी गई है।
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एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि तहसील स्तर से तीन तरह की सूची के लिए काम चल रहा है। हालांकि उन्होंने डुप्लीकेट मतदाता सूची को लेकर किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। प्रधानसंघ जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी का कहना है कि डुप्लीकेट मतदाता चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में इन्हें तत्काल हटाया जाए।
सदर व करनैलगंज में किए गए थे चिह्नित
जिले के गोंडा सदर तहसील में सबसे अधिक डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं। इसके साथ ही करनैलगंज, तरबगंज व मनकापुर में भी डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित हैं। करनैलगंज एसडीएम नेहा मिश्रा का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि आगामी पांच दिसंबर को पंचायत चुनाव के लिए अंनतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।