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32 हजार श्रमिकों को नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2016 11:53 PM IST
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जिले के सन्निर्माण कार्य से जुड़े व श्रम विभाग में पंजीकृत 32 हजार श्रमिकों को सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों में 32 हजार 361 रजिस्टर्ड मजदूरों का सालाना रिनीवल नहीं हो सका है। ऐसे में रिनीवल न हो पाने से सभी श्रमिक अब निलंबित हैं। श्रम विभाग की लापरवाही से जिले के 32 हजार श्रमिक न घर के न घाट के रह गए हैं। यह भोलेभाले व कम जानकार श्रमिक योजनाओं का लाभ न मिल पाने से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
शासन ने सन्निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीयन अनिवार्य कर रखा है। इनका नियमों के मुताबिक हर साल नवीनीकरण किया जाना जरूरी है।
शासन ने श्रमिकों के कल्याण व उत्थान के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रखी हैं। इसी को लेकर श्रमिकों ने विभाग में पंजीयन कराया था। यह योजना शासन ने 2012 में शुरू की थी।
जिले में श्रमिकों का जैसे-तैसे पंजीयन कार्य तो हुआ, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने श्रमिकों के पंजीयन के नवीनीकरण कार्य की सुध नहीं ली।
बताया जाता है कि इस कार्य के लिए न तो कभी रुचि लेकर कैंप लगाया गया और न ही इस कार्य के लिए श्रमिकों को जानकारी देने के लिए कभी प्रचार-प्रसार किया गया।
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अनपढ़ व कम जानकार श्रमिक विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ गए। शहर के राजा मोहल्ला निवासी श्रमिक रईस का कहना है कि दो साल पहले उन्होंने पंजीयन कराया था, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। पूछने पर बताया गया कि आप का पंजीयन निलंबित है और लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे 32 हजार श्रमिक परेशान हैं।
ऐसे श्रमिक जिन्होंने एक साल में निर्माण का 90 दिन कार्य किया, वे श्रमिक श्रम विभाग में 100 रुपये शुल्क देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।
इसके लिए श्रमिक को जिस स्थान पर निर्माण से संबंधित 90 दिवस कार्य किया है। वे उसका प्रमाण पत्र देकर अपने वोटर आईडी व आधार कार्ड के साथ बैंक अकाउंट आदि का ब्यौरा देकर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीयन करा सकते हैं। श्रमिकों का बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
श्रम विभाग में निर्माण कार्य से जुड़े लेबरों का रजिस्ट्रेशन कराए जाने के एक साल पूरा होने पर उसका रिनीवल कराया जाना जरूरी है। ऐसा न कराने वाले श्रमिक एक तरह से निलंबित माने जाएंगे। ऐसे श्रमिकों को सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड की ओर किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
इसके लिए श्रमिकों से 50 रुपये जमा कराने के बाद उसका रिनीवल कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया हर साल होनी है। पंजीयन की तारीख पूरी होने के बाद नवीनीकरण के लिए देर होने पर हर एक माह में श्रमिक को पांच रुपये विलंब शुल्क देना होगा। इसके लिए श्रमिकों को अपना पुराना पंजीयन कार्ड दिखाना होगा। इसके बाद ही नवीनीकरण हो सकेगा।
सहायक उप श्रमायुक्त देवीपाटन मंडल अटल कुमार ने कहा कि पहले जितने पंजीकृत श्रमिक हैं, उनका रिनीवल कराया जाएगा। श्रमिकों के पंजीयन के साथ पुराने पंजीकृत हुए श्रमिकों के रिनीवल के लिए अभियान शुरू कराया जाएगा। दो हजार से अधिक श्रमिकों का रिनीवल हुआ है। इसके लिए अब प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को टास्क सौंपा जाएगा।
श्रम विभाग में श्रमिकों की फैक्ट फाइल
* अब तक कुल श्रमिकों का पंजीयन- 34,389
* पंजीयन के एक साल बाद रिनीवल - 2,028
* रिनीवल न होने से निलंबित श्रमिक - 32,361
क्या-क्या मिलता है पंजीकृत श्रमिकों को लाभ
* दुर्घटना सहायता योजना में 80 हजार से दो लाख रुपये तक की सहायता।
* मातृत्व हित लाभ योजना में महिला श्रमिक को 12 हजार व पुरुष श्रमिक को छह हजार की सहायता।
* गंभीर बीमारी होने पर चिकित्सीय सुविधा ।
* पुत्री का विवाह करने पर चालीस हजार रुपये की सहायता ।
* श्रमिक को पुत्री होेने पर 20 हजार रुपये की सहायता ।
* अक्षम होने हो जाने वाले श्रमिकों को एक हजार रुपये पेंशन।
* औजार खरीद में सहायता।
* श्रमिकों को सौर ऊर्जा व लालटेन।
* आवास बनाने के लिए एक लाख रुपये की सहायता आदि।
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शासन ने सन्निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीयन अनिवार्य कर रखा है। इनका नियमों के मुताबिक हर साल नवीनीकरण किया जाना जरूरी है।
शासन ने श्रमिकों के कल्याण व उत्थान के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रखी हैं। इसी को लेकर श्रमिकों ने विभाग में पंजीयन कराया था। यह योजना शासन ने 2012 में शुरू की थी।
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जिले में श्रमिकों का जैसे-तैसे पंजीयन कार्य तो हुआ, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने श्रमिकों के पंजीयन के नवीनीकरण कार्य की सुध नहीं ली।
बताया जाता है कि इस कार्य के लिए न तो कभी रुचि लेकर कैंप लगाया गया और न ही इस कार्य के लिए श्रमिकों को जानकारी देने के लिए कभी प्रचार-प्रसार किया गया।
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अनपढ़ व कम जानकार श्रमिक विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ गए। शहर के राजा मोहल्ला निवासी श्रमिक रईस का कहना है कि दो साल पहले उन्होंने पंजीयन कराया था, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। पूछने पर बताया गया कि आप का पंजीयन निलंबित है और लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे 32 हजार श्रमिक परेशान हैं।
ऐसे श्रमिक जिन्होंने एक साल में निर्माण का 90 दिन कार्य किया, वे श्रमिक श्रम विभाग में 100 रुपये शुल्क देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।
इसके लिए श्रमिक को जिस स्थान पर निर्माण से संबंधित 90 दिवस कार्य किया है। वे उसका प्रमाण पत्र देकर अपने वोटर आईडी व आधार कार्ड के साथ बैंक अकाउंट आदि का ब्यौरा देकर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीयन करा सकते हैं। श्रमिकों का बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
श्रम विभाग में निर्माण कार्य से जुड़े लेबरों का रजिस्ट्रेशन कराए जाने के एक साल पूरा होने पर उसका रिनीवल कराया जाना जरूरी है। ऐसा न कराने वाले श्रमिक एक तरह से निलंबित माने जाएंगे। ऐसे श्रमिकों को सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड की ओर किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
इसके लिए श्रमिकों से 50 रुपये जमा कराने के बाद उसका रिनीवल कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया हर साल होनी है। पंजीयन की तारीख पूरी होने के बाद नवीनीकरण के लिए देर होने पर हर एक माह में श्रमिक को पांच रुपये विलंब शुल्क देना होगा। इसके लिए श्रमिकों को अपना पुराना पंजीयन कार्ड दिखाना होगा। इसके बाद ही नवीनीकरण हो सकेगा।
सहायक उप श्रमायुक्त देवीपाटन मंडल अटल कुमार ने कहा कि पहले जितने पंजीकृत श्रमिक हैं, उनका रिनीवल कराया जाएगा। श्रमिकों के पंजीयन के साथ पुराने पंजीकृत हुए श्रमिकों के रिनीवल के लिए अभियान शुरू कराया जाएगा। दो हजार से अधिक श्रमिकों का रिनीवल हुआ है। इसके लिए अब प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को टास्क सौंपा जाएगा।
श्रम विभाग में श्रमिकों की फैक्ट फाइल
* अब तक कुल श्रमिकों का पंजीयन- 34,389
* पंजीयन के एक साल बाद रिनीवल - 2,028
* रिनीवल न होने से निलंबित श्रमिक - 32,361
क्या-क्या मिलता है पंजीकृत श्रमिकों को लाभ
* दुर्घटना सहायता योजना में 80 हजार से दो लाख रुपये तक की सहायता।
* मातृत्व हित लाभ योजना में महिला श्रमिक को 12 हजार व पुरुष श्रमिक को छह हजार की सहायता।
* गंभीर बीमारी होने पर चिकित्सीय सुविधा ।
* पुत्री का विवाह करने पर चालीस हजार रुपये की सहायता ।
* श्रमिक को पुत्री होेने पर 20 हजार रुपये की सहायता ।
* अक्षम होने हो जाने वाले श्रमिकों को एक हजार रुपये पेंशन।
* औजार खरीद में सहायता।
* श्रमिकों को सौर ऊर्जा व लालटेन।
* आवास बनाने के लिए एक लाख रुपये की सहायता आदि।