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Gonda News: सरयू में छोड़ा गया 3.18 लाख क्यूसेक पानी
Thu, 03 Sep 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:06 AM IST
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गोंडा में करनैलगंज के बहुवन मदार माझा में सरयू नदी में बढ़ा पानी।
करनैलगंज। सरयू नदी में अलग-अलग बैराजों से 3.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। एल्गिन ब्रिज पर बुधवार सुबह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर नीचे था। बृहस्पतिवार को पानी पहुंचने पर जलस्तर बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। एसडीआरएफ और राजस्व आपदा टीम भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं।
एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर 106.080 मीटर था, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से एक सेंटीमीटर ऊपर था। मंगलवार शाम आठ बजे जलस्तर बढ़कर 106.090 मीटर पहुंच गया। बुधवार सुबह आठ बजे इसमें गिरावट आई और जलस्तर 106.040 मीटर दर्ज किया गया। बुधवार शाम चार बजे भी जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन सेंटीमीटर नीचे बना हुआ था। इस बीच विभिन्न बैराजों से नदी में 3.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बढ़े डिस्चार्ज का असर बृहस्पतिवार को एल्गिन ब्रिज पर दिखाई देगा। बारिश के कारण बांध पर कई स्थानों पर रैनकट हुए हैं, जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। फिलहाल बांध को किसी तरह का खतरा नहीं है।
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माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
विश्नोहरपुर। नवाबगंज के माझा क्षेत्र में व्योन्दा, दत्तनगर, साकीपुर, माझाराठ और तुलसीपुर समेत कई गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। साकीपुर के चहलवा के ग्रामीण आवागमन के लिए निजी नावों का सहारा ले रहे हैं। व्योन्दा माझा में मुख्य मार्ग भी पानी की चपेट में है। हल्का लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि अब तक 29 कटान पीड़ितों को दो चरणों में मुआवजा दिया जा चुका है। 20 अन्य लोगों के नाम शासन को भेजे गए हैं।
इनसेट
प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए संबंधित विभागों एवं आपदा टीमों को अलर्ट रखा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है।
- रिंकी जायसवाल, सीआरओ गोंडा
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एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर 106.080 मीटर था, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से एक सेंटीमीटर ऊपर था। मंगलवार शाम आठ बजे जलस्तर बढ़कर 106.090 मीटर पहुंच गया। बुधवार सुबह आठ बजे इसमें गिरावट आई और जलस्तर 106.040 मीटर दर्ज किया गया। बुधवार शाम चार बजे भी जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन सेंटीमीटर नीचे बना हुआ था। इस बीच विभिन्न बैराजों से नदी में 3.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बढ़े डिस्चार्ज का असर बृहस्पतिवार को एल्गिन ब्रिज पर दिखाई देगा। बारिश के कारण बांध पर कई स्थानों पर रैनकट हुए हैं, जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। फिलहाल बांध को किसी तरह का खतरा नहीं है।
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माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
विश्नोहरपुर। नवाबगंज के माझा क्षेत्र में व्योन्दा, दत्तनगर, साकीपुर, माझाराठ और तुलसीपुर समेत कई गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। साकीपुर के चहलवा के ग्रामीण आवागमन के लिए निजी नावों का सहारा ले रहे हैं। व्योन्दा माझा में मुख्य मार्ग भी पानी की चपेट में है। हल्का लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि अब तक 29 कटान पीड़ितों को दो चरणों में मुआवजा दिया जा चुका है। 20 अन्य लोगों के नाम शासन को भेजे गए हैं।
इनसेट
प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए संबंधित विभागों एवं आपदा टीमों को अलर्ट रखा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है।
- रिंकी जायसवाल, सीआरओ गोंडा

गोंडा में करनैलगंज के बहुवन मदार माझा में सरयू नदी में बढ़ा पानी।