{"_id":"5c3e237cbdec227362020923","slug":"31547576188-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों की मिलीभगत से एक ही भूलेख पर तीन बार फसली ऋण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों की मिलीभगत से एक ही भूलेख पर तीन बार फसली ऋण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंकों की मिली भगत से एक ही भूलेख पर तीन बार लिया लोन
गोंडा। बैंकों की मिलीभगत से एक व्यक्ति एक ही भूलेख पर तीन बैंक से लोन ले लिया। दो बैंकों द्वारा उसका एक एक लाख रुपये का कर्जा माफी भी कर दिया गया। मामले की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अग्रणी बैंक प्रबंधक को पत्र लिखा है।
मामला विकास खंड रुपईडीह की ग्राम पंचायत पचरन का है। यहां के मजरा पंडित पुरवा निवासी बाबूराम पुत्र हरिप्रसाद छह महीने में तीन बैंकों से लाखों का फसली ऋण प्राप्त करने में सफल रहा है।
उसने मिश्रौलिया स्थित खाता संख्या 85, 86, 109, 173 व 174 की खतौनी लगाकर पहले एसबीआई की इटियाथोक शाखा से जून 2015 में 1 लाख 86 हजार का फसली ऋण प्राप्त किया। दो माह बाद दोबारा 8 सितंबर को एसबीआई की बिशुनापुर शाखा से 2 लाख 66 हजार रूपये का फसली ऋण प्राप्त किया।
विज्ञापन
30 जनवरी 2016 को उसी भूलेख पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की खरगूपुर इमिलिया शाखा से भी 2 लाख 20 हजार रूपये का फसली ऋण प्राप्त कर लिया।
गौरतलब बात यह है कि सभी बैंक ऋण देते समय क्षेत्रीय बैंकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर ही ऋण का अनुमोदन करते हैं। आरोपी द्वारा इतने कम समय में तीन बैंकों से ऋण प्राप्त करना ही चौंकाने वाला है।
सबसे उल्लेखनीय बात है कि एसबीआई की इटियाथोक व सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की खरगूपुर शाखा से एक-एक लाख रूपये का ऋण मोचन भी कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामवासी सोहन लाल भारती ने कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश व जिलाधिकारी से जाँच कराने की मांग की।
प्रारंभिक जांच में मामला सही मिलने पर जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने दोषी बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनके अग्रणी बैंक प्रबंधकों तथा जिला कृषि अधिकारी को पत्र लिखा है।
ऋण के बारे में पूछने पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक राम तेज मिश्र ने बताया कि उक्त खाताधारी उनके बैंक का पुराना ग्राहक है इसलिए उसके ऋण का नवीनीकरण किया गया था, लेकिन ऋण मोचन कृषि विभाग द्वारा किया जाता है।
एसबीआई विशुनापुर शाखा के प्रबंधक राकेश कुमार सिंह ने बताया उनके बैंक से कूट रचित दस्तावेज के सहारे ऋण प्राप्त कर लिया है जिसकी वसूली के लिए कार्यवाही की जा रही है। एसबीआई इटियाथोक शाखा के प्रबंधक का फोन स्विच ऑफ होने के कारण बात नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
गोंडा। बैंकों की मिलीभगत से एक व्यक्ति एक ही भूलेख पर तीन बैंक से लोन ले लिया। दो बैंकों द्वारा उसका एक एक लाख रुपये का कर्जा माफी भी कर दिया गया। मामले की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अग्रणी बैंक प्रबंधक को पत्र लिखा है।
मामला विकास खंड रुपईडीह की ग्राम पंचायत पचरन का है। यहां के मजरा पंडित पुरवा निवासी बाबूराम पुत्र हरिप्रसाद छह महीने में तीन बैंकों से लाखों का फसली ऋण प्राप्त करने में सफल रहा है।
विज्ञापन
उसने मिश्रौलिया स्थित खाता संख्या 85, 86, 109, 173 व 174 की खतौनी लगाकर पहले एसबीआई की इटियाथोक शाखा से जून 2015 में 1 लाख 86 हजार का फसली ऋण प्राप्त किया। दो माह बाद दोबारा 8 सितंबर को एसबीआई की बिशुनापुर शाखा से 2 लाख 66 हजार रूपये का फसली ऋण प्राप्त किया।
विज्ञापन
30 जनवरी 2016 को उसी भूलेख पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की खरगूपुर इमिलिया शाखा से भी 2 लाख 20 हजार रूपये का फसली ऋण प्राप्त कर लिया।
गौरतलब बात यह है कि सभी बैंक ऋण देते समय क्षेत्रीय बैंकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर ही ऋण का अनुमोदन करते हैं। आरोपी द्वारा इतने कम समय में तीन बैंकों से ऋण प्राप्त करना ही चौंकाने वाला है।
सबसे उल्लेखनीय बात है कि एसबीआई की इटियाथोक व सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की खरगूपुर शाखा से एक-एक लाख रूपये का ऋण मोचन भी कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामवासी सोहन लाल भारती ने कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश व जिलाधिकारी से जाँच कराने की मांग की।
प्रारंभिक जांच में मामला सही मिलने पर जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने दोषी बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनके अग्रणी बैंक प्रबंधकों तथा जिला कृषि अधिकारी को पत्र लिखा है।
ऋण के बारे में पूछने पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक राम तेज मिश्र ने बताया कि उक्त खाताधारी उनके बैंक का पुराना ग्राहक है इसलिए उसके ऋण का नवीनीकरण किया गया था, लेकिन ऋण मोचन कृषि विभाग द्वारा किया जाता है।
एसबीआई विशुनापुर शाखा के प्रबंधक राकेश कुमार सिंह ने बताया उनके बैंक से कूट रचित दस्तावेज के सहारे ऋण प्राप्त कर लिया है जिसकी वसूली के लिए कार्यवाही की जा रही है। एसबीआई इटियाथोक शाखा के प्रबंधक का फोन स्विच ऑफ होने के कारण बात नहीं हो पाई है।