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आंधी पानी से चरमराई विद्युत व्यवस्था, एक की मौत55
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:49 PM IST
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आंधी-पानी से फसल चौपट, बिजली गिरने से एक की मौत
गोंडा। देर रात आए आंधी-पानी में जहां आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई तो वहीं आंधी-पानी से खेतों में खड़ी गेंहू की फसल भी चौपट हो गई। जबकि आंधी के बाद से जिले के कई इलाकों की बिजली अभी भी गुल चल रही है।
मौसम का मिजाज शुक्रवार रात को सामान्य था। हल्की हवा चल रही थी। लेकिन देर रात करीब दो बजे अचानक मौसम बिगड़ गया। गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने लगी। कुछ ही देर में इसने आंधी और बारिश का रूप ले लिया।
उमरीबेगमगंज के दिनईपुरवा गांव निवासी रक्षाराम रात में अपने खेतोें की निगरानी के लिए गए थे। बारिश होने पर वह खेत में खुले मे पड़े भूसे को समेटने लगी कि इतने में गरज-चमक के साथ बिजली गिरी। जिसकी चपेट में आने से रक्षाराम बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है।
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नायब तहसीलदार ने बताया कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद सहायता के तौर पर मुहैया कराई जाएगी। उधर आंधी के बाद से जिले की 50 हजार आबादी की बिजली 11 केवी लाइन के फॉल्ट में होने से गुल चल रही है।
आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति पर नजर रख रहे एक्सईएन अशोक यादव, आरएस प्रसाद, नीरज व एसके साहू का कहना है कि 11 केवी की लाइनोें का काम चल रहा है। रात तक सारे फीडर रिस्टोर कर दिए जाएंगे।
फसल गिरने से घट जाएगा उत्पादन
गोंडा। शुक्रवार की रात को आये तेज आंधी पानी से जिले भर में कई स्थान पर गेहूं की फसलें गिर गई हैं। कई इलाके में जहां हवा का तेज झोंका था वहां पर फसलें जमीन से चिपक गईं। गेहूं की फसल गिर जाने से उत्पादन घटने की अनुमान है।
जिले में खरगूपुर, इटियाथोक, झंझरी, कटरा बाजार, करनैलगंज, मुजेहना आदि क्षेत्र में करीब 50 हेक्टेयर में गेहूं की फसलें गिरी हैं। गेहूं की जो फसलें गिरी हैं उसमें से करीब 30 फीसद गेहूं का उत्पादन घटने की उम्मीद है।
ऐसे गेहूं की फसलों के दाने भी पतले होंगे। जिससे किसानों के सामने उपज बेचने की भी चुनौती होगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. उपेन्द्र नाथ सिंह का कहना है कि जो गेहूं की फसलें गिर गईं है उनका उत्पादन घट जाएगा। उन्होंने बताया कि आंधी व बारिश से अन्य फसलों को नुकसान नही हुआ है।
गोंडा। देर रात आए आंधी-पानी में जहां आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई तो वहीं आंधी-पानी से खेतों में खड़ी गेंहू की फसल भी चौपट हो गई। जबकि आंधी के बाद से जिले के कई इलाकों की बिजली अभी भी गुल चल रही है।
मौसम का मिजाज शुक्रवार रात को सामान्य था। हल्की हवा चल रही थी। लेकिन देर रात करीब दो बजे अचानक मौसम बिगड़ गया। गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने लगी। कुछ ही देर में इसने आंधी और बारिश का रूप ले लिया।
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उमरीबेगमगंज के दिनईपुरवा गांव निवासी रक्षाराम रात में अपने खेतोें की निगरानी के लिए गए थे। बारिश होने पर वह खेत में खुले मे पड़े भूसे को समेटने लगी कि इतने में गरज-चमक के साथ बिजली गिरी। जिसकी चपेट में आने से रक्षाराम बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है।
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नायब तहसीलदार ने बताया कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद सहायता के तौर पर मुहैया कराई जाएगी। उधर आंधी के बाद से जिले की 50 हजार आबादी की बिजली 11 केवी लाइन के फॉल्ट में होने से गुल चल रही है।
आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति पर नजर रख रहे एक्सईएन अशोक यादव, आरएस प्रसाद, नीरज व एसके साहू का कहना है कि 11 केवी की लाइनोें का काम चल रहा है। रात तक सारे फीडर रिस्टोर कर दिए जाएंगे।
फसल गिरने से घट जाएगा उत्पादन
गोंडा। शुक्रवार की रात को आये तेज आंधी पानी से जिले भर में कई स्थान पर गेहूं की फसलें गिर गई हैं। कई इलाके में जहां हवा का तेज झोंका था वहां पर फसलें जमीन से चिपक गईं। गेहूं की फसल गिर जाने से उत्पादन घटने की अनुमान है।
जिले में खरगूपुर, इटियाथोक, झंझरी, कटरा बाजार, करनैलगंज, मुजेहना आदि क्षेत्र में करीब 50 हेक्टेयर में गेहूं की फसलें गिरी हैं। गेहूं की जो फसलें गिरी हैं उसमें से करीब 30 फीसद गेहूं का उत्पादन घटने की उम्मीद है।
ऐसे गेहूं की फसलों के दाने भी पतले होंगे। जिससे किसानों के सामने उपज बेचने की भी चुनौती होगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. उपेन्द्र नाथ सिंह का कहना है कि जो गेहूं की फसलें गिर गईं है उनका उत्पादन घट जाएगा। उन्होंने बताया कि आंधी व बारिश से अन्य फसलों को नुकसान नही हुआ है।