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287 गांवों में काम ठप
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2015 11:44 PM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट से एक तरफ जहां मौजूदा पंचायत प्रतिनिधि अधूरे कार्यों को पूरा कर दोबारा अपनी दावेदारी पक्की करने में जुट गए हैं, वहीं पंचायत चुनाव की जमीन तैयार कर रहे नेता तरह-तरह के ताने-बाने बुन रहे हैं।
मनरेगा की चल रही सीबीआई जांच के साथ ही शासन व प्रशासन स्तर से हो रही जांच के कारण गांवों में विकास का पहिया थम गया है। जिले में मनरेगा से चल रहे 287 गांवों में काम बाधित है। वहीं सामान्य गांवों में विकास के लिए बजट का रोना है।
जिले में कुल 1054 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 37 गांवों को लोहिया समग्र के रूप में चयनित किया गया। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल इन गांवों में विकास को गति देने के लिए प्रशासन ने खाका तैयार कर लिया। यही नहीं कार्य भी शुरू करा दिए गए हैं।
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समग्र गांव के इतर सामान्य गांवों में विकास कार्यों को गति देने का मुख्य जरिया मनरेगा है, लेकिन यहां मनरेगा जांच की आग में धधक रही है। यही कारण है कि जिले के 287 गांवों में विकास का पहिया थम गया है।
सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मनरेगा से बीते चार वर्षों में कराए कार्यों में 20 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की शिकायत डीएम से लेकर प्रधानमंत्री तक की थी। इस पर शासन और प्रशासन स्तर से जांच प्रारंभ हो गई। जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने मनरेगा गाइड लाइन के विपरीत राशि खर्च करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों से वसूली करने करने के आदेश भी जारी कर दिए । दूसरी तरफ सीबीआई भी मनरेगा की जांच कर रही है। इन्हीं सब को लेकर अधिकांश गांवों में विकास की गति थम ही गई।
वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए मनरेगा के तहत 110 करोड़ रुपये लेबर बजट की डिमांड जिले से की गई थी, जिसमें से 105 करोड़ रुपये के लेबर बजट को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है। इसके बावजूद जांच की आंच से मनरेगा के कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है।
चुनाव की आहट से पिछली बार पंचायत चुनाव में विफल रहे प्रत्याशी इस बार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इंद्रापुर से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ चुकीं गीता पाठक, बनगाई की उमा मिश्रा व चौरीभारी के राधे किशुन तिवारी कहते हैं कि गांव का जितना विकास होना चाहिए, वह नहीं हो पाया। कई जगह विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिसे जनता के सामने लाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
जिले में विकास कार्य हो रहे हैं। जहां बजट और विकास कार्य रुका है, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ व ग्राम सचिवों को निर्देश जारी किए गए हैं कि शीघ्र ही कार्य पूरे करा लिए जाएं। लोहिया समग्र गांव में अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया गया है। - जयंत कुमार दीक्षित, सीडीओ
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मनरेगा की चल रही सीबीआई जांच के साथ ही शासन व प्रशासन स्तर से हो रही जांच के कारण गांवों में विकास का पहिया थम गया है। जिले में मनरेगा से चल रहे 287 गांवों में काम बाधित है। वहीं सामान्य गांवों में विकास के लिए बजट का रोना है।
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जिले में कुल 1054 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 37 गांवों को लोहिया समग्र के रूप में चयनित किया गया। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल इन गांवों में विकास को गति देने के लिए प्रशासन ने खाका तैयार कर लिया। यही नहीं कार्य भी शुरू करा दिए गए हैं।
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समग्र गांव के इतर सामान्य गांवों में विकास कार्यों को गति देने का मुख्य जरिया मनरेगा है, लेकिन यहां मनरेगा जांच की आग में धधक रही है। यही कारण है कि जिले के 287 गांवों में विकास का पहिया थम गया है।
सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मनरेगा से बीते चार वर्षों में कराए कार्यों में 20 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की शिकायत डीएम से लेकर प्रधानमंत्री तक की थी। इस पर शासन और प्रशासन स्तर से जांच प्रारंभ हो गई। जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने मनरेगा गाइड लाइन के विपरीत राशि खर्च करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों से वसूली करने करने के आदेश भी जारी कर दिए । दूसरी तरफ सीबीआई भी मनरेगा की जांच कर रही है। इन्हीं सब को लेकर अधिकांश गांवों में विकास की गति थम ही गई।
वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए मनरेगा के तहत 110 करोड़ रुपये लेबर बजट की डिमांड जिले से की गई थी, जिसमें से 105 करोड़ रुपये के लेबर बजट को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है। इसके बावजूद जांच की आंच से मनरेगा के कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है।
चुनाव की आहट से पिछली बार पंचायत चुनाव में विफल रहे प्रत्याशी इस बार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इंद्रापुर से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ चुकीं गीता पाठक, बनगाई की उमा मिश्रा व चौरीभारी के राधे किशुन तिवारी कहते हैं कि गांव का जितना विकास होना चाहिए, वह नहीं हो पाया। कई जगह विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिसे जनता के सामने लाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
जिले में विकास कार्य हो रहे हैं। जहां बजट और विकास कार्य रुका है, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ व ग्राम सचिवों को निर्देश जारी किए गए हैं कि शीघ्र ही कार्य पूरे करा लिए जाएं। लोहिया समग्र गांव में अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया गया है। - जयंत कुमार दीक्षित, सीडीओ